Karachi US Consulate Attack: खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान में कत्लेआम, शिया समुदाय ने बोला धावा, 8 मौतें!
Karachi US Consulate Attack: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) की मौत के बाद पाकिस्तान के कराची शहर में भारी विरोध प्रदर्शन हुए, जो हिंसक झड़पों में बदल गए।
प्रदर्शनकारी, मुख्य रूप से शिया समुदाय(Shia Community) के लोग, अमेरिका और इजरायली के संयुक्त हमले की निंदा करते हुए अमेरिकी वाणिज्य दूतावास (US Consulate) पर धावा बोलने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भिड़ंत हुई, जिसमें कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए।

37 साल से ईरान के सर्वोच्च नेता
28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायली ने ईरान पर बड़े पैमाने पर संयुक्त सैन्य कार्रवाई शुरू की, जिसे अमेरिका ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी (Operation Epic Fury) और इजरायली ने रोर ऑफ द लायन नाम दिया। इस अभियान में तेहरान स्थित खामेनेई के कार्यालय पर हमला हुआ, जिसमें ईरानी राज्य मीडिया ने उनकी मौत की पुष्टि की। खामेनेई, जो 37 साल से ईरान के सर्वोच्च नेता थे, की मौत ने पूरे मुस्लिम दुनिया में आक्रोश फैला दिया।
ईरान ने इस हमले को 'आक्रामकता' करार दिया और 40 दिनों का शोक घोषित किया। मौत की खबर फैलते ही पाकिस्तान में, खासकर कराची में जहां बड़ी संख्या में शिया आबादी है, विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। प्रदर्शनकारी अमेरिका को मुख्य जिम्मेदार मानते हुए कराची के राजनयिक इलाके में स्थित US Consulate की ओर मार्च करने लगे।
क्या हुआ कराची में?
- प्रदर्शनकारी बड़ी संख्या में जमा हुए और दूतावास के प्रवेश द्वार पर पहुंचे।
- कुछ प्रदर्शनकारियों ने परिसर में घुसने की कोशिश की, खिड़कियां तोड़ीं, तोड़फोड़ की और यहां तक कि गार्ड हाउस में आग लगाने की कोशिश की।
- पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे, चेतावनी के तौर पर हवाई फायरिंग की और कुछ मामलों में गोलीबारी भी हुई।
- सड़कें ब्लॉक कर दी गईं, जैसे माई कोलाची से सुल्तानाबाद जाने वाले रास्ते बंद रहे।
- पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर अतिरिक्त फोर्स तैनात की।
मौतें और घायल
रिपोर्ट्स के अनुसार, झड़पों में 8 से अधिक लोगों की मौत हुई, जबकि दर्जनों घायल हैं। कुछ स्रोतों में मौतों की संख्या 5-8 के बीच बताई गई, लेकिन हिंसा की तीव्रता से यह संख्या बढ़ सकती है। ज्यादातर मौतें गोलीबारी या आंसू गैस से जुड़ी चोटों के कारण हुईं।
वैश्विक संदर्भ और प्रभाव
यह घटना अमेरिका-इजरायली-ईरान संघर्ष के दूसरे दिन हुई, जब दोनों तरफ से मिसाइल हमले जारी थे। खामेनेई की मौत ने ईरान की सीमाओं से बाहर भी अस्थिरता फैलाई है, खासकर पाकिस्तान जैसे देशों में जहां शिया समुदाय मजबूत है। पाकिस्तानी अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
यह घटना दिखाती है कि मध्य पूर्व का तनाव अब क्षेत्रीय स्तर पर फैल रहा है, जहां ईरान समर्थक समूह अमेरिकी हितों को निशाना बना सकते हैं। फिलहाल कराची में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है, और आगे क्या होता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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