सच होती दिख रही भविष्यवाणी, बर्ड फ्लू से बच्ची की मौत ने बढ़ाई वैज्ञानिकों की चिंता
दुनिया के अधिकांश हिस्सों में फैले बर्ड फ्लू को लेकर वैज्ञानिकों को उस वक्त ज्यादा चिंता सताने लगी, जब इस बीमारी से एक 11 साल की बच्ची ने अपनी जान गंवा दी। मामला सुर्खियों में है।

बीते कुछ सालों में कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। कोरोना का कहर एक नहीं बल्कि लगभग सभी देशों पर जमकर बरपा है। न जाने कितने ही लोगों ने इस खतरनाक बीमारी में अपनों को खोया। इस बीमारी के कहर से लोग शारीरिक और मानसिक दोनों ही तरीकों से बुरी तरह से टूटे। लेकिन कोरोना का कहर खत्म हुआ ही, कि बर्ड फ्लू ने अपना आतंक फैलाना शुरू कर दिया है। वैज्ञानिकों ने भविष्यवाणी की थी कि बर्ड फ्लू स्थनधारियों में फैलने के बाद महामारी बन सकता है। अब इस बीच खबर आई है कि बर्ड फ्लू ने कंबोडिया में एक 11 साल की लड़की की जान ले ली है। मामला काफी चौंकाने वाला है।

तेजी से पैर पसार रहा बर्ड फ्लू
बर्ड फ्लू से इस 11 साल की बच्ची की कंबोडिया में जान चली गई। हैरान करने वाली बात तो ये है कि मौत से पहले ये बच्ची सिर्फ 6 दिनों से ही बीमार थी। उसे बुखार, जुकाम और गले में दर्द की शिकायत थी। बच्ची की मौत की पुष्टि देश के कम्यूनिकेबल डिसीज कंट्रोल डिपार्टमेंट ने की। जिन्होंने ये कहा कि प्री वेंग प्रांत की इस लड़की को बर्ड फ्लू से पॉजिटिव पाया गया था।

50 मिलियन मुर्गों की मौत ने डराया
लड़की की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग थोड़ा और ज्यादा अलर्ट हो गया है। मामले के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी कहा कि स्थनधारियों के लिए हाल ही में इस बीमारी के फैलने पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है। ये बीमारी दुनिया के अधिकांश हिस्सों में आ चुकी है। इसके साथ ही बर्ड फ्लू के फैलने की खबर के बाद यूरोप में 50 मिलियन मुर्गों के मरने की खबर ने एक नया डर पैदा कर दिया है।

जागरूकता फैलाने के प्रयास हुए तेज
एक्सपर्ट की मानें तो एचपीएआई एच5एन1 वायरस और सार्स सीओवी 2 जैसे उभरते वायरसों की संवेदनशीलता को देखते हुए कृषि प्रणाली और जैव सुरक्षा की मजबूती पर ध्यान दिए जाने पर बात की जा रही है। इसके साथ ही विज्ञापनों के काम में भी तेजी लाना बहुत जरूरी हो गया है। कई कार्यक्रम चलाए जाने की भी बात की जा रही है ताकि लोगों में इस वायरस और बीमारी को लेकर जागरूकता फैलाई जा सके।

क्या बोले वायरोलॉजिस्ट?
इस बीमारी के फैलने और इससे हुई मौत के सवाल के जवाब में डच वायरोलॉजिस्ट मैरियन कोपमैन्स ने कहा कि मनुष्य अब आग से खेल रहे हैं। जबकि ब्रिटिश डॉक्टर जेरेमी फरार ने कहा कि विनाशकारी फ्लू महामारी का सबसे बड़ा जोखिम एवियन या एनिमल फ्लू है। जो स्तनधारियों को ही ज्यादातर प्रभावित करता है।
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