• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

Happy new year 2020: विकसित देश बनने की दौड़ में भारत के मुकाबले कहां खड़े हैं प्रतिद्वंदी देश?

|

नई दिल्ली- साल 2000 में भारत को तब के चर्चित ब्रिक (BRIC) अर्थव्यवस्था में गिना जाता था। ब्राजील, रूस, भारत और चीन। तब ऐसी उम्मीद थी कि आने वाले दशकों में ये चारों देश वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपना दबदबा बढ़ाएंगे। इनमें चीन और भारत ने बेहतर करके दिखाया भी है। खासकर जीडीपी को लेकर जितनी संभावनाएं जताई गई थीं, उसमें इन दोनों देशों की रफ्तार उससे कहीं ज्यादा रही है। हालांकि, भारत के लिए चिंता की बात ये है कि अर्थव्यवस्था के मामले में चीन, भारत के मुकाबले कहीं आगे है। जबकि, अनुमानों के मुताबिक 2027 तक भारत की आबादी चीन से भी आगे निकल जाएगी।

वैश्विक अर्थव्यवस्था में कौन कहां खड़ा है?

वैश्विक अर्थव्यवस्था में कौन कहां खड़ा है?

अगर भारत की तुलना में बात करें तो पिछले कुछ दशकों में चीन ने बहुत ज्यादा आर्थिक तरक्की की है। आज चीन दुनिया की 10 बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में अमेरिका के बाद वह दूसरे स्थान पर पहुंच चुका है। 2019 में चीन की सांकेतिक जीडीपी 9.2 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर है। जबकि भारत के लिए राहत की बात ये हो सकती है कि यह अभी भी दुनिया की सबसे तेजी से विकसित हो रही बड़ी अर्थव्यस्था है। पिछले साल फ्रांस को पीछे छोड़कर भारत विश्व की छठी अर्थव्यवस्था बन चुकी है और 2019 में इसकी सांकेतिक जीडीपी 2.9 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर है, जिसे 2024 तक 5 ट्रिलियन वाली अर्थव्यस्था बनाने का प्रयास किया जा रहा है। अभी भारत से ऊपर अमेरिका और चीन के अलावा सिर्फ तीन अर्थव्यवस्थाएं हैं- यूके, जर्मनी और जापान। जबकि, फ्रांस, ब्राजील और कनाडा जैसे देश भी भारत के पीछे हैं। जहां तक ब्राजील का सवाल है तो 2019 में उसकी सांकेतिक जीडीपी 2.0 ट्रिलियन है। यानि, ब्रिक (BRIC) के जिन चार देशों से शुरुआत हुई थी, उसमें अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में चीन हमसे काफी आगे है, ब्राजील हमसे पीछे है और रूस दौड़ से बाहर हो चुका है।

20 वर्षों में क्या-क्या बदला?

20 वर्षों में क्या-क्या बदला?

विकास की यात्रा में मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में चीन ने ग्लोबल इकोनॉमी में अपना दबदबा कायम कर लिया है, जबकि भारत चीन से पीछे है। उम्मीद की गई कि साल 2022 तक देश के विकास में मैन्यूफैक्चरिंग का शेयर 25% तक हो जाएगा। अनुमान लगाया कि इससे अतिरिक्त 1 करोड़ रोजगार की संभावनाएं पैदा होंगी। लेकिन, मैन्यूफैक्चरिंग की रफ्तार जीडीपी के 16.1% पर अटक गई। सदी की शुरुआत में इस बात पर सहमति थी कि आने वाले 20 सालों में भारत में जीडीपी की ग्रोथ रेट 8.5% से 9% के बीच रहेगी। इसकी वजह से प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी होगी। गरीबी का पूरी तरह से खात्मा होगा। इस आधार पर अनुमान जताया गया कि इसके चलते भारत कम विकसित देश (LDC) से उच्च-मध्यम-आय वाले देश में परिवर्तित हो जाएगा। सबसे बड़ी बात की इन सारे पारामीटर्स की वजह से वर्ल्ड बैंक की रैंकिंग में भारतीय अर्थव्यवस्था 2000 के 11वें स्थान से ऊपर चढ़कर 2020 में चौथे स्थान की हो जाएगी। अगर कुल मिलाकर देखें तो भारत ने इन मापदंडों पर पिछले दो दशकों में काफी प्रगति की है। लाखों लोग गरीबी से बाहर आ चुके हैं। शताब्दी के पहले दशक में ही यह कम विकसित देश (LDC)की श्रेणी से यह बाहर निकल चुका था। लेकिन, यह इतना पर्याप्त नहीं है कि उच्च-मध्यम-आय वाले देशों की श्रेणी में शामिल हो सके, जहां चीन और ब्राजील पहुंच चुके हैं। भारत अभी भी निम्न-मध्यम-आय वाली अर्थव्यस्था ही में पड़ा हुआ है।

बहुत हुआ है, बहुत होना बाकी है

बहुत हुआ है, बहुत होना बाकी है

साल 2000 में भारत में औसत आयु 64 साल थी। तब कल्पना की गई थी कि देश में लोगों की औसत उम्र 20 साल बाद 69 साल तक पहुंच जाएगी। भारत की औसत आयु इस समय ठीक डॉक्टर कलाम की सोच के स्तर पर है। लेकिन, अभी भी हम चीन और ब्राजील जैसे देशों से बहुत पीछे हैं, जिनकी औसत आयु 75 वर्ष से ज्यादा है। मानव को केंद्र में रखकर विश्व में अपनी तरह के पहले वैज्ञानिक सर्वे में शिक्षा और स्वास्थ्य पर हुए निवेश की रैंकिंग में भारत का स्थान 158वां आया है। वहीं, अमेरिका (27वें) और चीन (44वें स्थान पर है।) यानि, जो भारत पिछले 20 वर्षों में कलाम के विजन के मुताबिक विकसित नहीं हो सका, आगे उसकी कोशिशें जारी रखने के लिए कुछ मापदंडों पर ज्यादा ध्यान देने की आवश्यकता है।

इसे भी पढ़ें- Happy new year 2020: विकसित देश बनने में कितना लंबा है भारत का सफर?

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
,How long can it take to realize the dream of a developed India?
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more
X