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चलती ट्रेन में महिला को होने लगी प्रसव पीड़ा, टीटीई ने कराई डिलीवरी

नई दिल्ली। ट्रेन के भीतर महिला को अचानक प्रसव पीड़ा होने की वजह से चलती ट्रेन में महिला ने बच्चे को जन्म दिया। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि महिला को प्रसव पीड़ा के दौरान मदद के लिए खुद ट्रेन के भीतर तैनात टीटीई आगे आए, जोकि चर्चा का विषय बने हुए हैं। यह मामला बिहार के सुपौल का है, जहां चलती ट्रेन के भीतर महिला को अचानक से प्रसव पीड़ा होने लगी, इसी दौरान टीटीआई एसएस राणा महिला की मदद के लिए आगे आए। उन्होंने खुद ट्रेन के भीतर ऐलान कराया कि अगर ट्रेन में कोई डॉक्टर हो तो वह मदद के लिए आगे आए। लेकिन जब ट्रेन में किसी भी डॉक्टर के होने की जानकारी नहीं मिली तो कुछ महिलाएं प्रसव पीड़ा से परेशान महिला की मदद के लिए आगे आईं, जिनकी मदद से महिला ने मासूम बच्चे को जन्म दिया।

टीटीई ने की मदद

टीटीई ने की मदद

टीटीई ने तमाम महिलाओं की मदद से गर्भवती महिला की डिलीवरी करवाने में मदद की। टीटीई एचएस राणा ने रिजर्वेशन लिस्ट में तमाम नामों की तलाश की, वह तलाश कर रहे थे कि क्या ट्रेन के भीतर कोई डॉक्टर यात्रा कर रहा है, लेकिन जब उन्हें कोई डॉक्टर ट्रेन में नहीं मिला तो उन्होंने ट्रेन के भीतर मौजूद महिलाओं की मदद से महिला की डिलीवरी कराने का फैसला लिया। ट्रेन में मौजूद तमाम महिलाओं और टीटीई की मदद से महिला ने स्वस्थ्य बच्चे को जन्म दिया।

रेल मंत्रालय ने की तारीफ

टीटीआई की इस अनूठे प्रयास की खुद रेल मंत्रालय ने तारीफ की है। रेल मंत्रालय की ओर से ट्वीट करके लिखा गया है कि भारतीय रेलवे यात्रियों को मुस्कान के साथ सेवा करने में सदैव तत्पर। दिल्ली डिवीजन के टीटीई श्री एचएस राणा ने महिला को ट्रेन के भीतर डिलीवरी में मदद की। जब ट्रेन के भीतर कोई डॉक्टर नहीं मिला तो खुद एचएस राणा ने ट्रेन के भीतर मौजूद यात्रियों की मदद से महिला की डिलीवरी कराई। उनका यह शानदार मानवीय प्रयास से हम गौरवान्वित महसूस कर रहे है।

पहले भी हो चुकी है डिलीवरी

बता दें कि गत वर्ष विक्रमशिला एक्सप्रेस जोकि भागलपुर जा रही थी, उसमे भी एक महिला ने चलती ट्रेन में बच्चे को जन्म दिया था। ट्रेन के भीतर महिला को अचानक से प्रसव पीड़ा शुरू हो गई, जिसके बाद ट्रेन के भीतर मौजूद महिला यात्रियों ने अपनी सूझबूझ का परिचय दिया और महिला ने बच्चे को जन्म दिया। उस वक्त भी ट्रेन के भीतर मौजूद टीटीई ने महिला की डिलीवरी में काफी मदद की थी, जिसकी वजह से उत्तर-मध्य रेलवे के जीएम रतन लाल ने टीटीई और रेलवे कर्मचारियों की सराहना की थी।

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