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भूपिंदर सिंह मानः किसान आंदोलन मामले में सुप्रीम कोर्ट की कमेटी से अलग होने वाले मान कौन हैं?

By BBC News हिन्दी

Bhupinder Singh Mann, भूपिंदर सिंह मान
Bhupinder Singh Mann/Facebook
Bhupinder Singh Mann, भूपिंदर सिंह मान

किसान आंदोलन को लेकर बनाई गई सुप्रीम कोर्ट की चार सदस्यीय कमेटी से भारतीय किसान यूनियन (मान) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व राज्यसभा सांसद भूपिंदर सिंह मान ने खुद को अलग कर लिया है.

उन्होंने अपने जारी बयान में कहा, "मैं सुप्रीम कोर्ट का शुक्रगुज़ार हूँ कि उन्होंने मुझे चार सदस्यीय कमेटी में मनोनीत किया ताकि केंद्र के लाए गए तीन क़ानूनों पर किसान संगठनों से बातचीत शुरू हो सके."

"ख़ुद एक किसान होते हुए और किसान नेता होने के नाते, स्थिति और किसान संगठनों की चिंताओं के मद्देनज़र, मैं किसी भी पद की क़ुर्बानी के लिए तैयार हूँ ताकि पंजाब और देश के किसानों के हितों से कोई समझौता न हो. मैं खुद को कमेटी से अलग करता हूँ और मैं हमेशा किसानों और पंजाब के साथ खड़ा हूँ."

भूपिंदर सिंह मान भारतीय किसान यूनियन से टूट कर बने संगठन बीकेयू (मान) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं.

वे पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के समर्थक माने जाते हैं.

मान को 1990 में राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया था.

भूपिंदर सिंह मानः किसान आंदोलन मामले में सुप्रीम कोर्ट की कमेटी से अलग होने वाले मान कौन हैं?

कृषि मंत्री नरेंदर सिंह तोमर को लिखी अपनी चिट्ठी में उन्होंने कृषि क़ानूनों का समर्थन भी किया था लेकिन साथ ही कहा था कि इन्हें कुछ संशोधनों के बाद लाया जाए.

एमएसपी को लेकर भी वे सरकार से लिखित में आश्वासन मांग रहे थे कि इसे ख़त्म नहीं किया जाएगा.

सुप्रीम कोर्ट ने चार लोगों की कमेटी गठित की है. जिसमें भूपिंदर सिंह मान के साथ-साथ प्रमोद जोशी, अनिल घनवंत और अशोक गुलाटी को इस कमेटी में शामिल किया गया.

प्रमोद जोशी नेशनल एकेडमी ऑफ़ एग्रिकल्चर रिसर्च मैनेजमेंट के डायरेक्टर रह चुके हैं और आर्थिक-कृषि मामलों के जानकार हैं.

अनिल घनवत महाराष्ट्र के बहुचर्चित शेतकारी संगठन के प्रमुख हैं. इस संगठन की शुरुआत किसान नेता शरद जोशी ने की थी.

अशोक गुलाटी कृषि विशेषज्ञ हैं और भारत सरकार को एमएसपी के मुद्दे पर सलाह देने वाली कमेटी के सदस्य भी रह चुके हैं. इन्हें 2015 में पद्मश्री पुरस्कार से नवाज़ा जा चुका है. वे इंडियन काउंसिल फॉर रिसर्च ऑन इंटरनेशनल इकॉनमिक रिलेशंस में प्रोफ़ेसर भी रह चुके हैं.

कमेटी की पहली बैठक 22 जनवरी को होनी तय हुई थी. किसान और केंद्र सरकार के पक्ष सुनने के बाद कमेटी अपनी रिपोर्ट दो महीने के अंदर-अंदर सुप्रीम कोर्ट को सौंपेगी.

BBC Hindi
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English summary
Who is Bhupinder Singh Mann who has taken back his name from sc formed committee in the Kisan agitation case
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