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मजदूरों के मसीहा बने सोनू सूद, बोले- जब तक अंतिम प्रवासी अपने परिवार से नहीं मिल जाता, मैं लड़ता रहूंगा

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मुंबई। देश में फैले कोरोना वायरस की वजह से देशव्यापी लॉकडाउन चल रहा है। शॉपिंग मॉल, दुकानें, शोरूम, रेस्टोरेंट सहित अन्य काम की जगह बंद पड़ी हैं। ऐसे में यहां काम करने वाले दिहाड़ी मजदूरों बेरोजगार हो गए हैं और अब अपने गांवों की ओर पैदल, साइकिल और रिक्शे से जा रहे हैं। मजदूरों के इन हालातों से हर कोई आहत है। बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद से मजदूरों की ये हालत देखी नहीं जा रही हैं। वह पिछले कई दिनों से इन मजदूरों की मदद कर रहे हैं। उन्होंने अब यूपी के प्रवासी मजदूरों को अपने घर भेजने के लिए यूपी सरकार से विशेष अनुमति ली है।

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क्‍या कहा है सोनू सूद ने

क्‍या कहा है सोनू सूद ने

सोनू सूद का कहना है कि वह उन प्रवासी श्रमिकों की दुर्दशा से पीड़ित हैं जो देशव्यापी लॉकडाउन के बीच घर वापस जाने में असमर्थ हैं और वह उनके लिए परिवहन की व्यवस्था करने के लिए वह सब कुछ करेंगे जो वह कर सकते हैं। शनिवार को, सोनू ने उत्तर प्रदेश सरकार से विशेष अनुमति प्राप्त करने के बाद प्रवासियों के लिए अधिक बसों की व्यवस्था की। अभिनेता ने पहले महाराष्ट्रा से कर्नाटक के गुलबर्गा जाने वाले ऐसे कई कार्यकर्ताओं के लिए कई बस सेवाओं का आयोजन किया था।

जब तक अंतिम प्रवासी अपने परिवार से नहीं मिल जाता, तब तक घर भेजना जारी रखूंगा

जब तक अंतिम प्रवासी अपने परिवार से नहीं मिल जाता, तब तक घर भेजना जारी रखूंगा

सोनू सूद ने महाराष्ट्र से कर्नाटक के गुलबर्ग जाने वाले कामगारों के बस सेवा का प्रबंध किया है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान अपने घर वापस नहीं जा सकने वाले प्रवासियों की दुर्दशा देखकर दुख होता है और वह उन्हें वापस भेजने के लिए सबकुछ करेंगे। सूद ने एक बयान में कहा, 'यह मेरे लिए एक बेहद भावनात्मक यात्रा रही है। घरों से दूर सड़कों पर चलते इन प्रवासियों को देखकर मुझे दुख होता है।' सोनू सूद ने आगे कहा, 'जब तक अंतिम प्रवासी अपने परिवार और प्रियजनों से नहीं मिल जाता, तब तक मैं प्रवासियों को घर भेजना जारी रखूंगा। यह मेरे दिल के बहुत करीब है।' सोनू सूद की मदद से अब तक वडाला से लखनऊ, हरदोई, प्रतापगढ़ और सिद्धार्थनगर समेत उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के लिए बसें रवाना हुई हैं। इसके अलावा यहां से झारखंड और बिहार के कई जिलों के लिए एक्टर की मदद से कई बसे जा चुकी हैं।

PPE किट भी दान कर चुके हैं सोनू सूद

PPE किट भी दान कर चुके हैं सोनू सूद

सून सूद इससे पहले भी पंजाब के डॉक्टरों के लिए 1,500 पीपीई किट दान कर चुके हैं। उन्होंने मुंबई स्थित अपने होटल को उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों के रहने के लिए उपलब्ध करावाया है। रमजान के पवित्र महीने में भिवंडी इलाके में हजारों वंचित और प्रवासियों को फूड किट उपलब्ध करा रहे हैं।

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English summary
Will continue sending migrants home until the last one reunites with family: Sonu Sood.
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