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ऐसा क्‍या किया था अभिनंदन वर्धमान ने कि कांपने लगे पाकिस्‍तानी जनरल बाजवा के पैर

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नई दिल्‍ली। विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान इस समय राजस्‍थान में पाकिस्‍तान के बॉर्डर पर तैनात हैं। लेकिन उनके चर्चे फिर से बॉर्डर के उस तरफ होने लगे हैं। भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के जाबांज फाइटर पायलट अभिनंदन ने पाकिस्‍तान आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा के पैर कांपने लगे थे। आखिर ऐसा क्‍या कर दिया था विंग कमांडर अभिनंदन ने जिसके बाद पाक सरकार के पसीने छूट गए थे। आगे बढ़ने से पहले आपको बता दें कि विंग कमांडर अभिनंदन के कोर्समेट्स उन्‍हें जेम्‍स बॉन्‍ड बुलाते हैं। यह टाइटल उन्‍हें नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) में दिया गया था।

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    Wing Commander Abhinandan की रिहाई की कहानी, Pakistani नेता की जुबानी | वनइंडिया हिंदी

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    60 घंटे तक रहे पाकिस्‍तान की कैद में

    पूर्व पीएम नवाज शरीफ की पार्टी पाकिस्‍तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के सांसद अयाज सादिक ने यह बात कही है। उन्‍होंने कहा है कि फरवरी 2019 में पाक आर्मी चीफ जनरल बाजवा के पैर उस मीटिंग में कांप रहे थे जो विंग कमांडर अभिनंदन की रिहाई से जुड़ी थी। उनका कहना था कि विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने मीटिंग में बताया कि भारत 28 फरवरी को रात नौ बजे हमला कर देगा और इसलिए अभिनंदन को छोड़ने का फैसला लिया गया। 27 फरवरी को अभिनंदन पीओके में जा गिरे और एक मार्च को 60 घंटे तक कैद में रखने के बाद पाकिस्‍तान ने उन्‍हें वापस वतन भेजा था। बालाकोट एयर स्‍ट्राइक के बाद अगले दिन पाकिस्‍तान एयरफोर्स के फाइटर जेट्स जम्‍मू कश्‍मीर के राजौरी जिले के सुंदरबनी सेक्‍टर तक में दाखिल हो गए थे। बालाकोट एयरस्‍ट्राइक 14 फरवरी को हुए पुलवामा आतंकी हमले का जवाब थी जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे।

    सिर्फ 90 सेकेंड में ढेर किया F-16

    अभिनंदन वर्तमान ने 27 फरवरी 2019 को उस समय इतिहास रचा था जब उन्‍होंने मात्र 90 सेकेंड्स में एफ-16 को ढेर कर दिया था। अभिनंदन दुनिया के पहले पायलट हैं जिन्‍होंने मिग-21 से एफ 16 को ढेर किया। डेढ़ मिनट में एफ-16 ने दो अमेरिकी एमराम मिसाइलों को दागा था। इस कारनामे में उनका जेट भी क्रैश हो गया था और इसके बाद वह पाकिस्‍तान के हिस्‍से वाले कश्‍मीर में जा गिरे थे। विशेषज्ञों ने अभिनंदन को ऐसा कारनामा करने वाला दुनिया का पहला पायलट बताया था। उन्‍होंने 50 के दशक के मिग से 90 के दशक के एफ-16 को गिराया। दोनों जेट्स के उत्‍पादन में 40 वर्ष का अंतर है। मिग-21 को रूस ने सन् 1958 में निर्मित किया था। वहीं, एफ-16 1998 का बना जेट है। एक मिग-21 की कीमत सिर्फ दो मिलियन डॉलर है तो वहीं एक एफ-16 18.8 मिलियन डॉलर का है। दोनों की रफ्तार में भी काफी अंतर है। मिग-21 जहां 2,229 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरता है तो वहीं एफ-16 2,414 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भर सकता है।

    26,000 फीट की ऊंचाई पर ढेर F-16

    मिग-21 ने उस समय एफ-16 को घेरा जब मिग करीब 15,000 फीट की ऊंचाई पर था और एफ-16 करीब 9,000 फीट की ऊंचाई पर थी। एफ-16 पर बेहतर तरह से हमला करने के लिए मिग-21 को अभिनंदन कुछ और ऊपर लेकर गए। एफ-16 करीब 26,000 फीट की ऊंचाई पर चला गया था। तभी अभिनंदन ने अपने कौशल का प्रयोग किया और अपने एयरक्राफ्ट को पाकिस्‍तान एयरफोर्स के एयरक्राफ्ट के पीछे ले गए। अभिनंदन ने रूस की बनी वाइम्‍पल आर-73 मिसाइल को एफ-16 पर दागा। यह एक असाधारण घटना थी। मिग-21 ने कोल्‍ड वॉर के दौरान एक एफ-16 को गिराया था। जिस मिग-21 से अभिनंदन ने एफ-16 को गिराया है वह सन् 1980 में आईएएफ का हिस्‍सा बना था। यह मिग-21 अपग्रेडेड तो हैं लेकिन इनकी डिजाइन पुरानी ही है। फोर्थ जनरेशन के फाइटर जेट को इस 60 के दशक के जेट से गिराने के लिए असाधारण कौशल की जरूरत होती है। एक विशेषज्ञ की मानें तो यह बिल्‍कुल वैसा ही है जैसा किसी ऑटोमोबाइल रेस में बीएमडब्‍लू का पीछा मारूति 800 कर रही हो।

    दुश्‍मन के हाथ नहीं लगा कोई राज

    पाकिस्‍तान के फाइटर जेट्स का पीछा करते हुए उनका जेट मिग-21 क्रैश हो गया और वह पाक की सीमा में गिर गए। पाक सेना ने उन्‍हें पकड़ लिया लेकिन इससे पहले कि सेना उन्‍हें पकड़ती विंग कमांडर ने बहादुरी के साथ उसका सामना किया। वह इतनी बहादुरी से लड़े कि देश का कोई भी राज दुश्‍मन के हाथ नहीं लग सका। उनका एयरक्राफ्ट पीओके के भीमबेर में गिर गया था। उससे आग निकल रही थी और यहां पर लोगों ने दो पैराशूट को नीचे आते देखा। एक पैराशूट में आग लगी हुई थी और दूसरा पैराशूट एलओसी के दूसरी तरफ गिर गया। जो पैराशूट दूसरी तरफ गिरा उसमें से विंग कमांडर अभिनंदन बाहर आए। उन्‍हें बिल्‍कुल भी चोट नहीं लगी थी। उनके पास एक पिस्‍टल थी और जैसे ही वह गिरे भीड़ ने उन्‍हें घेर लिया था। करीब 15 मिनट तक अभिनंदन ने हवा में फायरिंग की ताकि लोग उनके करीब न आ सकें। वह तुरंत एक छोटे से तालाब की ओर चले गए। यहां पर उन्‍होंने पहले कुछ डॉक्‍यूमेंट्स को निगला और फिर उन्‍हें पानी में बहा दिया।

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    English summary
    What Abhinandan Varthaman did on 27th February which still haunts Pakistan.
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