Nandigram Election 2026: कौन हैं पबित्र कर? किस जाति से? TMC उम्मीदवार BJP के सुवेंदु अधिकारी को देंगे चुनौती
Nandigram Election 2026 Pabitra Kar: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले नंदीग्राम सीट एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस हाई प्रोफाइल सीट से पबित्र कर को उम्मीदवार बनाकर बड़ा राजनीतिक दांव चला है। दिलचस्प बात यह है कि पबित्र कर कभी भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के बेहद करीबी माने जाते थे और उनके साथ ही उन्होंने टीएमसी छोड़कर भाजपा का दामन थामा था।
अब चुनाव से ठीक पहले पबित्र कर ने भाजपा छोड़कर फिर से टीएमसी में वापसी कर ली है और पार्टी ने उन्हें सीधे नंदीग्राम से मैदान में उतार दिया है। भाजपा ने इस सीट से फिर सुवेंदु अधिकारी को मैदान में उतारा है, ऐसे में मुकाबला बेहद दिलचस्प होने वाला है। सुवेंदु अधिकारी भवानीपुर से भी सीएम ममता बनर्जी के खिलाफ लड़ रहे हैं। ऐशे में आइए जानते हैं पबित्र कर कौन हैं और उनका राजनीतिक सफर कैसा रहा है।

कौन हैं पबित्र कर (Who is Pabitra Kar)
पबित्र कर पश्चिम बंगाल के पूर्वी मिदनापुर जिले के नंदीग्राम क्षेत्र से आते हैं और स्थानीय राजनीति में एक जाना-पहचाना नाम हैं। नंदीग्राम कोलकाता से लगभग 130 किलोमीटर दूर स्थित है और राज्य की राजनीति में बेहद अहम सीट मानी जाती है।
पबित्र कर को इलाके में "नंदीग्राम का बेटा" भी कहा जाता है। स्थानीय स्तर पर उनकी पहचान एक जमीनी नेता के रूप में रही है, जो ज्यादा प्रचार से दूर रहकर संगठन और क्षेत्र में काम करने के लिए जाने जाते हैं। उनकी यही छवि उन्हें नंदीग्राम में एक मजबूत स्थानीय चेहरा बनाती है।
किस जाति से आते हैं पबित्र कर(Pabitra Kar Caste)
राजनीतिक हलकों में अक्सर पूछा जा रहा है कि पबित्र कर किस सामाजिक पृष्ठभूमि से आते हैं। जानकारी के मुताबिक पबित्र कर बंगाली कायस्थ समुदाय से संबंध रखते हैं।
बंगाल की राजनीति में कायस्थ समुदाय का भी प्रभाव माना जाता है और कई प्रमुख नेता इसी समुदाय से आते रहे हैं। टीएमसी ने नंदीग्राम में उम्मीदवार चुनते समय स्थानीय सामाजिक समीकरणों को भी ध्यान में रखा है।

सुवेंदु अधिकारी के करीबी रहे हैं पबित्र कर
पबित्र कर का राजनीतिक सफर काफी दिलचस्प रहा है। वह पहले तृणमूल कांग्रेस में ही सक्रिय थे, लेकिन 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले सुवेंदु अधिकारी के साथ टीएमसी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे।
सुवेंदु अधिकारी के साथ उनका रिश्ता इतना करीबी माना जाता था कि उन्हें उनका "राइट हैंड" भी कहा जाता था। 2021 और 2024 के चुनावों में नंदीग्राम ब्लॉक-II में भाजपा को बढ़त दिलाने में उनकी अहम भूमिका बताई जाती है। लेकिन अब उन्होंने फिर से टीएमसी का दामन थाम लिया है। पार्टी में उनकी वापसी टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की मौजूदगी में हुई।
2018 से शुरू हुआ राजनीतिक सफर (Political Journey of Pabitra Kar)
- पबित्र कर का राजनीतिक सफर कोई नया नहीं है। 2018 में वह बोयाल इलाके के दो गांवों के मुखिया बने थे। यहीं से उनकी स्थानीय राजनीति में पहचान मजबूत हुई।
- इसके बाद उन्होंने सुवेंदु अधिकारी का साथ दिया और 2021 में भाजपा में शामिल हो गए। इस दौरान नंदीग्राम क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने में उनकी भूमिका मानी जाती रही। उनका परिवार भी राजनीति से जुड़ा हुआ है। 2023 में उनकी पत्नी ने भाजपा के टिकट पर चुनाव जीता और बोयाल इलाके की दो ग्राम पंचायतों की प्रमुख बनीं।
- नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र में दो ब्लॉक हैं और ब्लॉक-II में भाजपा की मजबूत पकड़ मानी जाती है। पबित्र कर इसी इलाके के निवासी हैं और वहां उनका अच्छा प्रभाव बताया जाता है।
- स्थानीय स्तर पर लोग उन्हें जमीनी नेता मानते हैं। यही वजह है कि टीएमसी ने उन्हें नंदीग्राम से उम्मीदवार बनाकर भाजपा के खिलाफ उसी की रणनीति अपनाने की कोशिश की है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पबित्र कर का टीएमसी में लौटना सुवेंदु अधिकारी के लिए बड़ा झटका हो सकता है।

क्या नंदीग्राम में बदल जाएगा चुनावी समीकरण? (Nandigram Political Battle)
नंदीग्राम सीट पहले से ही बंगाल की सबसे चर्चित सीटों में रही है। 2021 के चुनाव में इसी सीट पर सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को हराया था।
अब जब टीएमसी ने सुवेंदु के पूर्व करीबी को ही मैदान में उतार दिया है, तो मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है। अगर भाजपा एक बार फिर सुवेंदु अधिकारी को इस सीट से उम्मीदवार बनाती है, तो नंदीग्राम में इस बार चुनाव सिर्फ दो नेताओं के बीच नहीं बल्कि पुराने रिश्तों और नई राजनीतिक रणनीतियों के बीच भी होगा।
FAQs
1. पबित्र कर कौन हैं?
पबित्र कर पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम क्षेत्र के एक स्थानीय नेता हैं, जिन्हें टीएमसी ने 2026 विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाया है।
2. पबित्र कर किस जाति से आते हैं?
पबित्र कर बंगाली कायस्थ समुदाय से संबंध रखते हैं।
3. क्या पबित्र कर पहले भाजपा में थे?
हाँ, पबित्र कर 2021 में सुवेंदु अधिकारी के साथ टीएमसी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे।
4. पबित्र कर का सुवेंदु अधिकारी से क्या संबंध रहा है?
उन्हें सुवेंदु अधिकारी का बेहद करीबी और भरोसेमंद सहयोगी माना जाता था।
5. टीएमसी ने पबित्र कर को किस सीट से उम्मीदवार बनाया है?
टीएमसी ने उन्हें नंदीग्राम विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया है, जहां उनका मुकाबला भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी से हो सकता है।
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