World Oral Health Day: बच्चों के दांतों को कैविटी से कैसे बचाएं? डेंटिस्ट ने पेरेंट्स को बताए खास उपाय
वर्ल्ड ओरल हेल्थ डे के मौके पर डेंटिस्ट ने बताया कि किन आदतों के जरिए सभी पेरेंट्स अपने बच्चों के दातों को स्वस्थ और अधिक मजबूत बना सकते हैं। इस दौरान शेयर की गई एक सर्वे रिपोर्ट में कई चौंकाने वाली जानकारी भी दी गईं।

World Oral Health Day 2023: भारत समेत दुनिया भर के विभिन्न देशों में आज के दिन के दिन यानी 20 मार्च को हर साल 'वर्ल्ड ओरल हेल्थ डे' मनाया जाता है। लोगों के बीच ओरल हाइजीन और ओरल हेल्थ के बारे में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से यह दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर दंत चिकित्सक, सभी पेरेंट्स को बता रहे हैं कि किस तरह से वे अपने बच्चों के दातों को अधिक मजबूत और स्वस्थ बना सकते हैं।
लगभग 85 प्रतिशत बच्चों के दातों में सड़न
दरअसल, स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा हाल ही में किए गए एक सर्वे (Survey) के अनुसार, दुबई में लगभग 85 प्रतिशत बच्चे दांतों में सड़न (tooth decay) से पीड़ित होते हैं, जब वे 12 वर्ष की आयु तक पहुंचते हैं। सर्वे में यह भी पाया गया कि दुबई में 72 प्रतिशत बच्चों को मसूड़े की सूजन ( gingivitis) है, जो मसूड़ों की बीमारी का एक रूप है। इसके अलावा, सर्वे में पाया गया कि दुबई में लगभग 28 प्रतिशत बच्चे दिन में दो बार अपने दांतों को ब्रश करते हैं, जो एक अच्छी आदत है।
बच्चों के हेल्दी दांत बनाने में पेरेंट्स का अहम रोल
खलीज टाइम्स से बात करते हुए, एस्टर क्लिनिक बर दुबई और अल वारका के विशेषज्ञ एंडोडॉन्टिस्ट डॉ अहमद फाहिस पुरयिल ने कहा कि, 'एक डॉक्टर के रूप में मैं कम उम्र से बच्चों में स्वस्थ मौखिक स्वच्छता आदतों को विकसित करने के महत्व पर पर्याप्त जोर नहीं दे सकता। माता-पिता इस कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं, वही अपने बच्चों को कम से कम दो मिनट के लिए दिन में दो बार ब्रश करने के लिए प्रोत्साहित करें।
छोटे बच्चों के दातों की देखभाल के लिए करें ये काम
उन्होंने कहा कि, 'बच्चे की ओरल देखभाल लगभग छह महीने की उम्र में पहले दूध के दांतों के आगमन के साथ शुरू होती है। शिशुओं के लिए पहले भोजन के बाद और सोने से पहले मसूड़ों को मुलायम साफ कपड़े से पोंछ दें। बड़े बच्चों के लिए रात में फ्लॉसिंग कैविटी को कम करने के लिए महत्वपूर्ण उपाय है।'
दातों को कैविटी से बचाने के लिए क्या करें
डॉ. पुरायुल ने स्वस्थ और मजबूत दांतों के लिए हेल्दी भोजन करने की आवश्यकता पर जोर दिया, जिसमें कैल्शियम से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे ब्रोकली, डेयरी उत्पाद और हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल हैं। आलू के चिप्स जैसे स्नैक्स दांतों की दरारों में लंबे समय तक रह सकते हैं, जिससे कैविटी हो सकती है। शीतल पेय और फलों के रस से बचना चाहिए क्योंकि इनमें एसिड होता है जो दांतों के इनेमल को खराब कर सकता है, जिससे कैविटी हो सकती है।
अच्छे दांतों का होना क्यों जरूरी
इस बीच, दुबई लंदन क्लिनिक में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुहेल डबावाला ने कहा कि अच्छे दांत होना कई मायनों में महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे बच्चों को सही ढंग से ध्वनि और शब्द बनाने में मदद करते हैं। 'यदि किसी बच्चे के दांत गायब या क्षतिग्रस्त हैं, तो यह स्पष्ट रूप से बोलने और दूसरों द्वारा समझे जाने की उनकी क्षमता को प्रभावित कर सकता है। इतना ही नहीं, बच्चे के दांतों की बनावट का उनके आत्मसम्मान और आत्मविश्वास पर भी असर पड़ सकता है।
डा. डबावाला ने समझाया कि प्रारंभिक बचपन में दातों में सड़न तब होती है, जब चीनी युक्त भोजन बच्चे के मुंह में कई घंटों तक रह जाता है। बैक्टीरिया अशुद्ध मुंह में मौजूद चीनी पर फीड करते हैं, इस प्रक्रिया में एसिड का उत्पादन करते हैं। ये एसिड दांतों की बाहरी परत को नष्ट कर देते हैं, जिससे कैविटी बन जाती है। उन्होंने कहा कि, 'छोटे बच्चों में दांतों की सड़न सबसे आम दंत स्थितियों में से एक है, लेकिन अगर कम उम्र में भोजन और अच्छी आदतों का पालन किया जाए तो इसे रोका जा सकता है।'












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