Wrestlers Protest: बृजभूषण के खिलाफ पहलवानों की लड़ाई अब 'खाप बनाम संतों' के बीच, क्या है मामला?
भारत के शीर्ष पहलवानों साक्षी मलिक, बजरंग पुनिया और विनेश फोगट ने अपने ओलंपिक और विश्व चैम्पियनशिप पदकों को गंगा में विसर्जित करने की अपनी योजना को टाल दिया है।

भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के प्रमुख और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह और देश के शीर्ष पहलवानों के बीच चल रही लड़ाई में अब अयोध्या के संत और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के खाप नेता आमने-सामने हैं। राकेश टिकैत के नेतृत्व में हरियाणा की खाप और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान संगठनों ने पहलवानों को अपना समर्थन दिया है।
भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के नेताओं ने मंगलवार को पहलवानों को हरिद्वार में गंगा में अपने पदक विसर्जित करने से रोका था। इन खाप नेताओं ने बृजभूषण के खिलाफ कार्रवाई में देरी के विरोध में पहलवानों को अपना पदक राष्ट्रपति को सौंपने के लिए भी मना लिया है।
राकेश टिकैत ने कहा, हमारी एकमात्र मांग है कि बृजभूषण शरण सिंह को पहले गिरफ्तार किया जाना चाहिए। हम बाद में अन्य मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
इस बीच, अयोध्या के एक प्रमुख साधु ने कहा है कि खापों और किसान संगठनों का मुकाबला करने के लिए बृजभूषण के पास एकमात्र विकल्प अयोध्या संतों का समर्थन जुटाना है।
उन्होंने कहा कि बृजभूषण शरण सिंह हमेशा से अयोध्या और राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे हैं, ऐसे में उनका समर्थन करना हमारा फर्ज है।
बृजभूषण शरण सिंह का समर्थन करने वाले संत यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम में संशोधन की भी मांग कर रहे हैं। बता दें कि अयोध्या में ही बृजभूषण साकेत पीजी कॉलेज के छात्र संघ के महासचिव बने। उसके बाद वहां बृजभूषण हनुमान गढ़ी मंदिर के पुजारियों की चौकस निगाहों में कुश्ती का अभ्यास करते हुए मुख्यधारा की राजनीति में उतरे।
संतों ने बृजभूषण की 'जन चेतना महा रैली' को अपना समर्थन देने का फैसला किया है। अयोध्या के राम कथा पार्क में 5 जून को ये रैली होने वाली है।
बृजभूषण पर एक नाबालिग सहित सात महिला पहलवानों द्वारा यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है। दिल्ली पुलिस द्वारा 28 अप्रैल 2023 को दर्ज की गई दो प्राथमिकियों में उनका नाम दर्ज किया गया है, जिसमें POCSO एक्ट भी लगाया गया है।












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