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अलविदा 2018: भारत के नक्शे पर कितना फीका पड़ा भगवा रंग, कैसा रहा कांग्रेस का परफॉरमेंस

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नई दिल्‍ली। 2014 लोकसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत के साथ केंद्र की सत्‍ता पर काबिज होने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी के चेहरे और अमित शाह की रणनीति के दम पर बीजेपी एक के बाद एक चुनाव जीतती चली गई। देखते ही देखते महाराष्‍ट्र, हरियाणा, झारखंड, उत्‍तर प्रदेश, उत्‍तराखंड, गोवा, मणिपर, असम, अरुणाचल प्रदेश जैसे राज्‍यों में बीजेपी ने परचम लहराया। बिहार में जेडीयू और नगालैंड में नेशनल नेशनल डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (NDPP) के साथ गठबंधन कर बीजेपी सत्‍ता पर काबिज हो गई। मेघालय में मात्र दो विधायकों के साथ बीजेपी ने सत्‍ताधारी गठबंधन बना डाला। 2017 के अंत में कड़ी टक्‍कर के बावजूद गुजरात में बीजेपी ने सत्‍ता बचा ली और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस को सत्‍ता से बाहर कर दिया। इस प्रकार बीजेपी ने 22 राज्‍यों में या तो अपने दम पर सत्‍ता हासिल कर ली या वह गठबंधन कर सत्‍ता पर काबिज हो गई। 2018 में बीजेपी को पहला बड़ा झटका कर्नाटक में लगा, जहां वह सबसे बड़ी पार्टी होकर भी सत्‍ता से बाहर हो गई। इसके मध्‍य प्रदेश, राजस्‍थान और छत्‍तीसगढ़ में बीजेपी ने कांग्रेस के हाथों सत्‍ता गंवा दी। आइए जानते हैं साल 2018 में कैसे बदल गया कांग्रेस और बीजेपी की सत्‍ता का नक्‍शा।

2018 में त्रिपुरा ने पहली बार खिलाया कमल

2018 में त्रिपुरा ने पहली बार खिलाया कमल

2013 विधानसभा चुनाव में त्रिपुरा में बीजेपी की एक भी सीट नहीं थी, लेकिन पांच साल बाद 2018 विधानसभा चुनाव में वह कुल 60 विधानसभा सीटों में से 36 पर जीतकर आई और पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बना ली। सीपी-एम के नेता माणिक सरकार लगातार 16 साल त्रिपुरा के सीएम रहे, लेकिन 2018 में उनको करारी हार का सामना करना पड़ा। बीजेपी ने चुनाव जीत के बाद बिप्लब कुमार देब को प्रदेश का सीएम बनाया।

मेघालय में जीतकर भी हार गई कांग्रेस

मेघालय में जीतकर भी हार गई कांग्रेस

मेघालय में 21 सीटें जीतने के बाद भी कांग्रेस सत्‍ता से बाहर हो गई, जबकि केवल 2 सीटें जीतने वाली बीजेपी ने गठबंधन कर सरकार बनाने में बड़ी भूमिका निभाई।

नगालैंड में बीजेपी ने गठबंधन कर बनाई सरकार

नगालैंड में बीजेपी ने गठबंधन कर बनाई सरकार

नगालैंड में कुल 60 विधानसभा सीटें हैं। इनमें से 59 पर 2018 में चुनाव हुए। बीजेपी को यहां 12 सीटें मिलीं, जबकि नेशनल पीपुल्‍स फ्रंट (NPF) ने 26 सीटों पर जीत दर्ज की और नेशनल डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (NDPP) को 18 सीटों पर जीत मिलीं। बीजेपी ने अपने गठबंधन साथी NPF को छोड़ दिया और NDPP के साथ मिलकर सरकार बना ली।

2018 में कर्नाटक ने दिया बीजेपी को पहला झटका

2018 में कर्नाटक ने दिया बीजेपी को पहला झटका

बीजेपी को साल 2018 में सबसे बड़ा झटका कर्नाटक में लगा। यहां 224 सीटों पर चुनाव हुए। इनमें बीजेपी 104 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी। वहीं, कांग्रेस को 78 सीटें मिली, जबकि जेडीएस 38 सीटें मिलीं। बीएस येदुरप्‍पा के नेतृत्‍व में बीजेपी यहां सबसे बड़ी पार्टी बनकर तो उभरी, लेकिन सरकार नहीं बना सकी। कर्नाटक में सरकार गठन के लिए बीजेपी को 113 विधायकों के समर्थन की जरूरत थी, लेकिन कांग्रेस और जेडीएस दोनों दलों ने ऐसी रणनीति बनाई कि येदुरप्‍पा बहुमत साबित नहीं कर सके। बाद में कांग्रेस ने जेडीएस के साथ मिलकर गठबंधन सरकार बनाई और कुमारस्‍वामी कर्नाटक के मुख्‍यमंत्री बने।

