नीतीश कुमार विपक्षी एकता की कोशिश क्यों कर रहे हैं ? RCP सिंह ने ये बताया

पटना, 6 सितंबर: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दो दिनों से दिल्ली में 2024 में नरेंद्र मोदी की सरकार को सत्ता से बेदखल करने के मिशन में जुटे हुए हैं। वह हर उस दल के नेता के पास जा रहे हैं, जो भाजपा और खासकर पीएम मोदी के कट्टर विरोधी हैं। बीजेपी का साथ छोड़े हुए नीतीश को अभी पूरा महीना भी नहीं हुआ है, लेकिन वह भारतीय जनता पार्टी के नंबर वन-विरोधी बनकर उभरने की ताक में लगे हैं। हालांकि, उनके पूर्व सहयोगी और बहुत ही ज्यादा करीबी रहे पूर्व जेडीयू नेता आरसीपी सिंह उनके मिशन को लेकर कुछ अलग ही बातें बोल रहे हैं।

नीतीश के 2024 मिशन पर आरसीपी सिंह का हमला

नीतीश के 2024 मिशन पर आरसीपी सिंह का हमला

पूर्व केंद्रीय मंत्री और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पूर्व सहयोगी आरसीपी सिंह ने 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए बीजेपी-विरोधी विपक्षी दलों को एकजुट करने के अपने पूर्व बॉस की कोशिशों पर जमकर हमला बोला है। पूर्व आईएएस ने कहा है कि विपक्षी एकता की बात सिर्फ दिखावा है और मुख्यमंत्री सिर्फ खुद को बिहार में बचाए रखने के लिए यह सब कर रहे हैं। नीतीश विपक्षी एकता के लिए कई दलों के नेताओं से मिलकर दिल्ली में तस्वीरें खिंचवाने में व्यस्त हैं तो आरसीपी सिंह दिल्ली से पटना पहुंचकर उनके बारे में कह रहे हैं कि 'विपक्षी एकता कभी भी संभव नहीं होगी....बिहार सूखे और बाढ़ से जूझ रहा है, किसान तबाह हो चुके हैं और मुख्यमंत्री दिल्ली में राजनीतिक प्रवास पर हैं।'

पीएम मोदी के खिलाफ विपक्षी नेताओं को एकजुट करने की कोशिश

पीएम मोदी के खिलाफ विपक्षी नेताओं को एकजुट करने की कोशिश

गौरतलब है कि नीतीश कुमार विपक्षी एकता के लिए दिल्ली में अलग-अलग दलों के नेताओं से मिल रहे हैं। सोमवार को वह कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी से मिले थे। जबकि, मंगलवार को उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और सीपीएम के नेता सीताराम येचुरी से मुलाकात की है। हालांकि,जेडीयू की ओर से नीतीश को पीएम के संभावित उम्मीदवार के तौर पर पेश करने की जोरदार कोशिश हो चुकी है, लेकिन अभी नीतीश कुमार यही दावा कर रहे हैं कि वह विपक्ष के पीएम उम्मीदवार पद के दावेदार नहीं बनना चाहते और सिर्फ विपक्ष को 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए एकजुट करने का प्रयास कर रहे हैं और अगर विपक्षी दलों ने एकजुटता दिखाई तो बीजेपी को 50 सीटों से ज्यादा नहीं मिलेगी। हालांकि, बाद में वह नंबर वाली अपनी भविष्यवाणी से मुकर भी चुके हैं।

'जब 10 से ज्यादा सीटें लड़ने को ही नहीं मिलेंगी.....'

'जब 10 से ज्यादा सीटें लड़ने को ही नहीं मिलेंगी.....'

आरसीपी सिंह ने नीतीश के लिए जदयू की प्रधानमंत्री पद की महत्वाकांक्षा की भी खूब खिल्ली उड़ाई है। वे बोले- 'कल्पना कीजिए, आज वे जिस महागठबंधन सरकार की अगुवाई कर रहे हैं, उसके 165 सदस्य हैं। इस आधार पर 2024 के चुनावों में उन्हें चुनाव लड़ने के लिए 10 से ज्यादा सीटें भी नहीं मिलेंगी और वह कितनी जीतेंगे, यह तो समय ही बताएगा। फिर भी, उनका कहना है कि उन्हें पीएम उम्मीदवार बनने में कोई दिलचस्पी नहीं है, जबकि उनकी पार्टी कहती है कि वह विपक्षी एकता के चेहरा हैं। दूसरे राज्यों को योगदान के रूप में उनके पास दिखाने के लिए क्या है?' उन्होंने दावा किया है कि विपक्षी एकता पर उनका नया जोर बिहार के मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश है और 'उनकी लोकप्रियता भी तेजी से गिरी है।' आरपीसी ने विपक्षी एकता की बात पर तंज कसते हुए कहा है कि यह 'पक्षी एकता' की तरह है, जो विभिन्न दिशाओं में उड़ सकते हैं।

इशारों में नीतीश के साथ लालू को भी लपेटा

इशारों में नीतीश के साथ लालू को भी लपेटा

आरपीसी सिंह ने नीतीश पर लालू के इशारे पर काम करने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, 'सभी जानते हैं कि वह किसकी धुन पर नाच रहे हैं। वह सदन में और पार्टी की बैठकों में मेरे खिलाफ ऐसी भाषा में बोल रहे हैं, जिससे पता चलता है कि उम्र बढ़ती जा रही है और उन्होंने संतुलन खो दिया है। ' उन्होंने दावा किया की सीएम सिर्फ सच्चाई का सामना करने से बच रहे हैं। जिस राज्य में वह 17 साल से मुख्यमंत्री हैं, वहां मुख्यमंत्री के काफिले पर हमला हो रहा है और उन्हें शारीरिक रूप से नुकसान पहुंचाया जाता है।

'नीतीश ने जनादेश के साथ खिलवाड़ किया है'

'नीतीश ने जनादेश के साथ खिलवाड़ किया है'

जदयू के पूर्व नेता ने नीतीश पर यह भी आरोप लगाया है कि उन्होंने जनादेश का अपमान किया है। उन्होंने कहा, 'उन्होंने जनादेश के साथ खिलवाड़ किया है, जो कि बिहार को एक विकसित राज्य बनाने के लिए मिला था।' जबकि, देश की अर्थव्यस्था 2014 में जो 10वें नंबर पर थी वह आगे बढ़कर पांचवें स्थान पर पहुंच चुकी है। नीतीश के पूर्व के खासमखास ने कहा, 'उनके पास अभी भी समय है कि वह बिहार की जनता के उम्मीदों पर खरे उतरें। वह अपने पार्टी के कार्यकर्ताओं की भी नहीं सोच रहे हैं। देश के सर्वोच्च पद के लिए कोई भी उम्मीदवार बन सकता है, लेकिन सम्मान किसे मिलता है, यह देश की जनता तय करती है।....... '(आरसीपी सिंह की पहली और दूसरी तस्वीर सौजन्य- उनके ट्विटर से)

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