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भारत जोड़ो यात्रा ने इन 3 तरीकों से ट्रांसफॉर्म की Rahul Gandhi की पर्सनालिटी, कांग्रेस सांसद ने खुद बताया

भारत जोड़ो यात्रा के दौरान उनके सबसे संतोषजनक पल के बारे में पूछे जाने पर राहुल गांधी ने सोमवार को मीडिया के सामने कहा, "कई हैं, लेकिन कुछ दिलचस्प हैं, जिसमें यह भी शामिल है कि यात्रा के कारण मेरा धैर्य बढ़ गया है।"
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कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi का कहना है कि वह भारत जोड़ो यात्रा के दौरान अपने व्यक्तित्व में कुछ बदलाव महसूस करते हैं, जिसमें अधिक धैर्य और दूसरों को सुनने की क्षमता शामिल है। बता दें, राहुल गांधी 'भारत जोड़ो यात्रा' के तहत दो हजार किलोमीटर से ज्यादा की यात्रा करके रविवार को मध्य प्रदेश के इंदौर पहुंचे थे। यात्रा के दौरान उनके सबसे संतोषजनक पल के बारे में पूछे जाने पर राहुल गांधी ने सोमवार को मीडिया के सामने कहा, "कई हैं, लेकिन कुछ दिलचस्प हैं, जिसमें यह भी शामिल है कि यात्रा के कारण मेरा धैर्य बढ़ गया है।"

'दर्द का सामना करना होगा, हार नहीं मान सकते'

'दर्द का सामना करना होगा, हार नहीं मान सकते'

राहुल ने कहा, "दूसरी बात, अब कोई मुझे धक्का दे या खींचे तो मैं आठ घंटे भी नहीं चिढ़ता। मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता, जबकि पहले दो घंटे में भी चिढ़ होती थी।" राहुल गांधी ने कहा, "यदि आप यात्रा में चल रहे हैं और दर्द का अनुभव करते हैं, तो आपको इसका सामना करना होगा, आप हार नहीं मान सकते।"

दूसरों को सुनने की क्षमता हुई बेहतर : राहुल गांधी

दूसरों को सुनने की क्षमता हुई बेहतर : राहुल गांधी

राहुल ने कहा कि तीसरा ये कि उनकी दूसरों को सुनने की क्षमता भी अब बेहतर हो गई है। उन्होंने कहा, ''जैसे अगर कोई मेरे पास आता है तो मैं उसे ज्यादा सुनता हूं। मुझे लगता है कि ये सभी चीजें मेरे लिए काफी फायदेमंद हैं।''

'यात्रा के दौरान दर्द से परेशान थे राहुल, तभी आई एक छोटी लड़की...,'

'यात्रा के दौरान दर्द से परेशान थे राहुल, तभी आई एक छोटी लड़की...,'

राहुल गांधी ने दक्षिणी राज्यों में से एक में पदयात्रा के दौरान के एक अनुभव को याद करते हुए कहा कि जब लोग उन्हें धक्का दे रहे थे तो दर्द के कारण वह परेशान हो गए, एक छोटी लड़की आई और यात्रा में चलने लगी। राहुल ने कहा, "वो मेरे पास आई और एक चिट्ठी थमा दी। वो शायद छह-सात साल की थी। जब वो चली गई तो मैंने वो चिट्ठी पढ़ी जिसमें लिखा था 'मत समझो कि तुम अकेले चल रहे हो, मैं तुम्हारे साथ चल रही हूं। मैं असमर्थ हूं चलने के लिए, क्योंकि मेरे माता-पिता मुझे ऐसा करने की अनुमति नहीं दे रहे हैं, लेकिन मैं आपके साथ चल रही हूं।'' राहुल गांधी ने लड़की के हावभाव की सराहना की। राहुल ने आगे कहा, "इस तरह मैं हजारों उदाहरण साझा कर सकता हूं, लेकिन यह मेरे दिमाग में सबसे पहले आया।"

Bharat Jodo Yatra में राहुल गांधी ने राजस्थान के मसले पर लगाया विराम, जानिए पूरी वजहBharat Jodo Yatra में राहुल गांधी ने राजस्थान के मसले पर लगाया विराम, जानिए पूरी वजह

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English summary
Bharat Jodo Yatra Transformed rahul gandhi Personality In these three Ways
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