YSR Congress ने अविश्वास प्रस्ताव को बताया देशहित के खिलाफ, देगी मोदी सरकार का साथ
जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने अविश्वास प्रस्ताव पर मोदी सरकार के समर्थन का फैसला लिया है। इससे पहले पार्टी ने दिल्ली के विवादित विधेयक पर भी सरकार के समर्थन का ऐलान किया था।
दरअसल 26 विपक्षी दलों के गठबंधन INDIA ने मणिपुर हिंसा पर सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान की मांग की। इसके बाद लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया, जिसे स्वीकार कर लिया गया। हालांकि इस पर बहस की तारीख पर फैसला अभी लिया जाना बाकी है।

मामले में वाईएसआरसीपी संसदीय दल के नेता विजयसाई रेड्डी ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव लाने से देश को कैसे मदद मिलेगी? मणिपुर और दो शत्रुतापूर्ण पड़ोसियों (चीन और पाकिस्तान) में अशांति के इस समय में केंद्र सरकार को कमजोर करने की कोशिश करना राष्ट्रीय हित में नहीं है।
उन्होंने आगे कहा कि ये एक-दूसरे के खिलाफ नहीं बल्कि मिलकर काम करने का समय है। वाईएसआरसी पार्टी सरकार का समर्थन करेगी और प्रस्ताव के खिलाफ मतदान करेगी।
लोकसभा और राज्यसभा में कितने सदस्य?
आपको बता दें कि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी लोकसभा के साथ राज्यसभा में भी मजबूत स्थिति में है। उसके 22 लोकसभा सांसद हैं, जबकि उच्च सदन में सदस्यों की संख्या 9 है।
विपक्ष को दिया था एक और झटका
वहीं मोदी सरकार दिल्ली में ट्रांसफर पोस्टिंग को लेकर एक विधेयक लाई थी। जिसको अब लोकसभा और राज्यसभा में पास करवाना है। लोकसभा में एनडीए के पास संख्याबल है, लेकिन राज्यसभा में मामला फंस सकता था। ऐसे में वाईएसआर कांग्रेस एनडीए के लिए संकटमोचन बनी और उस पर भी समर्थन का ऐलान किया।
अविश्वास प्रस्ताव पर विपक्ष की हार निश्चित
सिर्फ लोकसभा की ही बात करें, तो वहां पर बीजेपी के पास ही 303 सांसद हैं, जबकि एनडीए का आंकड़ा 331 है। इस प्रस्ताव के खिलाफ बीजेपी को सिर्फ 272 वोट ही चाहिए। वहीं विपक्ष के पास आंकड़ा 150 के करीब है, ऐसे में उसकी हार निश्चित है।












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