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क्या है भारत की 'लाइफलाइन उड़ान', जो कोरोना महामारी में निभा रही सबसे बड़ा किरदार

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नई दिल्ली। कोरोनावायरस के खिलाफ जंग लड़ते हुए भारत देश ने पूरी दुनिया के सामने एक मिसाल का कायम की हैं। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के प्रतिनिधित्व में भारत सरकार द्वारा कोरोना पर नियंत्रण पाने के लिए किए गए प्रयासों की पूरी दुनिया कर रही हैं। जिस तरह से भारत ने लॉकडाउन को लागू किया है और COVID19 के प्रसार को नियंत्रित करने में काफी हद तक सक्षम है, दुनिया भर में एक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है। इतना ही नहीं भारत दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका हो या छोटा सा देश माल द्वीव सबको कोरोना के खिलाफ जंग लड़ने के लिए स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी सामाग्रियां मुहैय्या करवाकर बड़ी मदद कर रहा हैं। दुनिया भर के देशों को मदद के लिए भारत की लाइफलाइन उडान संकटमोचन बनी हुई हैं। आइए जानते हैं कैसे?

'लाइफलाइन उडान' बनी संकटमोचन

'लाइफलाइन उडान' बनी संकटमोचन

मालूम हो कि केन्‍द्र सरकार ने वर्तमान समय में दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतरराष्‍ट्रीय हवाई अड्डा मेडिकल सामानों के वितरण व आयात के लिए हब में परिवर्तित कर दिया है। नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि मंत्रालय ने बताया कि दिल्‍ली के हवाई अड्डे से कोविड-19 संबंधित तमाम मेडिकल सामानों के वितरण व आयात के लिए अब तक 339 उड़ानें संचालित की हैं जिसे 'लाइफलाइन उडान' का नाम दिया गया हैं। इसके तहत 587 टन चिकित्सा और आवश्यक कार्गो का परिवहन किया है। उन्‍होंने बताया कि 339 उड़ानें हवाई अड्डे पर हर दिन लगभग 20-22 कार्गो विमान चलाई जा रही हैं।

इस महीने लाइफलाइन उड़ा की हुई थी शुरुआत

इस महीने लाइफलाइन उड़ा की हुई थी शुरुआत

बता दें मंत्रालय ने बताया कि इस महीने की शुरुआत में सरकार ने लाइफलाइन उडान 'शुरू की, जिसके तहत एयर इंडिया, एलायंस एयर, इंडियन एयर फोर्स, पवन हंस और अन्य निजी वाहक द्वारा संचालित उड़ानें कोरोनवायरस संकट के बीच देश भर में माल की आपूर्ति कर रही हैं।मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, "कार्गो अनिवार्य रूप से राज्य और केंद्र शासित प्रदेश सरकारों द्वारा लागू माल, जैसे कि रेजेंट, एंजाइम, चिकित्सा उपकरण, परीक्षण किट और पीपीई, मास्क, दस्ताने और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करता है।"

इन देशों को निर्यात किया जा रहा सामान

इन देशों को निर्यात किया जा रहा सामान

दोहा, पेरिस, हांगकांग, शेंजान, शंघाई, गुआंगझू और इन्चेआन जैसी जगहों से आवाजाही जारी है। इन विमानों से मास्‍क, टेस्‍ट किट, दवाईयां समेत अन्‍य चिकित्‍सा सामग्री देश लाया जा रहा हैं और यहां से दवाइयां और अन्‍य मेडिकल सामग्रियां अन्‍य देशों को इस लाइफलाइन विमान में भेजी जा रही हैं! बता दें कोरोनावायरस के संक्रमण को रोकने के लिए दिल्ली समेत देश के तमाम एयरपोर्ट पर 25 मार्च से यात्रियों की आवाजाही बंद है। देशभर में भारतीय एयरलाइनों समेत कुल 8 प्रमुख एयरलाइन हैं, जो देश-विदेश में विमान सेवाओं को संचालित करती है। देश में 600 से अधिक विमान हैं।

दवाओं व मेडिकल उपकरणों की सप्‍लाई व वितरण का हब बना दिल्‍ली अंतरराष्‍ट्रीय एयरपोर्ट

दवाओं व मेडिकल उपकरणों की सप्‍लाई व वितरण का हब बना दिल्‍ली अंतरराष्‍ट्रीय एयरपोर्ट

बता दें दिल्‍ली के हवाई अड्डे को कोविड-19 संबंधित तमाम मेडिकल सामानों के वितरण व आयात के लिए हब में परिवर्तित कर दिया गया है। हवाई अड्डे का 3800 वर्ग मीटर का एरिया इस काम के लिए दिया गया है। बता दें दिल्‍ली का इंदिरा गांधी अंतरराष्‍ट्रीय हवाई अड्डा महामारी की शुरुआत से ही चिकित्‍सा सामग्रियों के आयात व निर्यात की सुविधाएं मुहैया कराने में मदद कर रहा है। यहां हर दिन 20-22 कार्गो विमान का संचालन हो रहा है। अब मंत्रालय की ओर से इसे औपचारिक तौर पर चिकित्‍सा सामग्रियों के आयात व निर्यात के लिए बड़े हब में परिवर्तित कर दिया गया है।

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English summary
What is India's 'Lifeline flight',The biggest character playing the coronavirus epidemic
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