Indore News: इंदौर में होगी ड्रैगन फ्रूट की खेती, स्ट्रॉबेरी और थाई अमरूद की फसल लहराएगी
कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में हुई संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में कृषि तथा इससे जुड़े विभागों के अधिकारियों को दिये गये निर्देश। कृषि तथा इससे जुड़े क्षेत्रों में इंदौर संभाग प्रदेश में बेहतर उदाहरण है। इस उपलब्धि को और आगे बढ़ाने के लिए जरूरी है कि अधिक से अधिक किसानों को परम्परागत खेती की बजाय आधुनिक एवं लाभप्रद खेती से जोड़ा जाये।
संभाग की कृषि उपज मंडियों को हाईटेक एवं कैशलेस बनाया जाये। थाई अमरूद, ड्रेगन फ्रूट, स्ट्राबेरी सहित अन्य लाभप्रद फलों का रकबा बढ़ाया जाये। यह निर्देश कृषि उत्पादन आयुक्त एस.एन. मिश्रा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई कृषि तथा इससे जुड़े विभागों की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में दिये गये। इस बैठक में गत रबी सीजन की उपलब्धि तथा आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा की गयी।

बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त एस.एन. मिश्रा ने निर्देश दिये कि, इंदौर संभाग में उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा दिया जाये। हर किसान को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो। बीजों में गुणात्मक सुधार किया जाये। कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा दिया जाये। आसान रूप से शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर फसल ऋण उपलब्ध करवाए। हर किसान का फसल बीमा भी करवाएं। किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़े। परम्परागत खेती के बदले आधुनिक खेती पर जोर देवें।
उन्होंने कहा कि, मौसम की जानकारी पता करने के लिये नई एवं उच्च तकनीक आ गयी है। इस तकनीक से किसानों को जोड़ा जाये। संभाग में बीजों की नई किस्म को प्रोत्साहित किया जाये। आगामी रबी सीजन की तैयारी अभी से प्रारंभ कर दी जाये। गेहूं की बायो फोर्टिफाइड किस्म के बारे में किसानों को जानकारी देकर इसके उपयोग से उन्हें जोड़ा जाये। उन्होंने कहा कि कृषि उपज मंडियों को हाईटेक बनाया जाये। मंडियों का बेहतर प्रबंधन हो। मंडियों को सर्वसुविधायुक्त बनाया जाये। मंडियों में किसानों के लिए पर्याप्त सुविधा हो। ट्रांजेक्शन टाइम में कमी लाई जाये। ई-सुविधा विकसित हो। मंडियों में कैशलेस ट्रांजेक्शन को बढ़ायें। मंडियों में आटो पैकेजिंग की व्यवस्था भी करें।
बैठक में निर्देश दिये गये कि खाद, बीज, कीटनाशक दवाओं का पूर्व से आंकलन कर पर्याप्त भंडारण कर लिया जाये। इसका सुलभ वितरण भी किसानों की मांग के अनुसार समय पर हो। बैठक में कहा गया कि खाद/उर्वरकों का संतुलित उपयोग करने के लिए किसानों को जागरूक किया जाये। मृदा परीक्षण भी अधिक से अधिक करवाने के लिए किसानों को प्रेरित किया जाये। ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई के लिए किसानों को तैयार करें।
निर्देश दिये गये कि समय की मांग के अनुसार थाई अमरूद, ड्रेगन फ्रूट, स्ट्राबेरी, खीरा, रंग बिरंगी कैप्सिकम आदि उच्च मूल्य वाली खेती को बढ़ावा देवें। कांट्रेक्ट फार्मिंग को भी बढ़ाये। बैठक में बताया गया कि आम की विश्व प्रसिद्ध प्रजाति नूरजहां को सरंक्षित किया जायेगा। संभाग में फल, फूल, मसालें एवं सब्जियों के रकबे को भी बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
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