देवी अहिल्या बाई होलकर की पुण्यतिथि, 250 साल पहले करवाया था काशी विश्वनाथ धाम का पुनर्निर्माण
इंदौर, 26 अगस्त: प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर की पुण्यतिथि पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जहां राजवाड़ा स्थित प्रतिमा स्थल पर सुबह से ही शहरवासी माल्यार्पण और पूजन के लिए पहुंचने लगे, इस अवसर पर शहर के लगभग सभी जनप्रतिनिधियों ने देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के साथ ही उनके द्वारा इंदौर के विकास के लिए किए गए कार्यों को याद किया। देवी अहिल्याबाई होलकर ने देशभर में कई मंदिरों, घाटों का निर्माण कराया था। काशी से उनक नाता बेहद करीब का था।

परंपरा अनुसार हुआ पूजन-अर्चन
देवी अहिल्याबाई की 227 वीं पुण्यतिथि पर शहर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जहां राजबाड़ा स्थित प्रतिमा स्थल पर दत्त माउली सद्गुरु अण्णा महाराज संस्थान द्वारा पार्थिव शिव लिंग निर्माण और पूजन किया गया। इसके बाद परंपरा अनुसार महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष एवं मां अहिल्या उत्सव समिति की अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को पांच लाख राशि का अनुदान राशि का चैक सौंपा। इस अवसर पर मंत्री तुलसी सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, विधायक महेंद्र हार्डिया, आईडीए अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा, सभापति मुन्नालाल यादव, बीजेपी नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे, पूर्व पार्षद सुधीर देड़गे समेत तमाम जनप्रतिनिधि और शहरवासी उपस्थित थे।
प्रतिमा पर किया गया माल्यार्पण
कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए सांसद शंकर लालवानी ने बताया कि, अहिल्या माता की पुण्यतिथि पर लगभग 111 वर्षों से पालकी यात्रा निकलती है, इस बार भी यह यात्रा निकलेगी. बीजेपी नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे ने बताया कि, इंदौरवासियों का सौभाग्य है की, हम सभी मां अहिल्या की नगरी के वासी हैं. इस दौरान बड़ी संख्या में विभिन्न समाज और संगठन से जुड़े लोग मां अहिल्या बाई होलकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने पहुंचे थे.
शाम को निकली पालकी यात्रा
लोकमाता देवी अहिल्याबाई की पुण्यतिथि पर शहरभर में विभिन्ना आयोजन हुए। इस अवसर पर शाम ढलने के बाद अहिल्याबाई की पालकी यात्रा निकाली गई। इसमें जहां एक ओर होलकरकालीन वैभव नजर आया, तो वहीं दूसरी ओर जयघोष के बीच पेशवाई वेशभूषा में मौजूद युवाओं ने माता की फूलों से सजी पालकी को उठाया। इस दौरान बड़ी संख्या में शहरवासी देवी अहिल्या के दर्शन करने पालकी यात्रा में शामिल हुए.
कई मंदिरों, घाटों का निर्माण कराया था
देवी अहिल्याबाई होलकर ने काशी विश्वनाथ धाम का 250 साल पहले पुनर्निर्माण करवाया था। देवी अहिल्याबाई के योगदान को याद करते हुए उनकी एक मूर्ति काशी विश्वनाथ धाम में लगाई गई है। साथ ही उनके योगदान को भी दीवार पर दर्शाया गया है। देवी अहिल्याबाई होलकर ने देशभर में कई मंदिरों, घाटों का निर्माण कराया था। काशी से उनका बेहद करीबी नाता था। गंगा नदी के किनारे अहिल्याबाई घाट और महल भी है, जिसे होलकर वाड़ा कहते हैं।












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