भाजपा को हरियाणा के लिये इंपोर्ट करना पड़ेगा मुख्यमंत्री!
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। सभी एग्जिट पोल चिल्ला-चिल्ला कर कह रहे हैं कि हरियाणा में अगली सरकार भारतीय जनता पार्टी की बनेगी। अगर इन पोल्स को सही मान लिया जाये, तो अगला प्रश्न आयेगा कि अगर भाजपा की सरकार बनी तो मुख्यमंत्री कौन बनेगा? मजेदार बात यह है कि हरियाणा भाजपा के नेताओं व कार्यकर्ताओं के पास भी अभी तक इस सवाल का जवाब नहीं है। उससे भी मजेदार यह है कि हो सकता है हरियाणा में जीत के बाद भाजपा को मुख्यमंत्री पद के लिये किसी नेता को अन्य राज्य से इंपोर्ट यानी आयात करना पड़े!

दिल्ली में भाजपा के मुख्यालय से लेकर राज्य की राजधानी चंडीगढ में सवाल पूछा जा रहा है कि क्या भाजपा को मुख्यमंत्री किसी उस नेता को तो नहीं बनाना पड़ेगा जो चुनाव लड़ा ही नहीं। यानी किसी नेता को मुख्यमंत्री बनाने के लिए इंपोर्ट करना होगा। जानकारों का कहना है कि भाजपा की तरफ से जो नेता चुनाव लड़े हैं, उनमें किसी का इस तरह का कद नहीं है कि उसे मुख्यमंत्री ही बना दिया जाए। प्रदेश भाजपा प्रमुख रामबिलास शर्मा का कद भी कोई बहुत बड़ा नहीं है। वे ज्यादा से ज्यादा मंत्री बनने लायक ही हैं।
गुड़गांव के सांसद राव इंद्रजीत पहला विकल्प
इन हालातों में माना जा रहा है कि भाजपा आला कमान गुड़गांव से सांसद और केन्द्र सरकार में राज्य मंत्री राव इंद्रजीत को मुख्यमंत्री पद सौंप सकती है। राव इंद्रजीत वास्तव में बड़े नेता हैं अहीरवाल क्षेत्र के। वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भी करीबी हैं। मोदी ने पिछले साल 22 सितंबर को राव इंद्रजीत के आग्रह पर रेवाड़ी में एक बड़ी रैली भी की थी। उसमें जिस तरह की भीड़ आई थी उससे मोदी बेहद खुश हुए थे। राव इंद्रजीत लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। वे पहले भी गुड़गांव से सांसद थे।
जानकार मानते हैं कि भाजपा उनमें सशक्त गैर-जाट नेता होने के सभी गुण मौजूद हैं। इसलिए उन पर दांव खेला जा सकता है। जानकार मानते हैं कि भाजपा नेतृत्व हाल ही में कांग्रेस से भाजपा में आए चौधरी बीरेन्द्र सिंह को शायद उक्त पद के लिए नहीं उचित माने। वे कुल मिलाकर ड्राइंग रूम की राजनीति ही करते हैं।
हालांकि कुछ जानकार मानते हैं कि कैप्टन अभिमन्यु भी हरियाणा का मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। वे बेहद प्रखऱ वक्ता हैं। पर उनका जनाधार कोई बहुत नहीं हैं।
कुल मिला कर अगर राव इंद्रजीत और कैप्टन अभिमन्यु के नाम पर बात नहीं बनी, तो भाजपा को दिल्ली, पंजाब या उत्तर प्रदेश से किसी सांसद को हरियाणा का मुख्यमंत्री नियुक्त करना पड़ेगा। उसके लिये आगे चलकर मुख्यमंत्री को विधान परिषद का सदस्य भी बनाया जायेगा। खैर यह तो महज कयास हैं, होगा वही जो अमित शाह चाहेंगे।
बहरहाल, अब बहुत देर नहीं जब हरियाणा को उसका नया मुख्यमंत्री मिल जाएगा।












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