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नीतीश कुमार Porn साइट पर क्यों चाहते हैं पूर्ण पाबंदी ? जानिए वजह

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नई दिल्ली- बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पॉर्न साइट पर पूरी तरह से पाबंदी की वकालत कर रहे हैं। इस बारे में वह सार्वजनिक मंच से भी बोल चुके हैं और इस संबंध में प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर सीधी दखल देने की मांग भी कर चुके हैं। असल में नीतीश कुमार की चिंता के पीछ कई वजहें और एनसीआरबी के आंकड़े भी उनकी चिंताओं के कारणों को जाहिर करते हैं। आइए नीतीश कुमार की चिंता से लेकर, दुनिया भर में फैले इसके अरबों डॉलर के कारोबार और व्यक्ति के साथ-साथ समाज पर पड़ रहे इसके गलत प्रभावों पर की गई स्टडी पर भी एक नजर डालते हैं।

ऐसे साइट्स को लेकर नीतीश की राय क्या है?

ऐसे साइट्स को लेकर नीतीश की राय क्या है?

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लगता है कि इंटरनेट पर आसानी से उपलब्ध पॉर्न कंटेंट की वजह से युवाओं की मानसिकता पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। इंटरनेट पर कई बार हिंसक कंटेंट देखकर युवाओं में मानसिक विकृति पैदा होने का खतरा रहता है। पिछले महीने उन्होंने एक जगह कहा था, 'ये जो पॉर्न साइट चलता है...पता चला है जो लड़कियों के साथ गलत काम करते हैं वैसी चीज को वो साइट पर लगा देते हैं....लोग देख लेते हैं। इससे मानसिकता बिगड़ती है।' इसलिए केंद्र को ऐसे अनैतिक कंटेंट को देशभर में तत्काल प्रभाव से रोकने के लिए कदम उठाना चाहिए। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री को खत लिखकर भारत में सभी तरह के प्रोनोग्रैफिक साइट को बैन करने के लिए खुद दखल देने की भी अपील की है।

'अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर इसे नहीं दी जा सकती इजाजत'

'अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर इसे नहीं दी जा सकती इजाजत'

नीतीश ने प्रधानमंत्री को जो खत भेजा है, उसमें ऐसे कई उदाहण भी दिए गए हैं, जिसमें अपराधी ने इंटरनेट पर ऐसे ही कंटेंट देखने के बाद आपराधिक वारदात को अंजाम दिया है। नीतीश ने खत में लिखा है कि इस तरह के अनुचित कंटेंट से महिलाओं के खिलाफ अपराध को तो बढ़ावा मिलता ही है, लंबे समय में यह पूरे समाज की मानसिकता पर भी बुरा असर डालेगा। पत्र के मुताबिक, 'मेरी नजर में बोलने और अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर ऐसे अनुचित कंटेंट तक असीमित पहुंच की इजाजत नहीं दी जा सकती। महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध के निवारण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने की जरूरत है। ' जाहिर है कि नीतीश को लगता है कि इंटरनेट के जरिए पॉर्न साइट तक बेरोक-टोक पहुंच जघन्य यौन हिंसा की घटनाओं को बढ़ावा दे रहे हैं।

नीतीश की चिंता की असल वजह

नीतीश की चिंता की असल वजह

पिछले कुछ वर्षों में बिहार में रेप की घटनाओं में इजाफा दर्ज किया गया है और शायद मुख्यमंत्री की चिंता की वजह भी यही है। एनसीआरबी के आंकड़े के मुताबिक 2001 में राज्य में रेप के 746 मामले दर्ज किए गए थे, जो कि 2019 में बढ़कर 1,146 तक पहुंच चुके हैं। इससे भी बड़ी चिंता की बात ये है कि बिहार में 2019 में फिरौती के लिए अपहरण के मामलों की तुलना में बलात्कार की घटनाओं में ज्यादा इजाफा दर्ज किया गया। जबकि, बिहार अपहरण उद्योग के नाम से बदनाम रहा है। एनसीआरबी का एक आंकड़ा और परेशान करता है। 2018 में देश में ऐसे 862 मामले दर्ज किए गए, जिसमें लड़कियों से जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट को इंटरनेट पर डाल दिया गया। इस लिस्ट में सबसे ऊपर ओडिशा और असम हैं, जहां ऐसे अलग-अलग 172 मामले दर्ज किए गए। बिहार भी पीछे नहीं है। यहां भी अपराधियों ने रेप के कई वारदातों को पहले तो फिल्माया और फिर उसे इंटरनेट के जरिए सार्वजनिक कर दिया। जबकि, पुलिस वाले भी कबूल करते हैं कि इस तरह की ज्यादातर वारदाते तो सामने ही नहीं आते।

जानकारों की क्या है राय?

जानकारों की क्या है राय?

कानून के कुछ जानकारों की राय है कि निजता और इंटरनेट के जरिए कोई भी जानकारी लेने के अधिकार और चाइल्ड प्रोनोग्राफी कंटेंट पर पूरी तरह से पाबंदी के बीच एक बैलेंस बनाने की जरूरत है। यानि, वे अभी भी व्यस्कों को पॉर्न देखने पर किसी तरह की पाबंदी लगाने के हिमायती नहीं दिख रहे हैं। हालांकि, यह राय बिहार के सीएम की राय से पूरी तरह से अलग है, जो ऐसे साइट्स पर ब्लैंकेट बैन की मांग कर रहे हैं। वहीं, इंटरनेट एक्सपर्ट पॉर्न साइट को पूरी तरह से रोकने में तकनीकी बाध्यताओं की दलील दे रहे हैं। उनका कहना है कि पहले भी कुछ साइट्स को रोकने की कोशिश हो चुकी है, लेकिन प्रॉक्सी सर्वरों के जरिए यूजर बिना पहचाने फिर से मनचाहे वेबसाइट तक पहुंच बना लेते हैं।

कितना बड़ा है पॉर्न साइट का कारोबार?

कितना बड़ा है पॉर्न साइट का कारोबार?

एक आंकड़े के मुताबिक दुनिया भर में पॉर्न साइट का कारोबार 1,500 करोड़ डॉलर से ज्यादा है। लगातार, हर साल यह कारोबार बढ़ता ही जा रहा है। 2016 की एक रिपोर्ट के मुताबिक सिर्फ पॉर्नहब नाम की एक वेबसाइट का विडियो 92,000 करोड़ बार देखा गया और उस साइट पर रोजाना 6.5 करोड़ लोग आए। यानि हर व्यक्ति ने 12.5 पॉर्न विडियो देखा। 2014 में कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के एक स्टडी में यह बात सामने आई थी कि प्रोनोग्राफी की वजह से ब्रेन में उसी तरह की लत पैदा हो सकती है, जैसी लत ड्रग्स लेने वालों की होती है।

इसे भी पढ़ें- बिहार में एनआरसी कराने का सवाल ही नहीं, सीएए पर फिर से चर्चा हो: नीतीश कुमार

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English summary
Nitish Kumar wants a complete ban on the porn site and for this he has also written a letter to PM. Because, they think it is leading to sexual violence
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