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सोमालिया में चल रहे हैं 98 फीसदी नकली नोट, 26 साल बाद छपेंगे नए नोट

By Sachin Yadav
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नैरोबी। अंतर्राष्‍ट्रीय मुद्रा कोष ने दुनिया के सबसे गरीब देशों में से एक सोमालिया के उस प्रस्‍ताव को अपना समर्थन दिया है जिसमें उसने नए करेंसी नोट छापने की बात कही है। इससे पहले सोमालिया में करीब तीन दशक पहले सिविल वार के समय करेंसी नोट छापे गए थे। बताया जा रहा है कि इस साल सोमालिया में नए नोट छपकर आ जाएंगे। आईएमएफ के कंट्री हेड सांबा थईम ने बताया कि नए नोट आने के बाद फर्जी और पुराने नोटों की जगह यह नोट ले लेंगे।

सोमालिया में चल रहे हैं 98 फीसदी नकली नोट, 26 साल बाद छपेंगे नए नोट

सांबा थईम ने बताया कि सोमालिया में इस समय जितने भी करेंसी बाजार में है, उनमें से ज्‍यादातर नकली करेंसी है। थईम ने यह बात एक इंटरव्‍यू में केन्‍या की राजधानी नैरोबी में कही।

आपको बताते चलें कि वर्ष 1991 में तानाशाह मोहम्‍मद सियाद बर्रे ने पूरे सोमालिया में तानाशाही शुरु कर दी थी। विश्‍व बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक सोमालिया दुनिया का पांचवां सबसे गरीब देश है जिसकी वार्षिक प्रति व्‍यक्ति आय सिर्फ 435 डॉलर से भी कम है।

थईम ने कहा कि शुरुआत में छोटी करेंसी के नोट छापे जाएंगे और इसकी मदद से सोमालिया के केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति को फिर से बहाल किया जाएगा। पर अभी भी सोमालिया के केंद्रीय बैंक के पास इस प्‍लान को लागू करने के लिए फंड नहीं है। उन्‍होंने कहा कि एक बार सोमालिया की सरकार निर्णय कर ले तो फिर फ्लोटिंग या फिक्‍सड करेंसी को लागू करना है तो डोनर्स इस बारे में समर्थन करेंगे।

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English summary
after 26 years somalia to print first currency notes in quarter century
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