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Toolkit क्या होता है, जिस विवाद से जुड़ रहा है दिशा रवि-निकिता जैकब और शांतनु का नाम

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नई दिल्ली: टूलकिट मामले में 22 साल की ऐक्टिविस्ट दिशा रवि की गिरफ्तारी को लेकर विवाद चल ही रहा था कि दिल्ली पुलिस ने दो और लोगों के नामों का खुलासा करके इस मामले की गंभीरता और बढ़ा दी है। पुलिस ने दिशा के अलावा दो और ऐक्टिविस्ट निकिता जैकब और शांतनु मुलुक को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस उन दोनों को बेसब्री से तलाश रही है। हालांकि, गिरफ्तारी से बचने के लिए निकिता ने बॉम्बे हाई कोर्ट तक का दरवाजा खटखटा दिया है। दिल्ली पुलिस ने अबतक इन कथित ऐक्टिविस्ट के खिलाफ उसके पास कई तथ्य होने का दावा किया है। आइए हम जानते हैं कि जिस टूलकिट को लेकर यह सारा फसाद हो रहा है और जिसके बारे में कहा जा रहा है कि 26 जनवरी को दिल्ली में हुए बवाल और लालकिले पर तिरंगे के अपमान से यह सीधे जुड़ा हुआ है, वह आखिर होता क्या है?

टूलकिट होता क्या है?

टूलकिट होता क्या है?

टूलकिट एक डिजिटल दस्तावेज है, जिसमें ऑनलाइन संशोधन किया जा सकता है। आमतौर पर इसे किसी मुद्दे को लेकर की जा रही तैयारियों और उसके भविष्य का रोडमैप बताने के लिए तैयार किया जाता है। इसमें उस संबंधित मामले से जुड़ा हर अपडेट डाला जाता है, ताकि उससे जुड़े लोग जो उस आंदोलन या मुद्दे को ऑनलाइन या भौतिक रूप से उपस्थित होकर चलाना चाहते हैं, उन्हें उससे जुड़ी हर ताजा जानकारी और रणनीति का पता चलता रहे। इसमें उस मुद्दे से जुड़े अदालती याचिकाओं, प्रदर्शनकारियों की जानकारी, इसे जन आंदोलन बनाने की कोशिश से जुड़ी तमाम सामग्री सूचनाओं के तौर पर उपलब्ध करवाई जाती है। इन दिनों किसी भी आंदोलन को योजनाबद्ध तरीके से चलाने के लिए इस टूलकिट या गूगल डॉक्यूमेंट का धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है। इसमें प्रदर्शनकारियों के लिए ऐक्शन प्वाइंट दिया होता है और उसी के मुताबिक वह तय की गई तारीख पर या तो सड़क पर प्रदर्शन में भाग लेते हैं या फिर सोशल मीडिया पर हैशटैग कैंपेन चलाते हैं।

    Toolkit Case: Delhi Police का दावा- Disha Ravi, Nikita और Shantanu ने रची साजिश | वनइंडिया हिंदी
    इस टूलकिट पर विवाद क्यों हो रहा है?

    इस टूलकिट पर विवाद क्यों हो रहा है?

    दरअसल, किसान आंदोलन के लिए भी इसी तरह का एक टूलकिट इस्तेमाल किया गया था,जो स्विटजरलैंड की क्लाइमेट ऐक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग की गलती से सार्वजनिक हो गया था। उन्होंने ट्विटर पर उसे डालकर किसान आंदोलन को लेकर टूलकिट के संचालकों के इरादों और योजनाओं को जाहिर कर दिया, जो कि कथित रूप से बहुत ही भड़काउ और उकसाने वाला था। हालांकि, जैसे ही इसका खुलासा हुआ, उन्होंने उस विवादास्पद डॉक्यूमेंट का फौरन बदल दिया। दिल्ली पुलिस ने इसी मामले में दिशा रवि को गिरफ्तार किया है और निकिता जैकब और शांतनु मुलुक को तलाश रही है। दिल्ली पुलिस का दावा है कि रवि, जैकब और शांतनु ने ही वह विवादास्पद टूलकिट तैयार किया था और दूसरों को एडिट करने के लिए इसे साझा किया था। पुलिस के मुताबिक दिशा रवि के सेलफोन से उनके खिलाफ पुख्ता सबूत मिले हैं। जबकि, वह गूगल डॉक्यूमेंट शांतनु के ईमेल अकाउंट से बनाया गया था।

    इस मामले में आरोप कितने गंभीर हैं?

    इस मामले में आरोप कितने गंभीर हैं?

    दिल्ली पुलिस के मुताबिक 26 जनवरी और उससे पहले भी आंदोलन को हवा देने और उग्र बनाने की पूरी योजना एक सोची-समझी नीयत के साथ तैयार की गई थी। इस टूलकिट में एक खास सेक्शन था, जिसमें 26 जनवरी और उससे पहले हैशटैग के जरिए 'डिजिटल स्ट्राइक करने', 23 जनवरी के बाद ट्विटर पर आंदोलन को भड़काने वाले ट्वीट करने, 26 जनवरी को फिजिकल ऐक्शन और दिल्ली में किसान मार्च में शामिल होने जैसे आह्वान किए गए थे। शुरू में दिल्ली पुलिस ने इस टूलकिट के बारे में गूगल और कुछ सोशल मीडिया कंपनियों से जानकारी मांगी थी। उनसे कहा गया था कि किसान आंदोलन से जुड़े कुछ खास ई-मेल आईडी, यूआरएल और कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स का पूरा ब्योरा दें, जिनमें उस टूलकिट के निर्माताओं का भी पूरा ब्योरा मांगा गया था, जिसे ग्रेटा थनबर्ग ने ट्विटर पर डालकर सारी रणनीति उजागर कर दिया था।

    टूलकिट विवाद में दर्ज एफआईआर में क्या है?

    टूलकिट विवाद में दर्ज एफआईआर में क्या है?

    दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने इस मामले में टूलकिट के निर्माताओं के खिलाफ 'खालिस्तान-समर्थक' अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया हुआ है, जिनके खिलाफ भारत सरकार के खिलाफ 'सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक युद्ध छेड़ने' का आरोप है। साइबर सेल के ज्वाइंट कमिश्नर प्रेमनाथ के मुताबिक,'हम सब जानते हैं कि 26 जनवरी को कितने बड़े पैमाने पर हिंसा हुई। किसान आंदोलन तो 27 नवंबर से चल रहा था। इस टूलकिट के बारे में हमें 4 फरवरी को पता चला, जिसे की खालिस्तानी संगठनों की मदद से तैयार किया गया था।'

    इसे भी पढ़ें- दिल्ली पुलिस का दावा-निकिता- शांतनु और दिशा ने मिलकर बनाई थी टूलकिटइसे भी पढ़ें- दिल्ली पुलिस का दावा-निकिता- शांतनु और दिशा ने मिलकर बनाई थी टूलकिट

    English summary
    Delhi Police has arrested activist Disha Ravi in toolkit dispute and looking for Nikita Jacob and Shantanu Muluk, know what is toolkit
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