44 अरब डॉलर देकर दुनिया के लिए और क्या कर सकते थे एलन मस्क ? Twitter ने बताया
सैन फ्रांसिस्को, 27 अप्रैल: अभी सोशल मीडिया और मेन स्ट्रीम मीडिया पर टेस्ला के सीईओ के ट्विटर खरीदने का मुद्दा छाया हुआ है। ट्विटर के कर्मचारियों से लेकर सीईओ तक की अपनी चिंताएं हैं और ट्विटर यूजर्स का अपना नजरिया। एलन मस्क खुद फ्री स्पीच के पैरोकार हैं, इसलिए यूजर्स भी उन्हें सलाह देने में पीछे नहीं हैं। कुछ परामर्श तो सही मायने में दिल को छू लेने वाले हैं। हालांकि, उसे एलन मस्क किस अंदाज में लेंगे कहना मुश्किल है। इंटरनेट पर इस मुद्दे पर तरह-तरह के मीम्स वायरल हो रहे हैं, तो कुछ यूजर्स ने काफी गंभीर बातें भी लिखी हैं। मूल मुद्दा है ट्विटर खरीदने के लिए इस्तेमाल होने वाली रकम का है। चर्चा इसपर भी चल रही है कि मस्क ट्विटर के मौजूदा कर्मचारियों के साथ क्या करेंगे। सीईओ पराग अग्रवाल को हटाया तो उन्हें कितना मुआवजा देना होगा।

'श्रीलंका की मदद कर सकते थे एलन मस्क'
एलन मस्क ने 44 अरब डॉलर में ट्विटर को खरीद कर एक तरह से खुद को फ्री स्पीच के योद्धा के रूप में पेश किया है। लेकिन, ट्विटर पर उनकी इस डील को लेकर कुछ गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। कई ट्विवर यूजर्स उनके फैसले से सहमत नहीं हैं। टेस्ला के बॉस के निर्णय पर आम लोगों की राय भी अलग-अलग है। यह इसलिए भी अहम है क्योंकि मामला दुनिया के सबसे अमीर शख्स से जुड़ा है। इसलिए, कई ट्विटर यूजर्स कह रहे हैं कि एलन ट्विटर ना खरीदकर इस रकम से क्या सब कर सकते थे। कई लोगों का मानना है कि इस रकम से कर्ज के जाल में फंसे श्रीलंका को उसके अप्रत्याशित संकट से उबारा जा सकता था। गौरतलब है कि भारत के पड़ोसी देश की अर्थव्यवस्था चौपट हो चुकी है और उसे इससे उबरने के लिए 45 अरब डॉलर की जरूरत है। ट्विटर पर यूजर्स कह रहे हैं कि एलन मस्क को ट्विटर खरीदने की जगह श्रीलंका को कर्ज से मुक्त करना चाहिए।
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'गरीबी और भूख की समस्या से निपटने में मदद मिल सकती थी'
टॉम नेल्सन जैसे एक यूजर ने तो लिखा है, 'एलन मस्क ने 44 अरब डॉलर देकर ट्विटर खरीदा है। यह पैसे विश्व की गरीबी या भूख की समस्या के समाधान में सहायक हो सकता था, लेकिन, अरबपति टैक्स के रूप में अपना उचित हिस्सा नहीं देते हैं और अपनी कैश को राजनीतिक का खेल खेलने में इस्तेमाल करते हैं। हमें मस्क जैसे अरबपतियों को हमेशा जवाबदेह ठहराऊंगा।'

फिलहाल छंटनी की योजना नहीं- पराग
माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट ट्विटर के ओनर बदलने से इसपर क्या असर पड़ेगा, इसके लिए अभी काफी इंतजार करना होगा। लेकिन, सवाल उठ रहा है कि ट्विटर कंपनी टेस्ला के सीईओ एलन मस्क के हाथों बिक रही है तो उसके कर्मचारियों और सीईओ का भविष्य क्या होगा? वैसे कंपनी के सीईओ पराग अग्रवाल ने भरोसा दिलाया है कि 'फिलहाल' कंपनी में छंटनी की किसी तरह की कोई योजना नहीं है। पराग ने कर्मचारियों से कहा है कि जब डील पूरी हो जाएगी तो उनके स्टॉक ऑप्शन को कैश में बदल दिया जाएगा।

