भाजपा नेता अरुण शौरी ने मोदी को 'थैंक यू' बोलकर उड़ाया वेंकैया का मजाक
नई दिल्ली। शुक्रवार से ही वरिष्ठ पत्रकार और भारतीय जनता पार्टी के नेता अरुण शौरी ट्विटर पर ट्रेंड कर रहे हैं। इसकी वजह उनका वो भाषण है जो उन्होंने दिल्ली स्थित प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में दिया जहां कई पत्रकार NDTV के प्रमोटर्स की सपंत्तियों पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के छापे के खिलाफ इकट्ठा हुए थे।
भाषण की शुरुआत में शौरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा किया कि सारे पत्रकार उनकी वजह से एक जगह पर इकट्ठा हो सके। वयोवृद्ध शौरी के स्वर में निश्चित रूप से व्यंग्य था लेकिन संदेश स्पष्ट था - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए लड़ने का।

भाषण के शुरुआत में शौरी ने कहा कि मैं नरेंद्र मोदी के प्रति गहरा आभार व्यक्त करना चाहता हूं। उन्होंने इतने सारे दोस्तों को साथ लाया है। और अब मैं कुछ पढ़ना चाहता हूं 'तुम से पहले वो जो इक शख़्स यहाँ तख़्त-नशीं था , उस को भी अपने ख़ुदा होने पे इतना ही यक़ीं था '।
दशकों बाद हुआ ऐसा
शायद दशकों बाद संभव हुआ कि कई प्रतिष्ठित पत्रकार केंद्र में सत्तारूढ़ शासन के खिलाफ आवाज उठाने के लिए इकट्ठा हुए। बैठक में इकट्ठा हुए मीडिया के कुछ प्रमुख नाम शामिल थे- कुलदीप नैयर, निहाल सिंह, शौरी, एच.के. दुआ, टी.एन. ननन, शेखर गुप्ता और प्रणय रॉय, कुछ नाम करने के लिए। न्यायिक फली एस नरीमन ने बैठक में भी अपनी बात रखी।
शौरी ने कहा कि 'आप कभी विश्वास न करें कि थोड़ी सी रियायत आपको शांति देगा। आप में से बहुत से लोग सोचते हैं कि यदि आप इन मंत्रियों के कुछ लेखों को प्रमुखता देते हैं या यदि आप उन्हें एयरटाइम देते हैं, तो वे आपको संकट में मदद करेंगे।' अपने भाषण के दौरान, 75 वर्षीय शौरी ने केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू पर उनके "लेखन कौशल" का मजाक उड़ाया।
एक पेज नहीं लिख सकते नायडू
वेंकैया नायडू मेरे दोस्त हैं, हमारे अपने पेपर द इंडियन एक्सप्रेस, में उन्हें एक पृष्ठ का तीन चौथाई भाग मिलता है। कुलदीप जी, कोई भी मुझे उस तरह की जगह नहीं दे सकता है। वेंकैया नायडू का लेख है। वेंकैया नायडू को तीसरे कक्षा की नोटबुक दें और किसी भी मनचाहे विषय पर एक पेज को भरने के लिए कहें। लेकिन आप उनके लेखों को छापते रहते हैं, जब आप बहुत अच्छी तरह जानते हैं कि वह नहीं लिख सकते।
उन्होंने कहा कि आपको लगता है कि स्थान को उसे देकर ज्यादा एयरटाइम देकर , आप शांति खरीद रहे हैं नहीं तो नहीं वास्तव में, जब आप पर हमला होगा, उनमें से कोई भी मदद नहीं करेगा। शौरी ने आरोप लगाया कि ये सरकार ढाई लोग चलाते हैं। शौरी ने कहा कि एक तो बात यहां कोई मिनिस्टर, कोई है ही नहीं। सरकार ढाई आदमियों सरकार हैं। ये बेचारे तो स्वामी अग्निवेश के बंधुवा मजदूर हैं।
भाषण के आखिरी में शौरी ने कहा कि 'अंत में, कृपया याद रखें कि हमारे पास केवल तीन सुरक्षाएं हैं। पहली हमारी एकजुटता है , दूसरा अदालत है .... तीसरा पाठकों या दर्शकों की सुरक्षा।












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