क्या है अनुच्छेद 324, जिसके तहत चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में 20 घंटे पहले रोका चुनाव प्रचार
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में जिस तरह से लगातार हिंसा की खबरे सामने आ रही हैं, उसके बाद चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लिया है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान हुई हिंसा के बाद चुनाव आयोग ने अंतिम चरण के मतदान के एक दिन पहले ही पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार पर प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया है। देश में पहली बार चुनाव आयोग ने अनुच्छेद 324 का इस्तेमाल किया है। शुक्रवार शाम को पांच बजे आखिरी चरण के मतदान का चुनाव प्रचार समाप्त होना था, लेकिन हिंसा को देखते हुए आयोग ने एक दिन पहले ही चुनाव प्रचार खत्म करने का आदेश दिया है।

चुनाव आयोग ने यह फैसला पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी और अन्य अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बात यह फैसला लिया। बैठक में आयोग के तीन सदस्यों ने हिस्सा लिया। आयोग की ओर से कहा गया है कि शांतिपूर्ण मतदान के लिए इस तरह के फैसले लिए जा सकते हैं। उप चुनाव आयुक्त चंद्रभूषण कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि संभवत: यह पहला मौका है जब चुनाव आयोग ने चुनावी हिंसा को देखते हुए एक दिन पहले ही चुनाव प्रचार को रोकने का फैसला लिया है।
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बता दें कि संविधान की अनुच्छेद 324 के तहत चुनाव आयोग को चुनाव के संचालन, निर्देश, नियंत्रण का अधिकार दिया गया है। इस अनुच्छेद के तहत चुनाव आयोग उन सभी मामलों में दखल दे सकता है जिसमे वैधानिक रूप से स्पष्टता नहिीं है, जिससे कि चुनाव आयोग शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव सुनिश्चित करा सके। बता दें कि लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण का मतदान 19 मई को होना है, जबकि चुनाव के नतीजे 23 मई को घोषित किए जाएंगे। आखिरी चरण में 8 राज्यों की 59 सीटों पर मतदान कराया जाएगा।












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