योगी आदित्यनाथ ने बतौर सीएम बना दिया वो रिकॉर्ड, भाजपा का कोई सीएम नहीं कर पाया

नई दिल्ली-उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार आज अपनी तीसरी वर्षगांठ मना रही है। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद ट्वीट करके प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। सीएम ने अपने कार्यकाल के तीन साल पूरे होने पर एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस भी किया है। दरअसल, कार्यकाल का तीसरा साल पूरा होना यूपी बीजेपी की राजनीति में उनके लिए किसी विशेष उपलब्धि से कम नहीं है। क्योंकि, योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए हैं, जिन्हें लगातार तीन साल मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का मौका मिला है। इससे पहले प्रदेश में भाजपा की तीनों मुख्यमंत्रियों को यह अवसर नहीं मिला था। योगी आदित्यनाथ ने 19 मार्च, 2017 को भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद सत्ता संभाली थी। उनकी ताजपोशी के साथ राज्य में बीजेपी का सत्ता से 15 वर्ष का वनवास भी खत्म हुआ था।

योगी ने यूपी भाजपा के सारे सीएम का रिकॉर्ड तोड़ा

योगी ने यूपी भाजपा के सारे सीएम का रिकॉर्ड तोड़ा

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने कार्यकाल के तीन साल पूरे होने पर ट्विटर के जरिए राज्य के लोगों को बधाइयां दी हैं। ट्विटर पर उनके शब्द हैं, "प्यारे प्रदेशवासियों! आप सब को आपकी सरकार की तीसरी वर्षगांठ पर शुभकामनाएं। जय हिंद, जय उत्तर प्रदेश।" भाजपा सरकार के कार्यकाल की ये तीसरी वर्षगांठ पार्टी के अंदर खुद मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के लिए बहुत बड़ी कामयाबी मानी जा सकती है। ऐसा करके उनकी अगुवाई में भाजपा सरकार ने प्रदेश में एक नया कीर्तिमान बना लिया है। भाजपा का कोई भी मुख्यमंत्री अबतक यूपी में योगी आदित्यनाथ से ज्यादा समय तक एक कार्यकाल में मुख्यमंत्री नहीं रहा। यानि अपने इस तीन साल के कार्यकाल में उन्होंने कभी यूपी बीजेपी के सबसे दिग्गज नेता रहे कल्याण सिंह को भी पीछे छोड़ दिया है। कल्याण सिंह के अलावा मौजूदा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राम प्रकाश गुप्त भी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं, लेकिन उनमें से किसी ने भी अपना कार्यकाल पूरा नहीं किया था। उत्तर प्रदेश में भाजपा के पास आज अपार बहुमत है, इसलिए पूरी संभावना है कि बतौर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने पांच साल का कार्यकाल भी पूरा करेंगे। लेकिन, उससे पहले ये जान लेना दिलचस्प है कि योगी से पहले बीजेपी के मुख्यमंत्रियों को कितने समय तक सीएम की कुर्सी पर बैठने का मौका मिला।

पहले के तीन भाजपा सीएम के साथ क्या हुआ ?

पहले के तीन भाजपा सीएम के साथ क्या हुआ ?

उत्तर प्रदेश में 1991 में भाजपा की सबसे पहली सरकार बनी थी और कल्याण सिंह मुख्यमंत्री बने थे। लेकिन, 6 दिसंबर, 1992 को बाबरी ढांचा गिरा दी गई और केंद्र की तत्कालीन नरसिम्हा राव सरकार ने उनकी सरकार बर्खास्त कर दी। इस दौरान वे सिर्फ 1 साल और 165 दिनों तक ही मुख्यमंत्री पद पर रह पाए। प्रदेश में दूसरी बार 1997 में भाजपा की सरकार बनी और कल्याण सिंह को दोबारा मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला। राजनीतिक वजहों से उस समय कल्याण सिंह के पार्टी के वरिष्ठ नेता अटल बिहारी वाजपेयी से मतभेद शुरू हो गए। आखिरकार दूसरी बार भी 2 साल और 52 दिन तक मुख्यमंत्री रहने के बाद उनकी कुर्सी चली गई। उनके बाद राम प्रकाश गुप्ता को मौका मिला और वे 12 नवंबर, 1999 से 28 अक्टूबर, 2000 तक यानि सिर्फ 351 दिन ही मुख्यमंत्री रहे और उन्हें पहली वर्षगांठ मनाने का भी मौका नहीं मिला। गुप्ता के बाद सीएम पद की कमान राजनाथ सिंह को मिली, लेकिन उनके नेतृत्व में पार्टी ने प्रदेश की सत्ता ही गंवा दी। उन्हें सिर्फ 131 दिनों तक ही सीएम बनने का मौका मिला।

