कैसा होगा वर्ल्ड क्लास 'मॉल ऑफ श्रीनगर', 370 हटने के बाद जो कश्मीर में बन रहा है
कश्मीर घाटी की फिजा चार वर्ष से भी कम समय में पूरी तरह से बदल चुकी है। अब वहां वर्ल्ड क्लास मॉल बन रहा है, जिससे स्थानीय लोगों की खरीदारी का अंदाज ही बदल जाएगा।

आर्टिकल 370 समाप्त होने के बाद कश्मीर की फिजा बदल रही है। यही वजह है कि कश्मीर की वादियों में अब वर्ल्ड क्लास शॉपिंग का भी आनंद मिलने जा रहा है। अगले दो से तीन वर्षों में पूरे देश के लोगों के साथ विदेशी पर्यटकों को भी सबसे बड़े इंटरनेशनल शॉपिंग मॉल में खरीदारी करने के साथ-साथ फिल्में देखने का भी मौका मिल सकेगा। 'मॉल ऑफ श्रीनगर' बनाने की जिम्मेदारी दुबई के उस ग्रुप को मिली है, जिसके पास दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा बनाने का अनुभव है। इसके अलावा इस शॉपिंग मॉल में लोगों को तमाम वर्ल्ड क्लास ब्रांड की चीजें खरीदने का मौका मिलेगा।

'मॉल ऑफ श्रीनगर' में 500 से ज्यादा दुकानें होंगी
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के मुताबिक श्रीनगर और जम्मू के आईटी टॉवर्स के निर्माण पर भी एम्मार ग्रुप कुल 500 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। वहीं कश्मीर के सबसे बड़े और वर्ल्ड क्लास इंटरनेशनल मेगा मॉल, या मॉल ऑफ श्रीनगर के निर्माण पर एम्मार ग्रुप की ओर से 250 करोड़ रुपए के निवेश की योजना है। यह इस क्षेत्र का सबसे बड़ा मॉल होगा, जिसमें 500 से भी ज्यादा दुकानें होंगी। इस प्रोजेक्ट में दुबई की एम्मार ग्रुप के साथ दिल्ली स्थित रियल एस्टेट कंपनी मैग्ना वेव्स बिल्डटेक भी साझीदार है।

6 मल्टीप्लेक्स और 5 स्टार होटल भी होंगे
पूरा कश्मीर और खासकर श्रीनगर वैश्विक पर्यटन स्थल है। इसकी अहमियत को समझते हुए यहां जो वर्ल्ड क्लास मॉल विकसित किया जा रहा है, उसमें एक मेगा मॉल के साथ-साथ 6 सिनेमा मल्टीप्लेक्स और 5 स्टार होटल भी बनने जा रहा है। मैग्ना वेव्स बिल्डटेक के एक प्रवक्ता के मुताबिक कश्मीर के सबसे विशाल मॉल के निर्माण के दौरान करीब 1,000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। लेकिन, जब यह बनकर तैयार होगा तो जम्मू और कश्मीर में 13,500 नए रोजगार भी पैदा होंगे।

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कई विदेशी ब्रांड की भी दिखेगी मौजूदगी
'मॉल ऑफ श्रीनगर' के माध्यम से कई नई विदेशी ब्रांड के भी भारत आने की संभावना बन रही है। इस प्रोजेक्ट के बारे में एम्मार के सीईओ अमित जैन ने कहा है, 'मॉल ऑफ श्रीनगर हमारा एक माइलस्टोन प्रोजेक्ट है और हम इसकी क्षमता को लेकर बहुत ही ज्यादा उत्साहित हैं। एम्मार ग्रुप के तौर पर हमारा यूएई के प्रमुख रिटेल ब्रांड के साथ एक मजबूत रिश्ता है और उनमें से अधिकांश इस पहल के जरिए भारत में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।' मॉल ऑफ श्रीनगर के तैयार होने के बाद स्थानीय लोगों को बड़े मौकों पर खरीदारी के लिए इस केंद्र शासित प्रदेश से बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी और वह श्रीनगर में ही वर्ल्ड क्लास शॉपिंग का अनुभव प्राप्त कर सकेंगे।

मॉल ऑफ श्रीनगर को लेकर लुलु ग्रुप भी उत्साहित
मसलन, मॉल ऑफ श्रीनगर में लखनऊ की बहुचर्चित लुलु मॉल वाला लुलु ग्रुप भी एक हाइपरमार्केट खोलेगी। इस ग्रुप के पास पश्चिम एशिया मे ऐसे कई सुपरमार्केट और हाइपरमार्केट हैं। ग्रुप के चेयरमैन एमए युसूफ अली के मुताबिक लुलु ग्रुप ने मॉल ऑफ श्रीनगर में हाइपरमार्केट खोलने के लिए करार किया है। इस प्रोजेक्ट को बाकी कंपनियां कितनी अहमियत दे रही हैं कि मॉल ऑफ श्रीनगर के लिए साइनेज स्टोन के अनावरण के मौके पर टाटा प्रोजेक्ट, वोल्टास, रिलायंस रिटेल, अपेरल ग्रुप, देव्यानी इंटरनेशनल, पीवीआर सिनेमा और ईएफएस फैसिलिटी मैनेजमेंट सर्विस के प्रतिधिनिध भी मौजूद थे।

2026 तक खुलेगा मॉल ऑफ श्रीनगर
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के मुताबिक मॉल ऑफ श्रीनगर और बाकी प्रोजेक्ट की बदलौत जम्मू-कश्मीर के आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि 'रोजगार सृजन और केंद्र शासित प्रदेश में नए कारोबार को आकर्षित करके, हम जम्मू और कश्मीर के लोगों के और ज्यादा मजबूत और समृद्ध भविष्य की आधारशिला रख रहे हैं।' एक बयान में बताया गया है कि स्थानीय निवासियों के लिए मॉल ऑफ श्रीनगर के 2026 तक खुल जाने की संभावना है।













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