दुनिया का रखवाला बनेगा अमेरिका का ये शख्स, शरीर में मिली कोरोना की सुपर एंटीबॉडी, बनेगी बेहद कारगर वैक्सीन!

अमेरिका के वर्जीनिया में एक ऐसा शख्स मिला है जिसके अंदर कोरोना का सुपर एंटीबॉडी मिला है। ये एंटीबॉडी कोरोना वायरस के नये स्ट्रेन पर भी कारगार है।

वाशिंगटन: अमेरिका के वर्जीनिया में एक ऐसा शख्स मिला है जिसके अंदर कोरोना का सुपर एंटीबॉडी मिला है। ये एंटीबॉडी कोरोना वायरस के नये स्ट्रेन पर भी कारगार है। इस शख्स के ऊपर कोरोना वायरस ने हमला किया था लेकिन इसे पता भी नहीं चल पाया। रिपोर्ट के मुताबिक वर्जीनिया के जॉन पॉल के अंदर मौजूद सुपर एंटीबॉडी एक साथ कई जगह से कोरोना वायरस पर हमला करता है जिसकी वजह से कोरोना वायरस जॉन हॉलिस का कुछ बिगाड़ नहीं पाया। रिपोर्ट के मुताबिक जॉन के अंदर मौजूद एंटीबॉडी से ऐसी वैक्सीन बनाई जा सकती है, जो कोरोना वायरस के नये स्ट्रेन को जड़ से खत्म कर सकती है।

अमेरिका में मिला सुपर एंटीबॉडी

अमेरिका में मिला सुपर एंटीबॉडी

जॉन अमेरिका के वर्जीनिया शहर के रहने वाले हैं और उनके अंदर कोरोना का सुपर एंटीबॉडी पाया गया है। हर शख्स के अंदर एंटीबॉडी मौजूद होता है जो शरीर पर आक्रमण करने वाले वायरस से शरीर की रक्षा करता है। वैक्सीन के जरिए भी शरीर के अंदर किसी बीमारी से लड़ने के लिए एंटीबॉडी डेपलप किया जाता है। लेकिन, अमेरिका के वर्जीनिया के रहने वाले जॉन के अंदर कोरोना वायरस का सुपर एंटीबॉडी मिलना किसी चमत्कार से कम नहीं है। क्योंकि, अब जॉन के शरीर में मिले एंटीबॉडी से कोरोना का सबसे कारगर वैक्सीन बनाने की उम्मीद जग गई है जो कोरोना वायरस के किसी भी वेरिएंट के खिलाफ कारगर साबित होगी। रिपोर्ट के मुताबिक जॉन के अंदर मिला एंटीबॉडी इतना शक्तिशाली है कि उन्हें लिक्विड फॉर्म में 10 हजार गुना पतला भी किया जाए तो ये बीमारी के खिलाफ इफेक्टिव होगी।

पिछले साल पड़े थे बीमार

पिछले साल पड़े थे बीमार

जॉन के मुताबिक वो पिछले साल मार्च महीने में यूरोप से अमेरिका वापस लौटे थे। उनके साथ उनका 16 साल का बेटा भी मौजूद था। यूरोप से लौटने के बाद उन्हें शरीर में थोड़ी सी जकड़न महसूस हुई और उन्हें लगा कि शायद ये मौसम की वजह से ऐसा हो रहा है। लेकिन, कुछ हफ्ते बाद उनका रूममेट काफी ज्यादा बीमार पड़ गया। उस वक्त उन्हें कोरोना वायरस संक्रमण के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। जॉन के रूममेट की स्थिति काफी ज्यादा बिगड़ गई थी और उन्हें लगने लगा कि अब उनकी भी तबीयत खराब होगी और शायद वो जिंदा नहीं बचने वाले हैं। जॉन ने सोचा कि शायद वो अब कभी अपने बेटे को दोबारा नहीं देख पाएंगे।

बेटे के लिए लिखी आखिरी चिट्ठी

बेटे के लिए लिखी आखिरी चिट्ठी

जॉन बताते हैं कि उनका दोस्त काफी ज्यादा सीरियस था और उन्हें लग रहा था कि वो भी नहीं बचने वाले हैं, लिहाजा उन्होंने अपने बेटे के लिए आखिरी चिट्ठी भी लिख डाली। हालांकि, अब वो इस बात के लिए संतोष जाहिर करते हैं कि उन्होंने वो चिट्ठी अपने बेटे को नहीं दी। इलाज के बाद जॉन का दोस्त ठीक हो गया लेकिन उन्हें कुछ नहीं हुआ। एक यूनिवर्सिटी में बतौर कम्यूनिकेशन मैनेजर के तौर पर काम करने वाले जॉन बताते हैं कि पिछले साल एक डॉक्टर कोरोना एंटीबॉडी को लेकर क्लिनिकल ट्रायल कर रहे थए और उन्होंने भी अपना ब्लड जांच के लिए दिया था। जब जॉन ने डॉक्टर से अपनी मेडिकल रिपोर्ट के बारे में पूछा तो डॉक्टर ने उन्हें बताया कि उनके ऊपर कोरोना अटैक हुआ था। जिसे उनके शरीर में मौजूद एंटीबॉडी ने खत्म कर दिया है। डॉक्टर ने जॉन से लार और खून के नमूने जांच के लिए लिए थे। डॉक्टर ने जॉन को बताया कि उनके शरीर में मौजूद एंटीबॉडी इतना ज्यादा मजबूत है कि ये कोरोना वायरस के किसी भी स्ट्रेन को हरा सकता है।

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