महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और पंजाब में क्यों बेकाबू हुआ कोरोना, केंद्र ने चिट्ठी लिखकर बताए ये कारण
नई दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने रविवार को महाराष्ट्र, पंजाब और छत्तीसगढ़ में तैनात की गई सेंट्रल पब्लिक हेल्थ टीम से मिले फीडबैक के आधार इन तीनों राज्यों को चिट्ठी लिखी है और बताया है कि वहां कोरोना संक्रमण में तेजी के क्या कारण हैं। गौरतलब है कि देश में लगातार पांच दिनों से एक लाख से ज्यादा नए मामले सामने आ रहे हैं और रविवार की सुबह आए आंकड़ों में तो यह 1.52 लाख के आंकड़ों को भी पार कर गया है। इसमें महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा डेली केस तो आ ही रहे हैं, पंजाब और छत्तीसगढ़ में भी हाल में कोरोना के मामलों में बहुत ही ज्यादा इजाफा दर्ज किया गया है। इसी का कारण जानने के लिए पिछले 6 अप्रैल को केंद्र सरकार ने 50 हाई-लेवल मल्टी-डिसिप्लिनरी पब्लिक हेल्थ टीमों को इन तीनों राज्यों के 50 जिलों में भेजा था। इसी टीम से मिली जानकारी के आधार पर केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने इन तीनों राज्यों के मुख्य सचिवों को चिट्ठी लिखी है और कोविड बढ़ने की वजह बताई है और उसके समाधान का रास्ता दिखाया है।

महाराष्ट्र के कई जिलों कोविड के खिलाफ जंग में पाई गई कमियां
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने महाराष्ट्र को भेजी चिट्ठी में कहा है कि वहां के 'सतारा, सांगली और औरंगाबाद जिलों में कंटेंमेंट ऑपरेशन सही नहीं पाए गए हैं, पेरिमीटर कंट्रोल संतोषजनक नहीं है, इंफ्लुएंजा लाइक इलनेस (आएलआई) जैसे मामलों पर सक्रिय निगरानी का अभाव है। बुलढाणा, सतारा, औरंगाबाद और नांदेड़ में मुख्य रूप से मैनपावर की कमी के चलते निगरानी के प्रयासों और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग ठीक से नहीं हो पा रही है।' भूषण की चिट्ठी में लिखा गया है कि 'औरंगाबाद, नंदूरबार, यवतमाल, सतारा, पालघर, जलगांव और जालना जिलों में टीम ने हेल्थकेयर वर्कफोर्स की काफी कमी पाई है। हेल्थ केयर वर्करों को काम पर लगाने, ठेके पर स्वास्थ्यकर्मियों को लेने जैसे कदमों में तेजी लाने की जरूरत है।' केंद्र ने राज्य में वैक्सीन की उपलब्धता के मामले पर ध्यान देने की बात भी कही है।

कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग पर फोकस करे पंजाब
केंद्र ने पंजाब सरकार को कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग पर फोकस करने और उसमें तेजी लाने को कहा है। केंद्र ने खासकर लुधियाना और पटियाला के लिए इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। भूषण की चिट्ठी में लिखा गया है, 'पटियाला और लुधियाना में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग में तेजी लाने की जरूरत है। एसएएस नगर (मोहाली) में मैनपावर की कमी के चलते कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और सर्विलांस के काम में दिक्कत आ रही है। कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के लिए प्राथमिकता के तौर पर अतिरिक्त मैनपावर निश्चित तौर पर लगाया जाए। ' केंद्र ने कहा है कि 'पटियाला और लुधियाना में टीम ने 45 से ज्यादा (गंभीर बीमारियों वालों) और 60 साल के ऊपर के लोगों में कोविड-19 टीकाकरण की गति धीमी पाई है। इसपर भी प्राथमिकता के आधार पर ध्यान दिया जाए।'

छत्तीसगढ़ में कंटेंमेंट जोन में आवाजाही पर सख्ती जरूरी
छत्तीसगढ़ सरकार को भेजी चिट्ठी में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कंटेंमेंट जोन का कड़ाई से पालन करने पर जोर दिया है। भूषण की चिट्ठी में लिखा गया है, 'रायपुर, जशपुर से टीम ने कंटेंमेंट जोन के पेरिमीटर कंट्रोल में कमियां पाई हैं। लगता है कि जैसे कंटेंमेंट जोन में लोगों की आवाजाही पर किसी तरह की कोई पाबंदी ही नहीं है। इसलिए माइक्रो कंटेंमेंट जोन समेत कंटेंमेंट जोन को सख्ती से लागू किए जाने की आवश्यकता है। ' इसके अलावा 'बालोद, रायपुर, दुर्ग और महासमुंद जिलों में अस्पतालों में बेड ऑक्यूपेंसी रेट ज्यादा है। जिला प्रशासन को हॉस्पिटल के इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक जरूरतों को बढ़ाने की आवश्यकता है, ताकि बढ़ती मांगों को पूरा किया जाए सके। '












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