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अफगान राजदूत की बेटी 'सिलसिला' अपहरण कांड, गले में मिली चिट्ठी और 50 का नोट, जानिए खौफनाक कहानी

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इस्लामाबाद, जुलाई 18: पाकिस्तान कितना असुरक्षित और खतरनाक मुल्क है, इसका अंदाजा आप अफगानिस्तान की राजदूत की बेटी के साथ पांच घंटे तक हुई बर्बरता से लगा सकते हैं। अफगानिस्तान के राजदूत नजीबुल्लाह अलीखिल की बेटी सिलसिला को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद से बीच-बाजार अपहरण किया गया, उसे पांच घंटों तक बुरी तरह से टॉर्चर किया गया, लेकिन इमरान खान सरकार हाथ पर हाथ धड़े बैठी रही। नजीबुल्लाह अलीखिल ने खुद इस खौफनाक दास्तान को बताया है और सिलसिला के साथ जो कुछ हुआ है, उसे जानकर आपके होश फाख्ता हो जाएंगे।

कैसे किया गया अपहरण ?

कैसे किया गया अपहरण ?

अफगानिस्तान के पाकिस्तान में राजदूत हैं नजीबुल्लाह अलीखिल और उनकी बेटी का नाम है सिलसिला अलीखिल, जो 26 साल की हैं। इस्लामाबाद स्थित अफगान दूतावास में पूरा परिवार रहता है और सिलसिला इस्लामाबाद के काफी ज्यादा पॉश माने जाने वाले बाजार में कुछ काम से गईं थीं। वहां, कुछ लोगों ने उनका सैकड़ों लोगों के सामने अपहरण कर लिया, लेकिन अपहरणकर्ताओं को रोकने के लिए वहां मौजूद पुलिस ने कुछ नहीं किया। अपहरणकर्ता बड़े आराम से सिलसिला को व्यस्ततम बाजार से ले जाते हैं और फिर कहीं सुनसान इलाके में ले जाकर उसे टॉर्चर करना शुरू कर देते हैं। करीब पांच घंटे तक सिलसिला को बुरी तरह से पीटा जाता है और फिर उसे एक रास्ते पर गले में एक चिट्ठी और पचास रूपये के एक पाकिस्तानी नोट के साथ फेंक दिया जाता है।

बुरी तरह से किया गया टॉर्चर

बुरी तरह से किया गया टॉर्चर

सिलसिला को बेहद गंभीर हालत में इस्लामाबाद अस्पताल में भर्ती कराया जाता है। इस्लामाबाद अस्पताल के मेडिकल रिपोर्ट को न्यूज एजेंसी एसोसिएट प्रेस ने देखा है और उसकी जानकारी दी है। एसोसिएट प्रेस ने कहा है कि मेडिकल रिपोर्ट में बताया गया है कि सिलसिला को बर्बर तरीके से टॉर्चर किया गया है। उसके पैरों की हड्डियों को तोड़ दिया गया है और कलाईयों में कई फ्रैक्चर हैं। उसके घुटनों में काफी चोट है। मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक सिलसिला की कलाई में काफी जोर से रस्सी बांधी गई थी और मुंह में कपड़ा ठूंसकर उसे बहुत बुरी तरह से पीटा गया था। मेडिकल रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि सिलसिला के शरीर की कई और हड्डियां टूटी हो सकती हैं, जिसका पता एक्सरे और दूसरी जांच के बाद चल सकेगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि पांच घंटे तक अपहरणकर्ताओं ने सिलसिला को अपने कब्जे में रखा और फिर उसे पुलिस अस्पताल लेकर आई। लेकिन, अपहरणकर्ता कौन थे और सिलसिला पुलिस को कैसे मिली, इन सबकी कोई जानकारी पाकिस्तान सरकार ने अब तक नहीं दी है। इस बात का भी पता नहीं लगा है कि सिलसिला को क्यों अगवा किया गया और उसे छोड़ क्यों दिया गया?