ट्विटर को पहले की तरह चलाते रहें- सीईओ
ट्विटर के सीईओ की ओर से मौजूदा कर्मचारियों को यह भी भरोसा दिया गया है कि डील फाइनल होने के बाद से एक साल तक उन्हें पहले की तरह से कंपनी से मिलने वाले सारे लाभ मिलते रहेंगे। अपने बारे में उन्होंने साफ किया है कि डील पूरी होने तक तो वह मौजूदा भूमिका में बने हुए हैं। उन्होंने कर्मचारियों से यह भी आग्रह किया है कि ट्विटर को उसी तरह से चलाते रहें, जैसे कि हमेशा यह चलता रहा है। लेकिन, जब कंट्रोल एनल मस्क के हाथों में आ जाएगा तो हालात बदलेंगे और चर्चा इसी बात पर हो रही है।

रिसर्च कंपनी ने लगाया पराग अग्रवाल के मुआवजे का अनुमान
न्यूज एजेंसी रॉयटर ने रिसर्च कंपनी इक्विलर के हवाले से बताया है कि जिस दिन से सोशल मीडिया कंपनी ट्विटर पूरी तरह से एलन मस्क का हो जाएगा, उसके बाद यदि वे इसके सीईओ पराग अग्रवाल को 12 महीने के अंदर किसी कारण से हटाने का फैसला लेते हैं, तो उन्हें अग्रवाल को कितनी रकम एकमुश्त देनी पड़ेगी? इक्विलर ने यह अनुमान पराग की एक साल की बेसिक सैलरी और इक्विटी को जोड़कर लगाया है। गौतलब है कि मस्क ने कंपनी कंपनी के प्रति शेयर की कीमत 54.20 डॉलर यानी करीब 4,153 रुपये का ऑफर दिया है।

2021 में मिले 2,30,67,64,160 रुपये
पराग अग्रवाल पहले ट्विटर के सीटीओ (चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर ) थे और पिछले साल नवंबर में ही उन्हें कंपनी के को-फाउंडर जैक डोर्सी की जगह पर इसका मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया गया है। 2021 में उन्हें ट्विटर की ओर से कुल 30.4 मिलियन डॉलर यानी 2,30,67,64,160 रुपये का भुगतान किया था, जिसमें ज्यादातर स्टॉक अवार्ड के रूप में था।

पराग अग्रवाल की छुट्टी की तो एलन मस्क को देनी होगी कितनी रकम ?
इस हिसाब से अगर एलन मस्क ने पराग अग्रवाल को ट्विटर का टेकओवर लेने के 12 महीने के अंदर उनके पद से हटाने का फैसला कर ही लिया तो इसकी एवज में उन्हें पराग को 42 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी आज की तारीख में 3,21,88,67,400 रुपये (3 अरब, 21 करोड़, 88 लाख, 67 हजार, 400 रुपये) बतौर मुआवजा भुगतान करना होगा।

कौन हैं ट्विटर के सीईओ पराग अग्रवाल ?
भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक पराग अग्रवाल पिछले साल ट्विटर के सीईओ बनने से पहले इसी कंपनी में चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर (सीटीओ) के पद पर कार्यरत थे। पराग ने ट्विटर में इंजीनियर के रूप में अपना करियर शुरू किया था। कंप्यूटर साइंस में पीएचडी पराग ने आईआईटी बॉम्बे से बीटेक की है। उनकी डॉक्टरेट अमेरिका के कैलिफॉर्निया स्थित स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की है। वे अभी अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में रहते हैं। वे खुद माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट ट्विटर से अप्रैल 2008 से जुड़े। भारत में मूल रूप से महाराष्ट्र के रहने वाले पराग की मां एक रिटायर्ड स्कूल टीचर हैं और पिता एटॉमिक एनर्जी सेक्टर में कार्यरत थे। अग्रवाल ने मुंबई के एटॉमिक एनर्जी सेंट्रल स्कूल से पढ़ाई की है।












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