Lok Sabha Chunav: ममता को काउंटिंग से पहले रुझानों पर क्यों होने लगा संदेह? TMC कार्यकर्ताओं को दी ये हिदायत
West Bengal Lok Sabha Election 2024: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी को मतगणना के शुरुआती रुझानों को लेकर अभी से संदेह होने लगा है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को आगाह किया है कि वह काउंटिंग के दौरान शुरुआती रुझानों के दबाव में न आएं। उन्होंने संदेह जताया है कि बीजेपी के पक्ष में रुझान दिखाने के लिए चुनाव आयोग मतगणना के आंकड़े दिखाने में गड़बड़ी कर सकता है।
ममता ने गुरुवार को चुनाव अभियान के दौरान अपने अंतिम रोड शो के बाद टीएमसी कार्यकर्ताओं से कहा है कि इस बार वे वोटों की गिनती के दौरान शुरू में आने वाले ट्रेंड से प्रभावित न हों। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया है कि अगर मतों की गिनती सही से की गई तो बीजेपी चुनाव हार सकती है।

ममता को काउंटिंग से पहले रुझानों पर क्यों होने लगा संदेह?
टीएमसी चीफ ने कहा, 'एक लोकसभा सीट में सात विधानसभा क्षेत्र होते है। क्योंकि भारतीय चुनाव आयोग उनके (बीजेपी के) अधीन है, वे उन सीटों को दिखाएंगे, जिसमें बीजेपी आगे रहेगी और वह नहीं दिखाएंगे, जिसमें हमें वोटों का ज्यादा मार्जिन मिलेगा। मैं हमारे बारे में बात नहीं कर रही, बल्कि यह दूसरी जगहों पर होगा।'
सही तरह से मतगणना हुई तो बीजेपी सत्ता में नहीं आएगी- ममता
उन्होंने दावा किया कि 'इस बात की संभावना है कि सही तरह से मतगणना की गई तो इस बार बीजेपी सत्ता में नहीं आएगी।' पश्चिम बंगाल में लोकसभा की 42 सीटें हैं और इस बार कई चुनावी रणनीतिकारों ने वहां भाजपा को बढ़त मिलने की संभावनाएं जताई हैं। 2019 में राज्य में टीएमसी 22 और बीजेपी 18 सीटें जीती थी। 2 सीटें कांग्रेस के खाते में गई थी।
पीएम मोदी के ध्यान को बताया 'पब्लिसिटी हासिल' करने का तरीका
ममता बनर्जी को प्रधानमंत्री के कन्याकुमारी में विवेकानंद रॉक मेमोरियल में ध्यान करने का फैसला भी रास नहीं आर रहा है और उनका आरोप है कि यह सिर्फ 'पब्लिसिटी हासिल' करने के लिए किया जा रहा है।
ध्यान कर सकते हैं, लेकिन कैमरों की मौजूदगी में क्यों- टीएमसी चीफ
ममता ने कहा है, 'पीएम की कुर्सी मूल्यवान है और इसके संवैधानिक नियम हैं। वह इसकी परवाह नहीं करते। हर बार चुनावों से पहले वो पब्लिसिटी हासिल करने के लिए 48 घंटे कहीं बैठते हैं। वे ध्यान कर सकते हैं, लेकिन कैमरों की मौजूदगी में क्यों? वो पांच मिनट की फुटेज देंगे... वे पांच मिनट की फुटेज दिखाते रहेंगे।'
अंतिम दौर के प्रचार खत्म होने से पहले टीएमसी सुप्रीमो ने गुरुवार को उन्होंने कोलकाता दक्षिण के जादवपुर से हाजरा तक की करीब 10 किलोमीटर की दूरी पैदल तय की है।
अंतिम चरण की सभी सीटों पर टीएमसपी का है कब्जा
1 जून को आखिरी चरण में बंगाल की जिन 9 सीटों पर वोटिंग होनी है, वह सत्ताधारी टीएमसी की गढ़ मानी जाती हैं। शनिवार को कोलकाता दक्षिण, कोलकाता उत्तर, जादवपुर, दमदम, डायमंड हार्बर, जयनगर, मथुरापुर, बारासात और बशीरहाट में मतदान है। इन सभी सीटों पर अभी टीएमसी का कब्जा है। लेकिन, भारतीय जनता पार्टी ममता के किले को भेदने के लिए बहुत ही प्रभावी रणनीति बनाकर चुनाव लड़ रही है।












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