• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

सपा से अलग होने के मायावती के फैसले पर क्या बोले BSP के कट्टर समर्थक

|

नई दिल्ली। उत्तर भारत में जहां गर्मी सितम ढा रही है और पारा आसमान छू रहा है, तो वहीं उत्तर प्रदेश का सियासी मौसम भी कुछ कम गर्म नहीं है। 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए बना सपा-बसपा और आरएलडी का महागठबंधन आधा साल भी जिंदा नहीं रह पाया और गठबंधन के तीनों दलों ने अलग-अलग सियासी राहों पर चलने का ऐलान कर दिया। बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती का कहना है कि सपा का वोट उन्हें ट्रांसफर ही नहीं हुआ, इसलिए अब साथ रहने का कोई फायदा नहीं है। मायावती के ऐलान के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और आरएलडी ने भी यूपी में उपचुनाव अकेले दम पर लड़ने की बात कह दी है। ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि गठबंधन से सबसे पहले अलग होने वाली मायावती की पार्टी बीएसपी में उनके कार्यकर्ताओं की क्या राय है? वन इंडिया ने इसी मामले को लेकर बीएसपी के कुछ ऐसे समर्थकों से बात की, जो लंबे समय से पार्टी के साथ जुड़े हैं।

'बहनजी के फैसले से निराश हूं'

'बहनजी के फैसले से निराश हूं'

यूपी की हापुड़-मेरठ लोकसभा में रहने वाले एक कट्टर बसपा समर्थक, जो मायावती की लगभग हर रैली में पूरे जोश-खरोश के साथ पहुंचते हैं, उनका कहना है कि यह गठबंधन नहीं टूटना चाहिए था। इस समर्थक ने गुजारिश के साथ कहा, 'मेरा नाम मत छापिएगा, लेकिन मैं व्यक्तिगत तौर पर इस गठबंधन के टूटने से निराश हूं। मेरे आस-पास के जिलों में जहां भी बहनजी की रैली होती है, मैं अपनी टीम के साथ वहां जरूर पहुंचता हूं। गठबंधन बनने के बाद हमारे अंदर एक नया जोश जगा था, और हमें उम्मीद थी कि यह गठबंधन आगे जारी रहेगा, लेकिन बहनजी के इस फैसले से थोड़ी निराशा हुई। वोट तो खैर हम आगे भी बहुजन समाज पार्टी को ही देंगे, लेकिन अखिलेश यादव के लिए हमारे दिल में एक सहानुभूति है और मुझे लगता है बीएसपी के युवा कार्यकर्ताओं में भी इस फैसले से हताशा है।

ये भी पढ़ें- BSP से 'जबरन तलाक' मिलने के बाद चौराहे पर खड़े अखिलेश के सामने बचे हैं ये 3 रास्ते

'बहनजी को देना चाहिए था अखिलेश का साथ'

'बहनजी को देना चाहिए था अखिलेश का साथ'

यूपी के ही गौतमबुद्ध नगर जिले के रहने वाले और बहुजन समाज पार्टी के साथ लंबे वक्त से जुड़े एक दूसरे कार्यकर्ता सुरेंद्र कुमार भी बसपा अध्यक्ष मायावती के इस फैसले को गलत मानते हैं। सुरेंद्र का कहना है, 'गठबंधन बना तो समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आगे बढ़कर बहनजी का सम्मान किया और इसीलिए हम लोगों ने इस बार पिछले चुनावों से कहीं ज्यादा मेहनत भी की। अखिलेश यादव ने तो खुलकर कहा कि अगर गठबंधन को अच्छी सीटें मिलीं तो वो बहनजी को पीएम पद के लिए समर्थन देंगे। मेहनत के बाद भी हम हार गए, लेकिन गठबंधन नहीं टूटना चाहिए था। होना तो ये चाहिए था कि बहनजी अभी से अपने कार्यकर्ताओं के सामने ऐलान करती कि अब अगले विधानसभा चुनाव की तैयारी करो और इसके साथ ही अखिलेश यादव को सीएम पद के लिए समर्थन की भी घोषणा करती। कार्यकर्ताओं में गठबंधन बनने के बाद जो उत्साह पैदा हुआ था, वो बना रहता और हम विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करते, लेकिन अब मुश्किल है।'

'गठबंधन से हमें फायदा नहीं हुआ'

'गठबंधन से हमें फायदा नहीं हुआ'

हालांकि बीएसपी के पदाधिकारियों की इस मामले में राय अलग है। यूपी के गाजियाबाद जिले में बीएसपी के महानगर उपाध्यक्ष अरुण चौधरी उर्फ भुल्लन मायावती के फैसले को सही मानते हैं। अरुण चौधरी कहते हैं, 'महागठबंधन से अलग होने का जो फैसला बहनजी ने लिया है, वो भविष्य की राजनीति को देखते हुए एक सही फैसला है। गठबंधन से वैसे भी हमारी पार्टी को कोई फायदा नहीं हुआ। दरअसल गठबंधन में दोनों दलों के कार्यकर्ता ओवर कॉन्फिडेंस में आ गए थे और मान बैठे थे कि हम जीत रहे हैं। इसी ओवर कॉन्फिडेंस में कुछ कार्यकर्ता तो जनता के बीच में भी नहीं गए, नतीजा यह हुआ कि हमें हार का सामना करना पड़ा। बहनजी ने अब सही रणनीति के तहत गठबंधन से अलग होने का फैसला लिया है और हम उनके फैसले के साथ हैं। हम नए सिरे से आने वाले उपचुनाव की तैयारी करेंगे और जनता के बीच जाकर भारतीय जनता पार्टी की जनविरोधी नीतियों के बारे में बताएंगे।'

ये भी पढ़ें- सही साबित हुई मायावती-अखिलेश को लेकर पीएम मोदी की ये भविष्यवाणी

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
What Is The Opinion of BSP Supporters On Separation From Mahagathbandhan
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more