महामारी के बीच बजट सत्र को सुरक्षित बनाने की कवायद, राज्यसभा के 50 प्रतिशत कर्मचारियों को WFH
नई दिल्ली, 9 जनवरी: पूरे देश में कोरोना महामारी का कहर जारी है। रविवार को दूसरे दिन लगातार डेढ़ लाख से ज्यादा केस सामने आए। इस महीने के अंत में संसद का बजट सत्र भी शुरू होगा, जिसको लेकर तैयारियां जारी हैं। इस महामारी के बीच सत्र को सुरक्षित तरीके से करवाना चुनौतीपूर्ण है। जिसको देखते हुए राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने एक बैठक की। जिसमें सदन के 50 प्रतिशत कर्मचारियों/अधिकारियों को वर्क फ्रॉम होम के निर्देश दिए गए।

न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक बढ़ते कोविड मामलों को देखते हुए राज्यसभा सचिवालय ने कर्मचारियों की उपस्थिति को प्रतिबंधित कर दिया है। नए निर्देशों के अनुसार अवर सचिव/कार्यकारी अधिकारी के पद से नीचे के 50% अधिकारियों और कर्मचारियों को इस महीने के अंत तक वर्क फ्रॉम होम करना पड़ेगा। ये निर्देश खुद सभापति एम वेंकैया नायडू ने समीक्षा बैठक के बाद दिए हैं।
सचिवालय के मुताबिक इस महीने के अंत में बजट सत्र शुरू होगा, जो देश के लिए काफी अहम है। मुश्किल हालात में भी इसे टाला नहीं जा सकता है। ऐसे में कोशिश की जा रही कि सत्र शुरू होने तक सभी कर्मचारी और अधिकारी सुरक्षित रहें। जिस वजह से ये फैसला लिया गया है। वहीं विकलांग और गर्भवती महिलाओं को कार्यालय में आने से छूट दी गई है। भीड़भाड़ से बचने के लिए सचिवालय के शुरू और बंद होने का समय अलग-अलग है। अब जिनती भी बैठकें होंगी वो पूरी तरह से वर्चुअली होंगी।
1 फरवरी को आता है बजट
आपको बता दें कि पहले रेल बजट और आम बजट अलग-अलग होते थे, लेकिन मोदी सरकार ने दोनों को एक कर दिया है। इसके अलावा पहले बजट पेश होने की तारीख सत्र के हिसाब से तय की जाती थी, लेकिन अब इसके लिए 1 फरवरी का दिन तय है। हर साल इसी दिन बजट को हर हाल में पेश किया जाना जरूरी है।












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