गले में चिट्ठी और 50 रुपये का नोट

पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक सिलसिला के गले में पचास रूपये के एक नोट के साथ एक चिट्ठी मिली है। जिसमें लिखा था 'कम्युनिस्ट अगला नंबर तेरा है'। बताया जा रहा है कि अपहरणकर्ताओं ने सिलसिला के पिता, यानि अफगानिस्तान के पाकिस्तान के राजदूत नजीबुल्लाह अलीखिल को धमकी दी है, कि उनका भी यही हस्र किया जाएगा। अफगानिस्तान के राजदूत ने ट्विटर पर लिखा है कि 'उनकी बेटी के साथ क्रूरतम व्यवहार किया गया है, उसे बुरी तरह से टॉर्चर किया गया है, अल्लाह के आशीर्वाद से वो बच गई है'। लेकिन, सवाल ये उठता है कि आखिर किसी देश के राजदूत की बेटी को भला कोई भी संगठन कैसे अगवा कर सकता है, बिना सरकार की मर्जी के? सवाल यही हैं कि क्या पाकिस्तान सरकार खुद इस अपहरण कांड के पीछे शामिल है? क्या पाकिस्तान सरकार ने राजदूत की बेटी को अगवा करवाकर अफगानिस्तान को एक तरह से संदेश देने की कोशिश की है?

बेशर्मी पर उतरी इमरान सरकार

सिलसिला के साथ पाकिस्तान में 5 घंटे तक जो हुआ, उसने इमरान खान को पूरी तरह से बेनकाब कर दिया है और इस घटना से एक बार फिर साबित हो रहा है कि पाकिस्तान अपने मकसद को पाने के लिए बहू- बेटियों को अगवा करने या उन्हें मारने से भी पीछे नहीं हटेगा। खुद पाकिस्तान के अंदर से इस घटना के खिलाफ आवाजें उठ रही हैं। पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार हामिद मीर ने ट्विट करते हुए इमरान खान को घेरा है और पूछा है कि 'इस्लामाबाद में इस प्रकार की घटना कैसे हो सकती है?' उन्होंने सवाल उठाते हुए पूछा कि 'शहर में लगे इतने महंगे कैमरों का भला फिर क्या काम है?' हामिद मीर ने इमरान खान को कटघरे में खड़ा करते हुए पूछा है कि 'इस्लामाबाद में पत्रकारों को इसी तरह से अगवा किया जाता है, पुलिस अधिकारियों को भी इसी तरह से अगवा किया जाता है'। वहीं, पाकिस्तान की तरफ से सिर्फ बेशर्मी भरे बयान आ रहे हैं। सिलसिला अपहरणकांड के कई घंटे बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक पाकिस्तान की सरकार ये भी पता नहीं लगा पाई है कि अपहरणकर्ता कौन हैं, उन्हें पकड़ने की बात तो दूर है।

बेटियों को अगवा करवाएंगे इमरान ?

अफगान राजदूत की बेटी सिलसिला के अपहरण कांड के बाद लोग पूछ रहे हैं कि क्या अब इमरान खान अपना मकसद हासिल करने के लिए बेटियों को अगवा करवाएंगे? पाकिस्तान की वरिष्ठ महिला सांसद शेरी रहमान ने इमरान खान से पूछा है कि 'अफगानिस्तान राजदूत की जवान बेटी को इस्लामाबाद की सड़कों पर स्वतंत्र घूमने में कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए और सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण ये है कि उसे पाकिस्तान सरकार से डिप्लोमेटिक संबंधों के तहत सुरक्षा हासिल होनी चाहिए'। वहीं, अफगानिस्तान सरकार ने काबुल में पाकिस्तानी राजदूत को तलब किया है और पाकिस्तान सरकार को जमकर लताड़ लगाई है और जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़ने की मांग की है। सवाल ये उठ रहा है कि अफगान राजदूत की बेटी को कोई गली का गुंडा क्यों किडनैप करेगा? और अगर गलती से करता भी है, तो उसे बिना फिरौती लिए कैसे छोड़ सकता है? जाहिर सी बात है, बिना पाकिस्तान सरकार के इशारे के ना उसे अगवा किया गया होगा और ना ही छोड़ा गया होगा। ऐसे में पाकिस्तान से विश्व समुदाय को सख्त सवाल पूछने चाहिए और पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराते हुए उसे अलग-थलग करना चाहिए।

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English summary
The daughter of the Afghan ambassador who was kidnapped in Pakistan survived, but the story that has come out is horrifying
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