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क्यों संत और बाबाओं को पसंद है हरियाणा और पंजाब?

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नई दिल्ली(विवेक शुक्ला)। संत रामपाल का पर्दाफाश होने के बाद सवाल पूछा जा रहा है कि हरियाणा और पंजाब कथित संतों बाबाओं,फकीरों वगैरह के लिए इतनी मुफीद जगह कैसे बन गए ?

हरिय़ाणा सर्विस पब्लिक कमीशन के पूर्व अध्यक्ष डा.डी.आर. चौधरी मानते हैं कि इन डेरों में हिन्दू और सिख धर्म के सामाजिक-आर्थिक रूप से सबसे कमजोर समझे जाने वाले लोग पहुंचते हैं। क्यों पहुंचते है ? वे कहते हैं कि कई वजहों में से एक तो यह है कि इनमें इन लोगों को ‘स्पिरिचूअल स्पेस' मिलता है। बराबरी का हक मिलता है।

आर्य समाज से सिख धर्म तक

हालांकि पंजाब और हरिय़ाणा आर्य समाज और सिख धर्म से प्रभावित इलाके हैं, पर इनमें जाति का जहर बहुत अंदर तक फैला हुआ। दलित हिन्दुओं और सिखों को अगड़ी जाति के ठेकेदार मंदिरों और गुरुद्वारों में जगह नहीं देते।

कौन जाते हैं डेरों में

डेरों में एक खास वर्ग को स्पिरिचूअल स्पेस तो मिलता है, यह तो निर्विवाद है। पर इनमें बहुत से लोग अपनी बहुत छोटी-मोटी मन्नतों को पूरा करवाने के लिए ‘बाबा','संत','गुरुजी' से आशीर्वाद भी लेने जाते हैं। इन्हें लगता है कि डेरों में बाबा के आशीर्वाद मिलते ही इनका काम बनने लगेगा। इनमें पुत्र पाने की इच्छा से लेकर अपने पति या भाई को शराब के नशे से मुक्ति दिलवाने के लिए भी बहुत सी स्त्रियां पहुंचती हैं।

वे कहते हैं कि इस बात से कोई इंकार नहीं कर सकता कि इन डेरों का समाज सुधार का भी एक पुट तो है। ये शराब और दूसरी नशे की आदतों के खिलाफ आवाज उठाते है, अभियान चलाते हैं। वैसे,पुत्र पाने की चाहत में ही हरिय़ाणा और पंजाब देश के भ्रूण हत्या के मामले में सबसे कुख्यात प्रदेश बन गए।

पर बाबा तो दलित नहीं

यह जरूरी नहीं है कि डेरों के प्रमुख संत या बाबा भी दलित हों या फिर किसी पिछड़ी जाति से आते हो। उदाहरण के रूप में आप सिरसा,हरिय़ाणा के डेरा सच्चा सौदा को ही लीजिए। यह पंजाब के मालवा क्षेत्र से लगता हुआ इलाका है। इसके प्रमुख बाबा राम रहीम राजस्थानी मूल के जाट हैं। इसके ज्यादातर प्रमुख लोग भी ऊंची जातियों के हिन्दू और सिख हैं। पर इसमें आस्था रखना वाले बेहद पिछड़ी जातियों के हिन्दू-सिख हैं। इससे मिलते-जुलते चरित्र के कई और भी डेरे हैं।

डेरे और सियासत का घालमेल

हालांकि शिऱोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) सच्चा सौदा डेरे का कड़ा विरोध करती रही है, पर अकाली दल के नेता डेरे के हर चुनाव में समर्थन के लिए लाइन लगाकर खड़े हो जाते हैं। बलबीर सिंह कहते हैं डेरे राजनीतिक दलों को बना-बनाया वोट बैंक दे देते हैं। बदले में डेरों को नेताओं से धन इत्यादि के रूप में लाभ होता रहता है।

पढ़े: संत रामपाल का कच्चा चिठ्ठा

हालिया हरिय़ाणा विधान सभा चुनाव से पहले संत रामपाल से लेकर डेरा सच्चा सौदा के समर्थन के लिए नेता इनके दरबार में हाजिरी लगा रहे थे। हालिया हरिय़ाणा विधान चुनाव के दौरान बाबा सच्चा सौदा के प्रमुख बाबा राम रहीम के पास आशीर्वाद लेने के लिए भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गिय, कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला,कांग्रेस नेता कुलदीप शर्मा समेत तमाम नेता पहुंचे।

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English summary
Haryana and Punjab become fertile ground for fake seers, They are thriving in these two states.
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