कौन है फेमस यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा, जिसे पाकिस्तान, ISI के लिए जासूसी करने के आरोप में किया गया गिरफ्तार
Haryana-based YouTuber Jyoti Malhotra: भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच पाकिस्तानी सेना और खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने के आरोप में हरियाणा और पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन 6 गिरफ्तार लोगों में चर्चित ट्रैवल ब्लॉगर और यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा भी शामिल हैं। ज्योति मल्होत्रा पर भारत के साथ गद्दारी करने और पाकिस्तानी सेना और ISI के लिए जासूसी करने का आरोप है।
ज्योति मल्होत्रा हरियाणा की रहने वाली है। ज्योति मल्होत्रा ''Travel with JO'' नामक यूट्यूब चैनल चलाती है। इस चैनल पर लगभग 4 लाख फॉलोअर्स हैं। ज्योति मल्होत्रा के इंस्टाग्राम पर 1.3 लाख फॉलोअर्स थे, जो अब बंद हो चुका है। ज्योति मल्होत्रा तीन बार पाकिस्तान की यात्रा कर चुकी है, जहां से उसने वीडियो बनाकर शेयर भी किया था। ये वीडियो आज भी ज्योति के चैनल पर है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान यात्रा के दौरान ज्योति खुफिया एजेंसी ISI के एजेंट्स के संपर्क में आईं।

🔵 who is jyoti malhotra: कौन है ज्योति मल्होत्रा?
🔴 Jyoti malhotra Family: ज्योति मल्होत्रा हरियाणा के हिसार की रहने वाली है। ज्योति मल्होत्रा आम परिवार से संबंध रखती है, हिसार में इसका न्यू अग्रसेन कॉलोनी में 55 गज का मकान है, जिसमें 3 छोटे-छोटे कमरे हैं। ज्योति के पिता हरीश मल्होत्रा कारपेंटर हैं। हालांकि उनकी आमदनी अच्छी नहीं है। ज्योति अपने माता-पिता की इकलौती संतान है। ज्योति के माता-पिता का तलाक हो चुका है, वे अलग रहते हैं। ज्योति अपने पिता के साथ रहती है।
🔴 Jyoti malhotra Education: ज्योति मल्होत्रा ने अपनी पढ़ाई हिसार से की है। हिसार के FCJ कॉलेज से उसने बीए की डिग्री ली। पढ़ाई के बाद वो दिल्ली आ गई। यहां शुरुआत में उसने 20 हजार रुपये सैलरी वाली पहली नौकरी मिली। कोरोना लॉकडाउन के वक्त 2020 में उसकी नौकरी चली गई। जिसके बाद वो दिल्ली छोड़कर हिसार चली गई।
🔴 Jyoti malhotra you tube: जॉब चले जाने के बाद ज्योति ने सोशल मीडिया पर वीडियो बनाना शुरू किया। वीडियो बनाने से जब उसे थोड़ी बहुत इनकम हुई तो वह हिसार छोड़कर दिल्ली आ गई। उसके बाद उसने नए सिरे से फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर वीडियो डालने शुरू किए। इसके जरिए धीरे-धीरे उसकी कमाई होने लगी।
ज्योति मल्होत्रा ''Travel with JO'' नामक यूट्यूब चैनल चलाती है। इस चैनल पर 17 मई 2025 तक 3 लाख 77 हजार फॉलोअर्स थे। जो अब बढ़कर 3 लाख 95 हजार (22 मई की सुबह तक) हो गए हैं। ज्योति मल्होत्रा के इंस्टाग्राम पर 1.3 लाख फॉलोअर्स थे। ज्योति मल्होत्रा का इंस्टाग्राम अकाउंट खैर अब बंद किया जा चुका है।
🔵 ज्योति मल्होत्रा से पहले 3 दिन हुई पूछताछ, फिर हुई गिरफ्तारी
ज्योति मल्होत्रा पर पुलिस और भारत की खुफिया एजेंसियां लंबे समय से नजर रखे हुए थीं। जैसे ही एजेंसियों को ठोस सबूत मिले 15 मई की सुबह करीब 10 बजे पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए उसके घर पहुंची। पुलिस ने घर की तलाशी ली और ज्योति के अलावा उसके पिता और चाचा के मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए। साथ ही, ज्योति का लैपटॉप भी कब्जे में ले लिया गया। इसके बाद उसे पूछताछ के लिए थाने ले जाया गया। हालांकि इसी दिन 15 मई की रात करीब 9 बजे पूछताछ के बाद ज्योति को छोड़ दिया गया।
अगले दिन 16 मई को उसे फिर से पूछताछ के लिए बुलाया गया। पूछताछ के बाद रात में पुलिस उसे दोबारा घर लेकर आई और उससे जुड़ा पूरा सामान जब्त किया। इसके तुरंत बाद ज्योति को लेकर पुलिस वापस थाने गई। ज्योति के परिवार को 17 मई को आधिकारिक रूप से बताया गया कि पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। मीडिया में भी ज्योति की गिरफ्तारी की खबर 17 मई को ही आई।
🔵 ज्योति मल्होत्रा कब गई पाकिस्तान और कैसे आई ISI के एजेंट्स के संपर्क?
