कलाम के आखिरी शब्द...धरती को जीने लायक कैसे बनाया जाए?
नयी दिल्ली। पूर्व राष्ट्रपति एपीजी अब्दुल कलाम के निधन के बाद पूरा देश गम में डूब गया है। लोग कलाम की बातों को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। शिलांग में एक कार्यक्रम के दौरान हर्ट अटैक होने से उनकी मौत हो गई। ऐसे में आपको बताते है लाखों लोगों के प्रेरणा स्त्रोत कलाम साहब के आखिरी शब्द क्या थे जो उन्होंने शिलांग में कहें।

कलाम साहब दोपहर तीन बजे के आसपास शिलांग में आईआईएम के कार्यक्रम में बोलने के लिए स्टेज पर पहुंचे। वो दो शब्द ही बोल पाएं थे कि अचानक वो गिर पड़े। उन्हें फौरन उठाकर अस्पताल ले जाया गया। लेकिन उन्हें बचाया नहीं सका।
कलाम साहब के करीबियों में से एक सृजन पाल सिंह के मुताबिक कलाम साहब हमेशा कहते थे कि मैं टीचर के रूप में ही याद किया जाना चाहता हूं। और पढ़ाते-पढ़ाते ही चले गए। उन्होंने आखिरी लाइन कही थी कि धरती को जीने लायक कैसे बनाया जाए? वीडियो में देखिए डॉ कलाम के आखिरी शब्द...












Click it and Unblock the Notifications