'भारत को भेजी 50 करोड़ डॉलर की कोविड राहत', अमेरिका ने कहा- भारत से मिली मदद है याद
नई दिल्ली, 29 मई। कोविड-19 की दूसरी लहर से भारत की जंग में अमेरिका ने भारत को 50 करोड़ डॉलर की कोविड राहत सामग्री की आपूर्ति की है। अमेरिका के दक्षिण और मध्य एशिया ब्यूरो के एक्टिंग सेक्रेटरी डीन थॉम्पसन ने ये जानकारी दी है। थॉम्पसन ने कहा अमेरिकी सरकार, राज्य सरकारें, अमेरिकी कंपनियां और नागरिकों ने भारत को संकट से निकलने में मदद की है।
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भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर इन दिनों अमेरिका की यात्रा पर हैं जहां पर उनकी अपने समकक्ष एंटनी ब्लिंकन से मुलाकात हुई है। इस बैठक में अमेरिका के एक्टिंग असिस्टेंट सेक्रेटरी डीन थॉम्पसन भी मौजूद थे।
20 करोड़ वैक्सीन बनाने के लिए कच्चा माल
बैठक के बाद थॉम्पसन ने कहा है कि "हमने महत्वपूर्ण वैक्सीन आपूर्ति से जुड़े अपने एक आदेश को पुनिर्निदेशित किया है जिसके चलते भारत भारत को एस्ट्राजेनेका कोविड-19 वैक्सीन की 2 करोड़ अतिरिक्त डोज बनाने की अनुमति मिलेगी।"
पिछले महीने राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा था कि अमेरिका "कोविड-19 टीके बनाने के लिए ऑक्सीजन और अन्य सामग्री भेजकर" बहुत कुछ कर रहा है। बाइडेन ने पीएम मोदी से बात की थी जिसके बाद अमेरिका वैक्सीन के लिए कच्चा माल भेजने के लिए तैयार हुआ था।
भारत से मिली मदद को किया याद
इसके पहले भारत ने भी पिछले साल कोविड राहत पहुंचाई थी जब कोविड-19 मामलों में वृद्धि के कारण अमेरिका गहरे संकट में था। अमेरिकी विदेश मंत्री ने मुलाकात में भारत से मदद पहुंचने के महत्व को भी स्वीकार किया है। ब्लिंकन ने कहा "भारत हमारी जरूरत के समय जल्दी ही हमारी सहायता के लिए आया जब हम कोविड-19 के साथ बुरी तरह संघर्ष कर रहे थे।" उन्होंने आगे कहा "हमें वह याद है, और हम अब मदद करने के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए दृढ़ हैं।"
जयशंकर ने किया धन्यवाद
अमेरिकी विदेश मंत्री से मुलाकात को एस जयशंकर ने अच्छा बताया और कहा कि दोनों के बीच विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई है। जयशंकर ने कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में "बहुत ही कठिन" वक्त में "मजबूत समर्थन और एकजुटता" के लिए बाइडेन प्रशासन का धन्यवाद किया है।
जयशंकर ने अपने ट्वीट में कहा एंटनी ब्लिंकन से अच्छी मुलाकात हुई। क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर हमारे द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा हुई है। हमने हिंद प्रशांत, क्वॉड, अफगानिस्तान, म्यांमार और संयुक्त राष्ट्र महासभा और अन्य अंतराष्ट्रीय संस्थाओं पर चर्चा की।"
दोनों नेताओं के बीच भारत-चीन के बीच सीमा तनाव को लेकर भी चर्चा हुई है। हालांकि भारतीय विदेश मंत्री ने खुलकर चीन का नाम नहीं लेकिन अमेरिकी विदेश मंत्री ने अपने बयान में इसका जिक्र किया है।












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