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक ज्योति मल्होत्रा कमीशन एजेंटों के जरिए वीजा लेकर 2023 में पाकिस्तान गई थी। अपनी यात्रा के दौरान ज्योति मल्होत्रा ने नई दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग के एक कर्मचारी एहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश के साथ अच्छे संबंध बनाए। दानिश के जरिए ही ज्योति की पहचान पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के अन्य एजेंट्स से हुई। जिसमें अली अहसान और शाकिर उर्फ राणा शहबाज शामिल था। ज्योति ने अपने फोन में राणा शहबाज का नाम 'जट्ट रंधावा' के नाम से सेव किया है।
दानिश को भारत सरकार ने जासूसी में शामिल होने के लिए 13 मई 2025 को अवांछित व्यक्ति घोषित कर देश छोड़ने का आदेश दिया था। इसी दानिश ने ज्योति को कई पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों (PIOs) से मिलवाया था। ज्योति को ये जिम्मेदारी सौंपी गई थी कि वह सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान की सकारात्मक छवि दुनिया के सामने पेश करे। उसके बाद उसी वीडियो का इस्तेमाल कर पाकिस्तान भारत के खिलाफ प्रचार और जासूसी गतिविधियों के लिए कर रहा था।
🔵 ज्योति मल्होत्रा कैसे करती थीं पाकिस्तान एजेंट से बातचीत?
ज्योति मल्होत्रा व्हाट्सएप, टेलीग्राम और स्नैपचैट जैसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के जरिए शाकिर उर्फ राणा शहबाज और लोगों से बात करती थीं। ज्योति मल्होत्रा ने कथित तौर पर भारतीय स्थानों से संबंधित संवेदनशील जानकारी साझा की और सोशल मीडिया पर पाकिस्तान की सकारात्मक छवि पेश करने के लिए उसका सक्रिय रूप से इस्तेमाल किया गया।
जांच अधिकारियों का कहना है कि उसने एक पाकिस्तानी खुफिया अधिकारी के साथ अंतरंग संबंध भी बनाए और उसके साथ इंडोनेशिया के बाली घूमने भी गई थी। पीएचसी हैंडलर दानिश के दिल्ली में रहने के दौरान, वह उसके साथ बातचीत कर जानकारी देती रहती थी।
🔵 ज्योति मल्होत्रा पर किन धाराओं में दर्ज हुआ है केस?
ज्योति मल्होत्रा पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, 1923 की धारा 3, 4 और 5 के तहत आरोप लगाए गए हैं। ज्योति मल्होत्रा से एक लिखित कबूलनामा भी लिया गया है। इस मामले की जांच अब आर्थिक अपराध शाखा, हिसार को सौंप दिया गया है। अधिकारियों ने खुलासा किया कि ज्योति मल्होत्रा हरियाणा और पंजाब में सक्रिय एक बड़े जासूसी नेटवर्क का हिस्सा थी।
🔵 कौन है 32 वर्षीय विधवा महिला गजाला? पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गई जेल
ज्योति मल्होत्रा के अलावा एक और मुख्य आरोपी गजाला है, जो पंजाब के मलेरकोटला की रहने वाली 32 वर्षीय विधवा महिला हैं। 27 फरवरी 2025 को गजाला वीजा के लिए आवेदन करने के लिए नई दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग गई थी। जहां वह दानिश से मिली और उसके साथ जानकारी शेयर की। दानिश ने जल्द ही उसे व्हाट्सएप से टेलीग्राम पर स्विच करने के लिए राजी कर लिया। दानिश ने चैट और वीडियो कॉल के जरिए गजाला के साथ अफेयर चलाया और शादी करने का वादा किया।
वक्त बीतने के साथ-साथ दानिश ने गजाला को पैसे भेजना शुरू कर दिया, 7 मार्च को पेमेंट ऐप, फोनपे के जरिए 10,000 रुपये और 23 मार्च को दूसरे पेमेंट ऐप गूगल पे के जरिए 20,000 रुपये भेजे गए थे। बाद में उसने उसे 10,000 रुपये, 1,800 रुपये, 899 रुपये, 699 रुपये और 3,000 रुपये अलग-अलग वक्त में भेजा।
23 अप्रैल को गजाला अपनी दोस्त बानू नसरीना, जो मलेरकोटला की एक अन्य विधवा है, के साथ पाकिस्तान उच्चायोग फिर से गई। दानिश ने फिर से उनके वीजा की व्यवस्था की, जो अगले दिन जारी कर दिया गया।
इस मामले में गिरफ्तार किए गए अन्य लोगों में मलेरकोटला का यामीन मोहम्मद शामिल है, जिसने वित्तीय लेन-देन और वीजा-संबंधी गतिविधियों में दानिश के साथ सहयोग किया।












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