जानिए Howdy Modi के पीछे किसकी है कड़ी मेहनत, कैसे हो सका संभव

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका में बसे भारतीय मूल के लोगों को हाउडी मोदी कार्यक्रम के जरिए संबोधित करेंगे। पीएम मोदी के इस कार्यक्रम की तैयारी जोरो पर चल रही है और हर कोई इसकी चर्चा कर रहा है। लेकिन इस कार्यक्रम की शुरुआत किस तरह से हुई इसकी कहानी दिलचस्प है। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार पीएम मोदी को ह्यूस्टन में आने के लिए कुल 25 पत्र लिखे गए थे, जिसमे अपील की गई थी कि जब वह अमेरिका के दौरे पर आएं तो यहां जरूर आएं। यह पत्र जाने माने भारती-अमेरिकी उद्योगपतियों ने पीएम मोदी को लिखा था, जिन्होंने इस कार्यक्रम के लिए छोटे से लेकर बड़ा योगदान दिया है। इन बिजनेसमैन की वजह से ही पीएम मोदी के हाउडी मोदी कार्यक्रम के लिए कुल 2.4 मिलियन डॉलर इकट्ठा हुए।

यूं बनी योजना

यूं बनी योजना

जून माह में शहर के कुछ जाने माने भारतीय-अमेरिकी बिजनेसमैन को इस बात की जानकारी मिली कि प्रधानमंत्री मोदी सितंबर माह में अमेरिका आ रहे हैं। वह यहां पर यूएन जनरल असेंबली की बैठक मे शामिल होने के लिए आ रहे हैं। जिसके बाद उन्हें पता चला कि पीएम मोदी शिकागो और बोस्टन भी जाएंगे, जहां के लोग उनका स्वागत करेंगे। भारत-अमेरिका के बीच ईरान के तेल पर लगी पाबंदी को लेकर बात होनी है, ऐसे में ह्यूस्टन जहां पर 150000 भारतीय-अमेरिकी रहते हैं, उन्हें पीएम यह बिल्कुल सही समय लगा जब वह पीएम मोदी का स्वागत करें।

लोगों ने पीएम के कार्यक्रम के लिए बनाया फोरम

लोगों ने पीएम के कार्यक्रम के लिए बनाया फोरम

भाजपा के विदेश मामलों के मुखिया विजय चुथाइवले जोकि ह्यूस्टन में रहते हैं उन्होंने बताया कि ह्यूस्टन में काफी बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग रहते हैं। भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा काफी अहम है और ह्यूस्टन इसकी राजधानी है। भारत को ऊर्जा की जरूरत है, ह्यूस्टन में यह काफी अधिक है। टेक्सास इंडिया फोरम के मुखिया जुगल मलानी ने बताया कि इस फोरम का गठन पीएम मोदी की रैली के लिए किया गया था। हम लोग पहले से बनी कमेटी में शामिल नहीं होना चाहते थे। हम में से किसी के पास भी इतना बड़ा कार्यक्रम आयोजित करने का अनुभव नहीं है। बता दें कि पीएम मोदी के इस कार्यक्रम में तकरीबन 50 हजार से भी अधिक लोगों की संभावना है।

दोगुना इकट्ठा हुआ चंदा

दोगुना इकट्ठा हुआ चंदा

मलानी के अलावा पीएम के कार्यक्रम के लिए स्वतंत्र जैन ने भी फंडिंग की है, जोकि पेट्रोकेमिकल कंपनी विनमार इंटरनेशनल में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हैं। इसके अलावा अमित भंडारी बायो उर्जा ग्रुप के फाउंडर ने भी पीएम मोदी की कंपनी के लिए डोनेट किया है। फोरम ने कुल एक लाख डॉलर इकट्ठा किया है और किसी भी एक व्यक्तिगत व्यक्ति की ओर से 10-15 फीसदी से ज्यादा फंडिंग नहीं की गई है। शीर्ष 8 डोनर ने तकरीबन 30 फीसदी पैसा दिया है जिसके बाद कुल राशि 2.4 मिलियन डॉलर इकट्ठा की गई।

उम्मीद से ज्यादा लोग करेंगे शिरकत

उम्मीद से ज्यादा लोग करेंगे शिरकत

इस कार्यक्रम की लोकप्रियता को देखते हुए इसमे आने वाले लोगों की संख्या को 10 हजार से बढ़ाकर 50000 कर दिया गया है। इसका शुरुआती बजट 1.2 मिलियन डॉलर था जोकि दोगुना हो गया। इस कार्यक्रम में टेक्सास और अलास्का से 8000 लोग शिरकत करेंगे। मलानी ने बताया कि इस कार्यक्रम में डोनाल्ड ट्रंप भी आ रहे हैं, जोकि हमारे लिए एक बड़ी उपलब्धि है। मलानी कहते हैं कि मैं राजनीतिक का व्यक्ति नहीं हूं, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप यहां पर व्यक्तिगत वजह से नहीं आ रहे हैं, बल्कि वह भारत-अमेरिका के रिश्ते को बेहतर करने के लिए आ रहे हैं। मुझे नहीं लगता है कि ट्रंप का मकसद राजनीतिक लाभ लेना है।

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