N Valarmathi: कौन थीं एन वलारमथी, 39 साल ISRO में रहीं वैज्ञानिक, चंद्रयान-3 काउंटडाउन को दी थी आवाज
Who Was N Valarmathi: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) में 39 सालों तक काम करने वालीं 64 वर्षीय वैज्ञानिक एन वलारमथी का निधन हो गया है। चंद्रयान 3 के लॉन्च काउंटडाउन को आवाज देने वाली इसरो साइंटिस्ट वलारमथी ने 02 सितंबर को आखिरी सांस ली। उनको हार्ट अटैक आया था।
इसरो के मुताबिक वलारमथी सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में रेंज ऑपरेशंस प्रोग्राम कार्यालय का हिस्सा थीं। भारत के पहले रडार इमेजिंग सैटेलाइट RISAT-1 की वलारमथी प्रोजेक्ट डायरेक्टर भी रह चुकी थीं।

इसरो के अधिकारियों ने वैज्ञानिक वलारमथी के निधन की पुष्टि की। वलारमथी 30 जुलाई को PSLV C56 रॉकेट पर डीएस-एसएआर रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट के प्रक्षेपण और 14 जुलाई को एलवीएम3 रॉकेट पर चंद्रयान-3 अंतरिक्ष यान के प्रक्षेपण का हिस्सा थीं।
केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने एन वलारमथी के निधन के बारे में एक्स (जिसे पहले ट्विटर के नाम से जाना जाता था) पर पोस्ट किया और लिखा, "एन वलारमथी जी के निधन के बारे में सुनकर दुख हुआ, जो चंद्रयान 3 सहित कई इसरो लॉन्च के काउंटडाउन गिनती के पीछे की आवाज थीं।"
कौन थीं एन वलारमथी?
- एन वलारमथी तमिलनाडु के अरियालुर की रहने वाली थीं, उनका जन्म 31 जुलाई, 1959 को हुआ था। वलारमथी ने कोयंबटूर के गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी से इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया था। वहीं अन्ना विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार में मास्टर डिग्री की है।
-पढ़ाई के बाद एन वलारमथी 1984 में ISOR में शामिल हुई थीं। एन वलारमथी देश की पहली स्वदेशी रडार इमेजिंग सैटेलाइट (RIS) और देश के दूसरे उपग्रह RISAT-1 की प्रोजेक्ट डायरेक्टर रह चुकी थीं। एन वलारमथी ने अपने कार्यकाल के दौरान Insat 2A, IRS IC, IRS ID और TES समेत कई प्रोजेक्ट में काम किया है।
-साल 2015 में एन वलारमथी को अब्दुल कलाम पुरस्कार दिया गया था। ये पुरस्कार पाने वाली एन वलारमथी पहली महिला थीं। तमिलनाडु सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम के सम्मान में यह पुरस्कार शुरू किया था।












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