अंबानी का नबंर देकर खुद फंस गए 'आप' के केजरीवाल

पहले रोहतक की रैली में और फिर कानपुर की रैली में। अंबानी पर हमला करना अरविंद केजरीवाल की मुख्य रणनीति का हिस्सा बन चुका है। झाड़ू चलाओ, बेईमान भगाओ रैली को संबोधित करते हुए दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने एक बार फिर कहा कि नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी पर मुकेश अंबानी के हाथों में खेलते हैं।
Did You Know: 1970 के दशक तक अंबानी परिवार दो कमरों के घर में रहते थे।
उन्होंने रैली में दो तथाकथित अकाउंट नंबर भी बताए। लेकिन इन नंबरों को लेकर खुद केजरीवाल अब फंसते नजर आ रहे हैं। केजरीवाल ने दावा किया कि दोनों ही नबंर अंबानी के स्विस बैंक के खातों के नंबर हैं। उन्होंने कहा कि ये नबंर मैंने बतौर सरकारी अधिकारी रहते हुए ये अकांउट नबंर सरकारी फाइल से नोट कर लिया, लेकिनसवाल यहीं से खड़ा होता है। जब केजरीवाल सरकारी अफसर थे, तो उन्होंने गोपनीयता के नियम को कैसे तोड़ा? सरकारी ऑफिसर होने के नाते उनसे उम्मीद की जाती है कि वो गोपनीय चीजों का अपने फायदे के लिए इस्तेमाल नहीं करेंगे, लेकिन केजरीवाल ने इसका बेजा इस्तेमाल किया और नियम का उल्लंधन किया।
वहीं सवाल ये भी अगर केजरीवाल इन अकाउंट नबंरों के बारे में पहले से जानते थे तो उन्होंने इन नंबरों का खुलासा अब क्यों किया? अन्ना आंदोलन से लेकर दिल्ली के विधानसभा चुनावों तक उन्होंने इन अकाउंट नंबरों का जिक्र कभी नहीं किया, लेकिन अब जब बात लोकसभा चुनाव की आई तो वो इसका इस्तेमाल अपने फायदे के लिए कर रहे हैं। वहीं लोगों के मन में ये भी सवाल उठ रहा है कि ईमानदारी को चोला ओढ़ने वाले केजरीवाल ने अंबानी के स्विस बैंक अकांउट नबंर प्रशासन को क्यों नहीं सौंपे। अगर वो चाहते थे कि वाकई अंबानी भाइयों के खिलाफ गंभीर कार्रवाई हो, तो उन्होंने संबंधित विभाग को ये नंबर क्यों नहीं सौंपे।
Did You Know: अंबानी का परिवार 1970 के दशक तक मुंबई के भुलेश्वर स्थित साधारण से दो कमरों के घर में रहते थे।












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