शहीद की पत्नी बोली, मुझे गर्व है कि मेरे पति ने देश के लिए जान दी
32 वर्षीय हवलदार सुखराज सिंह पंजाब के गुरदासपुर जिले के तहत आने वाले गांच मान नगर के रहने वाले थे। शहीद सुखराज ने अपनी जान की बाजी लगाकर आतंकियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया।
नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर के नगरोटा में हुए आतंकी हमले में भारतीय सेना के सात जांबाज जवान शहीद हुए हैं। उरी आतंकी हमले के बाद ये दूसरा बड़ा आतंकी हमला है।

इस हमले में किसी का भाई चला गया, किसी का बेटा तो किसी का सुहाग... लेकिन शहीदों के परिजनों का हौंसला नहीं टूटा है। परिजनों को जवानों की शहादत पर गर्व है।
नगरोटा आतंकी हमले में शहीद हुए हवलदार सुखराज सिंह की पत्नी हरमीत कौर ने का कहना है, 'मेरी सरकार से कोई मांग नहीं है। मुझे गर्व है कि मेरे पति ने देश के लिए जान दी है।'
32 वर्षीय हवलदार सुखराज सिंह पंजाब के गुरदासपुर जिले के तहत आने वाले गांच मान नगर के रहने वाले थे। शहीद सुखराज ने अपनी जान की बाजी लगाकर आतंकियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया।
आपको बता दें कि मंगलवार को जम्मू के नगरोटा में हुए आतंकी हमले में सेना के सात जवान शहीद हो गए थे। इन शहीदों में दो मेजर रैंक के ऑफिसर और पांच जवान शामिल हैं।
पुलिस की वर्दी पहने हुए थे आतंकी
तीनों आतंकी भी इस हमले में मारे गए थे। ये तीनों लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी थे। जम्मू कश्मीर पुलिस की वर्दी पहने अंधेरे की आड़ लेकर घुसे आतंकियों ने नगरोटा के 16 कमान हेडक्वार्टर पर सुबह पांच बजे हमला बोला था।
आतंकी दीवार को फांदकर ऑफिसर्स मेस के अंदर पहुंचे और यहां पर उन्होंने ग्रेनेड फेंकने के साथ ही फायरिंग शुरू कर दी।
7 शहीद जवानों में 2 मेजर
इसके बाद आतंकी इंडियन आर्मी के मेजर रैंक ऑफिसर्स के लिए बने क्वार्टर्स वाले इलाके में पहुंच गए लेकिन सेना की चौकसी की वजह से बंधक संकट को अंजाम नहीं दे सके।
इस हमले में शहीद हुए जवानों मे मेजर गोसावी कुनाल मन्नादीर, मेजर अक्षय गिरीश कुमार, हवलदार सुखराज सिंह, ग्रेनेडियर राघवेंद्र सिंह, लांस नायक संभाजी यशवंतराव, राइफलमैन असीम राय और नायक चितरंजन देब्बारमा थे।












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