जब सब पर भारी पड़ा योगी का नाम

जब सब पर भारी पड़ा योगी का नाम

तीन साल पहले की ओर नजर घुमाएं तो उस समय महज गोरखपुर से पार्टी सांसद रहे योगी आदित्यनाथ जिस तरह से मुख्यमंत्री पद के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की पहली पसंद बने वह उस वक्त मीडिया के लिए भी किसी बड़े सरप्राइज से कम नहीं था। संघ की वजह से यूपी सीएम पद की रेस में तत्कालीन केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह का नाम सबसे बड़ा था। पीएम मोदी की पसंद बताकर तत्कालीन रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा का नाम भी खूब उछाला जा रहा था। जातीय समीकरणों की वजह से केशव प्रसाद मौर्य का नाम भी सुर्खियों में था। लेकिन, मोदी-शाह ने अत्तर प्रदेश के चुनावों में समाज के हर वर्ग के वोटरों में प्रभाव डालने वाले पार्टी के स्टार कैंपेनर योगी आदित्यनाथ के नाम पर ही मुहर लगाने का फैसला किया। तब ये भी कहा जा रहा था कि पीएम मोदी योगी को आगे नहीं बढ़ाना चाहेंगे कि कहीं भविष्य में वो उनके लिए ही चुनौती न बन जाएं, जैसा कि कल्याण सिंह ने अटलजी के लिए खड़ा किया था। लेकिन, मोदी-शाह ने योगी के नाम पर पूरा यकीन किया और भाजपा नेतृत्व को अपने फैसले पर शायद ही किसी तरह का पछतावा हो रहा हो।

जब योगी के रहन-सहन के कायल हुए थे शाह

जब योगी के रहन-सहन के कायल हुए थे शाह

आज की स्थिति ये है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मोदी-शाह का भरोसा कायम रखा हुई है। यही वजह है कि आज भी दोनों नेताओं का उनके सिर पर राजनीतिक आशीर्वाद कायम है और वे यूपी में लगातार सबसे ज्यादा वक्त तक मुख्यमंत्री रहकर पूर्व के सभी भाजपा सीएम का रिकॉर्ड तोड़ चुके हैं। कहते हैं कि अमित शाह की नजर में योगी तभी छा गए थे, जब 2014 में लोकसभा चुनाव के दौरान उन्हें कुछ वक्त गोरखपुर में उनके मठ श्री गोरक्षपीठ में बिताने का मौका मिला था। उस दौरान योगी की साफगोई, उनका साधारण रहन-सहन और बहुत ही अनुशासन वाली लाइफस्टाइल तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष को खूब भाया था।

2017 में यूपी में बीजेपी को मिली थी ऐतिहासिक जीत

2017 में यूपी में बीजेपी को मिली थी ऐतिहासिक जीत

2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों पर अपना दल और एसपीएसपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में सभी राजनीतिक पंडितों को चौंकाते हुए पार्टी ने 312 सीटें जीत ली थीं। जबकि, ओम प्रकाश राजभर की एसबीएसपी को चार और अपना दल (सोनेलाल) को 9 सीटें हासिल हुईं थीं। योगी आदित्यनाथ का तो अभी दो साल का कार्यकाल और बचा ही हुआ है। ऐसे में वह जितने दिन तक सीएम पद पर रहेंगे कि कम से कम पार्टी के अंदर उनका रोजाना एक नया रिकॉर्ड बनता ही रहने वाला है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+