एमपी: कड़ी टक्‍कर में कांग्रेस ने 15 साल बाद मारी बाजी

एमपी: कड़ी टक्‍कर में कांग्रेस ने 15 साल बाद मारी बाजी

मध्‍य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 में कांग्रेस और भाजपा के बीच कड़ी टक्‍कर हुई। 230 विधानसभा सीटों वाले इस राज्‍य में सरकार बनाने के लिए 116 सीटों की जरूरत थी, लेकिन कांग्रेस और बीजेपी में किसी को भी बहुमत नहीं मिला। बेहद कड़े मुकाबले में कांग्रेस को यहां 114 सीटों पर जीत मिली तो वहीं, बीजेपी 109 सीटें ही पा सकी। कांग्रेस को बसपा-2 और सपा-1 का समर्थन मिल गया, जिसके बाद कमलनाथ सीएम बने और कांग्रेस ने राज्‍य में आसानी सरकार गठित कर ली।

वसुंधरा को हराकर तीसरी बार सीएम बने कांग्रेस के अशोक गहलोत

वसुंधरा को हराकर तीसरी बार सीएम बने कांग्रेस के अशोक गहलोत

राजस्‍थान विधानसभा चुनाव 2018 में कुल 200 सीटों में से 199 पर चुनाव हुए। बहुमत के लिए यहां 101 सीटों की जरूरत थी। यहां भी कांग्रेस को पूर्ण बहुमत नहीं मिला। वह 99 सीटों के साथ बहुमत से इंच भर दूर रह गई। बीजेपी 73 सीटें पाकर कांग्रेस से काफी पीछे थी, इसलिए कांग्रेस को यहां भी सरकार बनाने में कोई परेशानी नहीं हुई। अशोक गहलोत के नेतृत्‍व में राजस्‍थान में कांग्रेस ने सरकार गठित कर ली।

छत्‍तीसगढ़ में कांग्रेस ने किया बीजेपी का सूपड़ा साफ

छत्‍तीसगढ़ में कांग्रेस ने किया बीजेपी का सूपड़ा साफ

साल 2018 में कुल 9 राज्‍यों में विधानसभा हुए, इनमें बीजेपी की सबसे बुरी हार छत्‍तीसगढ़ में हुई। यहां कांग्रेस ने न केवल पूर्ण बहुमत प्राप्‍त किया बल्कि बीजेपी का सूपड़ा साफ कर दिया। यहां कांग्रेस ने 68 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि बीजेपी 15 सीटों पर सिमट गई। अन्‍य को यहां 7 सीटों पर जीत मिली। छत्‍तीसगढ़ राज्‍य के गठन के बाद 2018 से पहले तीन बार चुनाव हुए और तीनों में बीजेपी को जीत मिली, लेकिन इतना प्रचंड बहुमत उसे कभी नहीं मिला, जैसा 2018 में कांग्रेस को मिला। छत्‍तीसगढ़ में भूपेश बघेल के नेतृत्‍व में कांग्रेस ने सरकार गठित की है।

तेलंगाना में न बीजेपी आई, न कांग्रेस, टीआरएस के हाथ लगी बाजी

तेलंगाना में न बीजेपी आई, न कांग्रेस, टीआरएस के हाथ लगी बाजी

119 विधानसभा सीटों वाले तेलंगाना में बीजेपी का कोई खास आधार नहीं है। कांग्रेस आंध्र प्रदेश में मजबूत रही है, लेकिन अलग तेलंगाना राज्‍य के गठन के बाद से कांग्रेस की स्थिति कमजोर हुई। तेलंगाना विधानसभा चुननाव 2018 में न तो बीजेपी के हाथ कोई खास उपलब्धि आई और न ही कांग्रेस के उल्‍लेखनीय प्रदर्शन कर पाई। यहां पर टीआरएस ने जीत का परचम लहराया। टीआरएस को तेलंगाना में 88 सीटों पर जीत मिली, जबकि कांग्रेस और टीडीपी गठबंधन को 21 सीटों पर जीत मिली। बीजेपी यहां 1 सीट जीतने में कामयाब रही, जबकि अन्‍य को 9 सीटों पर जीत प्राप्‍त हुई।

मिजोरम में कांग्रेस ने गंवाई सत्‍ता

मिजोरम में कांग्रेस ने गंवाई सत्‍ता

मिजोरम विधानसभा चुनाव 2018 के परिणाम एग्जिट पोल के एकदम उलट आए। यहां मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्‍कर की संभावना जताई गई थी, लेकिन जब नतीजे आए एमएनएफ क्लियर कट विनर बनकर उभरी। एग्जिट पोल में जिस कांग्रेस को 16 से 20 सीटों के आसपास दिखाया था, उसे केवल 8 सीटों पर ही जीत मिली।

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English summary
Year ender 2018: How BJP and Congress grow on the map of India in 2018
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