• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

शांति वार्ता के बीच अफगानिस्‍तान 200 तालिबानी कैदियों को करेगा रिहा

|

काबुल। अफगानिस्‍तान ने शांति वार्ता के बीच ही 200 तालिबानी कैदियों को रिहा करने का फैसला किया है। टोलो न्‍यूज की ओर से बताया गया है कि कम से कम 170 तालिबानी कैदियों को पुल-ए-चरखी और 130 कैदियों को मंगलवार को रिहा किया जाएगा। अफगानिस्‍तान की सरकार ने यह कदम ऐसे समय में उठाया है जब करीब दो दशकों से जारी युद्ध को खत्‍म करने के लिए शांति वार्ता जारी है।

afghanistsn-taliban

ईद पर किया था ऐलान

टोलो न्‍यूज की ओर से अफगानिस्‍तान सरकार के सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि सरकार ने ऐसे कैदियों को रिहा करने का फैसला किया है जो तालिबान से जुड़े हैं और जिन पर उनकी मदद करने के आरोप लगे हैं। तालिबान कैदियों को रिहा करने का ऐलान राष्‍ट्रपति अशरफ घनी की ओर से मई में आयोजित अफगान ग्रांड काउंसिल के आखिर दिन पर किया गया था। काउंसिल तीन मई को खत्‍म हुई और इस दौरान तालिबान के साथ शांति वार्ता पर जोर दिया गया था। घनी ने रमजान के पवित्र माह के दौरान तालिबानी कैदियों को रिहाई के लिए आदेश दिया था। इसके बाद ईद के मौके पर अफगान राष्‍ट्रपति ने 887 कैदियों को रिहा करने का आदेश दिया। इन कैदियों को डिप्‍लोमैटिक सुलह के जरिए आतंकी संगठनों को बातचीत के लिए प्रेरित करने के मकसद से रिहा करने का फेसला किया गया था। इस बीच सरकार के आलोचकों को कहना है कि इस फैसले का नकारात्‍मक असर पड़ेगा क्‍योंकि देश के हालात पहले ही खराब हैं और फैसले से हालात उल्‍टा असर पड़ सकता है।

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Afghanistan releases more than 200 Taliban prisoners amid peace talks.
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more