शादी में म्यूजिक बजाने पर तालिबान ने की 13 की हत्या- अफगानिस्तान के पूर्व उपराष्ट्रपति का दावा
नई दिल्ली, 30 अक्टूबर: अफगानिस्तान पर पूरी तरह से कब्जा करके तालिबान ने अंतरिम सरकार की घोषणा तो कर दी, लेकिन वहां की जनता पर अत्याचारों का सिलसिला जारी है। अब वहां के पूर्व उपराष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह ने दावा किया कि तालिबान ने नंगरहार प्रांत में एक शादी के दौरान नरसंहार कर 13 लोगों को मौत के घाट उतार दिया। इसके पीछे का मकसद सिर्फ शादी में बज रहे गाने को बंद करवाना था।

सालेह ने ट्वीट कर लिखा कि तालिबान ने एक पार्टी में संगीत के लिए 13 लोगों की हत्या कर दी। अब प्रतिरोध एक राष्ट्रीय जरूरत है, इसके लिए निंदा पर्याप्त नहीं है। हम केवल निंदा करके अपना गुस्सा व्यक्त नहीं कर सकते। उन्होंने इस नरसंहार के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया। पूर्व राष्ट्रपति ने आगे लिखा कि पाकिस्तान ने 25 साल तक उन्हें (तालिबान) अफगान संस्कृति को मारने और हमारी जमीन को नियंत्रित करने के लिए प्रशिक्षित किया। इसमें ISI का बड़ा हाथ है। अब ये प्लान काम कर रहा और अफगानी लोग इसकी कीमत चुका रहे हैं।
पहले भी उठाए ऐसे कदम
आपको बता दें कि 15 अगस्त को तालिबान ने अफगानिस्तान पर जब कब्जा किया, तब से ऐसी घटनाएं जारी हैं। अभी तक तालिबान ने कई कलाकारों, संगीतकारों और खिलाड़ियों को मौत के घाट उतारा है। इसके अलावा तालिबान ने अफगानिस्तान के कंधार में टेलीविजन और रेडियो चैनलों पर संगीत और महिलाओं के आवाज में प्रसारण पर भी रोक लगा दी। तालिबानी लड़ाकों ने 4 सितंबर को अफगानिस्तान नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ म्यूजिक को बंद करवा दिया था।
संगीत से क्यों है दिक्कत?
कुछ दिनों पहले द न्यू यॉर्क टाइम्स को दिए इंटरव्यू में तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा था कि इस्लाम में संगीत की मनाही है, लेकिन हम उम्मीद कर रहे हैं कि लोग बिना दबाव के ऐसी चीजों से तौबा कर लें।












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