Indore Beggar : विकलांग बनकर चौराहे पर भीख मांग रहा था भिखारी, पजामे में था 'कटा हुआ हाथ'
इंदौर, 15 अगस्त: ट्रैफिक सिग्नल हो या बाजार, रेस्टोरेंट हो या पार्किंग या फिर किसी भी मॉल के बाहर, आपके पहुंचते ही भीख मांगने वाले आपके पास पहुंच जाते हैं। ये वो होते हैं जो गरीब, असहाय और हकीकत में जरूरतमंद होते हैं, लेकिन इन लोगों की आड़ में कुछ ऐसे लोग भी हैं, जो नाटकीय ढंग से दिव्यांग बन जाते हैं और लोगों की दया भावना का फायदा उठाकर सड़कों पर भीख मांगते हैं। ऐसे ही एक भिखारी की पोल तब खुल गई जब एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने उसकी मदद करनी चाही। हकीकत सामने आई तो फर्जी दिव्यांग बना भिखारी दोनों हाथ जोड़कर माफी मांगने लगा।

इंदौर के एलआईजी चौराहे पर भीख मांग रहा था युवक
मामला मध्य प्रदेश के इंदौर का है। एलआईजी चौराहे पर करीब 25 वर्षीय युवक भीख मांग रहा था। युवक ने एक हाथ की तरफ से शर्ट की स्लीव को इस तरह मोड़ रखा, जिससे हर किसी को लगे कि उसका एक हाथ कटा हुआ है। ट्रैफिक सिग्नल पर गाड़ियां जैसे ही रुकीं, वह लोगों से रोते-गिड़गिड़ाते हुए भीख मांगने लगा। दिव्यांग समझकर लोग उसे रुपए भी देने लगे।

पुलिसकर्मी ने मदद करनी चाही, खुल गई दिव्यांग भिखारी की पोल
चौराहे पर खड़े ट्रैफिक पुलिसकर्मी सुमंत सिंह ने दिव्यांग भिखारी को देखा। उसने भिखारी की मदद करने का मन बनाया और सोचा कि उसके टूटे हाथ की बजाय उसका नकली हाथ बनवाकर उसकी सहायता की जाए। ट्राफिक पुलिसकर्मी ने भिखारी को पास बुलाया और उसके हाथ को देखना चाहा तो युवक झपट्टा मारकर वहां से भाग निकला। पुलिसकर्मी पूरा मामला समझ गया और उसके पीछे दौड़ लगा दी।

दिव्यांग भिखारी दोनों हाथ जोड़कर खड़ा हो गया और मांगने लगा माफी
पुलिसकर्मी ने युवक को दौड़ाकर पकड़ा तो वह छोड़ देने की गुहार लगाने लगा। पुलिसकर्मी ने उसके हाथ को देखा तो दंग रह गया। दिव्यांग बने युवक की पोल खुलते ही वह सिपाही के सामने दोनों हाथ जोड़कर खड़ा हो गया और माफी मांगने लगा। भिखारी के दोनों हाथ सही-सलामत थे। उसने भीख मांगने के लिए कुर्ते में एक हाथ इस तरह छिपाया था कि देखने वालों को लगे कि उसका एक हाथ कटा हुआ है।

शहर में अलग-अलग जगह सक्रिय है गैंग
पुलिस उसे पकड़कर थाने ले आई। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसकी गैंग को ट्रेस कर दिल्ली पुलिस ने उन्हें वहां से भगाया था, जिसके बाद उनका गिरोह इंदौर सहित प्रदेश के अन्य शहरों में सक्रिय हो गया। युवक ने बताया कि उसके साथ साथ दूसरे गैंग भी चलते हैं, एक्सीडेंट का झूठ बोलकर कार वालों के पर्स और मोबाइल लूट ले जाते हैं। बता दें, शहर में कई जगह ये गिरोह सक्रिय है। ये लोग बच्चों के साथ अलग-अलग चौराहों और सिग्नल्स पर सक्रिय रहते हैं।












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