जानिए इंडिया-नेपाल बॉर्डर पर क्यों बढ़ रही है मानव तस्करी?
नयी दिल्ली (ब्यूरो)। भारत-नेपाल सीमा पर मानव तस्करी के मामलों में जबरदस्त बढ़ोत्तरी हुई है। आंकड़ों की मानें तो साल 2012 में ऐसे मामलों की संख्या 8 थी जो 2015 में 46 हो गई है। गृह मंत्रालय की तरफ से एक रिपोर्ट जारी की गई है जिसमें साल 2015 में हुए मानव तस्करी के मामलों का जिक्र है। मानव तस्करी के मामलों में बढ़ोत्तरी के पीछे नेपाल में आए भूकंप को कारण माना गया है जिसने नेपाल को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया।
भूकंप के बाद से दो वक्त की रोटी और तन पर कपड़े का झांसा देकर नेपाल की लड़कियों को भारत के विभिन्न शहरों के कोठों पर बेचा जा रहा है। इतना ही नहीं भारत में मजदूरी के लिए नेपाल के नाबालिग बच्चों को बेचा भी जा रहा है।आंकड़ों पर डालते हैं नजर
- भारत-नेपाल सीमा पर साल 2013 में मानव तस्करी के 8 मामले।
- भारत-नेपाल सीमा पर साल 2013 में मानव तस्करी के 13 मामले।
- साल 2014 में 8 मामले दर्ज किए गये।
- भूकंप के बाद साल 2015 में 46 मामले में दर्ज किए गये।
- साल 2012 में 7 मानव तस्करों को गिरफ्तार किया गया था और 72 पीडि़तों को बचाया गया था।
- साल 2013 में 108 पीडि़तों को बचाया गया था और 19 मानव तस्करों को गिरफ्तार किया गया था।
- साल 2014 में 8 तस्करों को गिरफ्तार किया गया था और 33 पीडि़ताओं को बचाया गया था।
- साल 2015 में भूकंप से पहले 12 तस्करों को गिरफ्तार किया गया था। वहीं भूकंप के बाद 59 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है और 159 पीडि़तों को बचाया गया है।













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