यस बैंक में भगवान जगन्नाथ पुरी का फंसा 545 करोड़, प्रकाश राज बोले- हे भगवान आपको भी लाइन पर खड़ा कर दिया
नई दिल्ली। प्राइवेट सेक्टर में देश का पांचवे सबसे बड़ा बैंक यस बैंक वित्तीय अनियमितता और पूंजी संकट की वजह से सुर्खियों में हैं। बैंक के खिलाफ रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बैंक के बोर्ड को भंग कर दिया और बैंक से निकासी की अधिकतम सीमा को 50000 रुपए तय कर दिया है। आरबीआई की इस कार्रवाई के बाद से बैंक में जिन लोगों का खाता वो काफी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। यस बैंक संकट की वजह से ना सिर्फ इंसानों बल्कि भगवान को भी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल पुरी के भगवान जगन्नाथ पुरी मंदिर ट्रस्ट का भी पैसा यस बैंक में जमा है। ट्रस्ट का कुल 545 करोड़ रुपए बैंक में जमा है, लेकिन वित्तीय संकट की वजह से यह पैसा भी फंस गया है। यस बैंक में जगन्नाथ पुरी का पैसा फंसने पर फिल्म अभिनेता प्रकाश राज ने सरकार पर तंज कसा है।

हे भगवान आपको भी लाइन पर खड़ा कर दिया
प्रकाश राज ने एक खबर का लिंक साझा करते हुए ट्वीट किया है, उसमे उन्होंने लिखा कि हे भगवान.. आपको भी लाइन पे खड़ा कर दिया.. भक्तों को समझ नहीं आ रहा होगा। यस बैंक में भगवान जगन्नाथ पुरी मंदिर का पैसा फंसने पर चिंता जाहिर करते हुए प्रकाश राज ने कहा लिखा कि बैंक में पुरी जगन्नाथ मंदिर का 545 करोड़ रुपए फंसने से मैं चिंतित हूं। बता दें कि प्रकाश राज अक्सर मोदी सरकार की नीतियों की आलोचना करने की वजह से सुर्खियों में रहते हैँ। वह खुलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा और आरएसएस के खिलाफ बोलते हैं।

क्या कहना है मंदिर प्रशासन का
जिस तरह से बैंक में भगवान जगन्नाथ मंदिर का पैसा फंसा है, उसपर मंदिर के दैतापति यानि सेवक विनायक दासमहापात्रा का कहना है कि रिजर्व बैंक की कार्रवाई के बाद सेवक और भक्त सभी आशंकित हैं। विनायक दासमहापात्रा ने कहा कि हम इन लोगों के खिलाफ जांच की मांग करते हैं जिन्होंने ज्यादा ब्याज की लालच में निजी बैंक में इतनी बड़ी राशि को बैंक में जमा करा दिया। वहीं जगन्नाथ सेवा के संयोजक प्रियदर्शी पटनायक ने कहा कि भगवान के धन को निजी क्षेत्र के बैंक में जमा कराना ना सिर्फ गैर कानूनी है बल्कि यह अनैतिक भी है। इसके लिए पूरी तरह से मंदिर प्रशासन और मंदिर की प्रबंधन समिति जिम्मेदार है। हमने निजी बैंक में पैसा जमा कराने के मामले में पुरी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है। लेकिन अभी तक इस मामले पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। वहीं विधि मंत्री प्रताप जेना ने कहा कि बैंक में पैसा फिक्स डिपॉजिट के रूप में रखा गया है, यह सेविंग खाते में नहीं है। सरकार ने इस राशि के मेच्योर होने के बाद इसे यस बैंस से किसी अन्य राष्ट्रीयकृत बैंद में ट्रांसफर करने का फैसला लिया है।

बैंक के फाउंडर और पूर्व सीईओ पुलिस कस्टडी में
गौरतलब है कि यस बैंक के फाउंडर और पूर्व सीईओ राणा कपूर को मुंबई की विशेष अदालत ने 11 मार्च तक की ईडी कस्टडी में भेज दिया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर को धन शोधन के आरोपों के तहत रविवार तड़के गिरफ्तार किया था उसके बाद ईडी ने राणा कपूर को आज मुंबई के पीएमएलए कोर्ट में पेश किया, जहां से कोर्ट ने राणा कपूर को पूछताछ के लिए 11 मार्च तक ईडी की कस्टडी में भेज दिया है। राणा को गिरफ्तार करने के बाद अधिकारियों ने बताया कि बैंकर को तड़के करीब तीन बजे धन शोधन निवारण कानून (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया है क्योंकि वह जांच में कथित तौर पर सहयोग नहीं कर रहे थे, आपको बता दें कि ईडी ने राणा कपूर के घर पर शुक्रवार रात को छापा मारा था जिसके बाद 20 घंटे से अधिक समय तक चली पूछताछ के बाद बेलार्ड एस्टेट में ईडी के कार्यालय में कपूर को अरेस्ट किया था।












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