सीएम KCR के 1800 करोड़ के ड्रीम प्रोजेक्ट की अद्भुत तस्वीरें, उद्घाटन से पहले यादाद्री मंदिर का करिए दीदार
हैदराबाद, 27 मार्च। तेलंगाना सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट यादाद्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर का उद्धाटन (Yadadri Temple Inauguration) होने जा रहा है। इसे यादागिरिगुट्टा टेंपल भी कहा जाता है। राज्य के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (CM KCR) के हाथों इस दिव्य मंदिर का उद्घाटन किया जाएगा। पिछले 4 वर्षों जारी मंदिर के पुनर्निर्माण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। मंदिर हजारों की संख्या में मूर्तियों की स्थापना की गई है। मंदिर के भवन निर्माण के साथ प्रतिदिन 500 मूर्तियां मंदिर में स्थापित करने के लिए बनाई गईं। सीएम केसीआर के उद्घाटन से ठीक पहले मंदिर की अद्भुद तस्वीर यह दर्शा रही हैं कि कि तेलंगाना की सरकार ने किस संजीदगी के साथ यादाद्री मंदिर का पुनर्निर्माण करवाया है।

'यज्ञम' में प्रमुख यजमान होंगे सीएम केसीआर
मंदिर के उद्घाटन से पहले विशेष धार्मिक अनुष्ठान किया जाएगा। जिसे यज्ञम कहा जाता है। सीएम केसीआर 'यज्ञम' में मुख्य यजमान की भूमिका में होंगे। उद्घाटन से ठीक पहले यादाद्री मंदिर में ऋत्विकों द्वारा 'महासुदर्शन यज्ञ' किया जाएगा।

सीएम के आध्यात्मिक गुरु के अनुष्ठान में आने का संभावना कम
सीएम केसीआर (CM KCR) का यादाद्री मंदिर (Sri Lakshmi Narasimha Swamy Temple) प्रोजेक्ट ड्रीम प्रोजेक्ट है। उन्होंने इस मंदिर के भव्य उद्घाटन की योजना बनाई थी। लेकिन कोरोना महामारी के चलते इसमें देरी हुई। वहीं अब मंदिर के उद्घाटन (Yadadri Temple Inauguration) में उनके आध्यात्मिक गुरू चिन्ना जियार स्वामी के शामिल होने के संभावना नहीं है।

यदाद्री मंदिर सीएम केसीआर का ड्रीम प्रोजेक्ट
टीआरएस सरकार ने यादाद्री मंदिर का निर्माण पूरा करने में ने 4 साल लगाए हैं। उन्होंने कहा था कि मंदिर का उद्घाटन भव्य और अद्भुद होगा। उन्होंने 100 एकड़ में 1,048 यज्ञ कुंडों के जरिए यज्ञम अनुष्ठान संपन्न कराने की बात कही थी। साथ ही उन्होंने घोषणा की थी कि हजारों ऋत्विक और तीन हजार सहायक मनभावन इस अनुष्ठान को संपन्न करेंगे। लेकिन कोरोना महामारी के चलते अनुष्ठान की मुहूर्त में देरी हुई। केसीआर इसी तरह के अपने आध्यात्मिक विश्वास और वास्तु जुनून के लिए जाने जाते हैं।

एक दिन में बनाई गईं 500 मूर्तियां
यादाद्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर (Lakshmi Narasimha Swamy Temple) की कार्यकारी अधिकारी गीता ने कहा है कि तेलंगाना राज्य के गठन के बाद सरकार ने यादाद्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर के पुनर्निर्माण का फैसला किया था। 4 वर्षों में पूरे मंदिर का निर्माण पूरा हुआ। शेष कार्य अभी किया जा रहा है। मंदिर निर्माण के दौरान प्रतिदिन लगभग 500 मूर्तियों का निर्माण किया गया। वहीं मंदिर विशेष रूप से इंदौर से बने सांकू चक्र प्रतीकों से सजी कतार रेखाएं और गर्भगृह का मुख्य प्रवेश द्वार सोने से ढका है। मंदिर में तंजौर शैली की पेंटिंग भी लगाई गई है।

125 किलो सोने से बना है विमान गोपुरम
यादाद्री मंदिर का विमान गोपुरम (मंदिर के शीर्ष पर बनी संरचना) 125 किलो सोने से ढका है। इसे मुख्यमंत्री सीएम केसीआर, उनके मंत्रिमंडल, सहयोगियों और कई उद्योगपतियों ने मंदिर के नाम दान में दिया है। वहीं केसीआर ने मंदिर में अपने परिवार की ओर से 1.116 किलोग्राम सोना दान किया। इसके अलावा केसीआर सरकार कई मंत्रियों, विधायकों, सांसदों, व्यापारिक घरानों के लोगों ने भी मंदिर के लिए खुलकर सहयोग किया।

राजधानी से 80 किलोमीटर दूरी पर यादाद्री मंदिर
लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर Lakshmi Narasimha Swamy Temple) यादाद्री मंदिर राजधानी हैदराबाद (Hyderabad) से करीब 80 किमी की दूरी पर स्थित है। मंदिर का विशाल परिसर 14.5 एकड़ क्षेत्रफल में फैला हुआ है। तेलंगाना राज्य गठन के बाद यादाद्री मंदिर की परियोजना पर अप्रैल 2016 से कार्य शुरू हुआ था। इसके लिए 1,600 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया था। मंदिर के निर्माण में सीमेंट का प्रयोग नहीं किया गया। पूरे मंदिर के निर्माम में 2.5 लाख टन ग्रेनाइट के पत्थर लगाए गए हैं। ग्रेनाइट के पत्थरों को आंध्र प्रदेश के प्रकाशम से मंगाया गया। मंदिर के साथ 2500 एकड़ जमीन में टाउनशिप प्रोजेक्ट का भी कार्य हुआ है।












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