BCCI अध्यक्ष सौरव गांगुली को अस्पताल से मिली छुट्टी, सामने आई पहली तस्वीर,जानिए क्या कहा?
BCCI President Sourav Ganguly discharged from Woodlands Hospital in Kolkata: कोलकाता। पूर्व भारतीय कप्तान और BCCI अध्यक्ष सौरव गांगुली को गुरुवार को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। अस्पताल से बाहर आते ही मीडिया और लोगों से बात करते हुए गांगुली ने कहा कि मैं पूरी तरह से फिट हूं। उन्होंने अस्पताल और डॉक्टरों का शुक्रिया अदा किया और मुस्कुराते हुए हाथ हिलाकर अपने फैंस को Thank You कहा। मालूम हो कि उन्हें बीते शनिवार को दिल का दौरा पड़ा था, जिसके बाद उन्हें कोलकाता के वुडलैंड्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी एंजियोप्लास्टी हुई है।
Recommended Video

सौरव गांगुली के हार्ट में तीन ब्लॉकेज थे
कोलकाता के वुडलैंड्स अस्पताल में उनका इलाज करने वाले डॉ. आफताब खान, सीईओ डॉ. रूपाली बसु और डॉ. सरोज मंडल ने बताया था कि गांगुली के हार्ट में तीन ब्लॉकेज थे, जो 'क्रिटिकल थे', उन्हें स्टेंट लगाया गया है। उनके बाकी सभी अंग सही हैं, गांगुली के परिवार में 'इसकैमिक हार्ट डिजीज' रही है और इसी वजह से वो भी इस रोग के शिकार हुए हैं।
यहां देखें Video: सौरव गांगुली को अस्पताल से मिली छुट्टी, कहा- पूरी तरह हूं फिट

गांगुली पर गर्मायी सियासत
वैसे जहां एक ओर बंगाल टाइगर के नाम से विख्यात गांगुली के अस्पताल में भर्ती होने पर उनके फैंस उनके जल्द ठीक होने की कामना कर रहे थे वहीं दूसरी ओर CPI(M) के वरिष्ठ नेता अशोक भट्टाचार्य ने एक बड़ा ही बेतुक सा बयान देकर विवाद पैदा कर दिया था।
गांगुली का राजनीतिक रूप से इस्तेमाल करना चाहते हैं लोग
गांगुली की हेल्थ के बारे में मीडिया से बात करते हुए अशोक भट्टाचार्य ने कहा था कि कुछ लोग गांगुली का राजनीतिक रूप से इस्तेमाल करना चाहते हैं और इसी वजह से वो काफी प्रेशर में थे। जिसके कारण उनकी हालत बिगड़ी। उन्होंने कहा था कि गांगुली राजनीतिक मिजाज के नहीं हैं, उन्हें एक बेहतरीन खिलाड़ी के तौर पर जाना जाए, मेरे ख्याल से वो उनकी बीमारी का कारण उन पर डाला गया दवाब है। मालूम को अशोक भट्टाचार्य को गांगुली के परिवार का करीबी कहा जाता है।

गांगुली पर डाला जा रहा है प्रेशर: भट्टाचार्य
भट्टाचार्य, गांगुली की सेहत जानने अस्पताल गए थे, उनसे मिलने के बाद उन्होंने मीडिया से बात की। उन्होंने ये भी कहा कि मैंने उन्हें कहा था कि आप राजनीति में मत आइए, जिसे कि गांगुली ने भी खारिज नहीं किया था, मुझे लगता है कि हमें उन पर दबाव (राजनीति में आने के लिए) नहीं डालना चाहिए। गौरतलब है कि ऐसी अटकलें हैं कि सौरव गांगुली भाजपा में शामिल हो सकते हैं और आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर चुनावी दंगल में उतर सकते हैं, तो वही टीएमएसी की ओर से भी उन पर पार्टी में आने के लिए प्रेशर डाला जा रहा है।

भड़की भाजपा और TMC
हालांकि भट्टाचार्य के बयान पर गांगुली के परिवार वालों की ओर से तो कोई प्रतिक्रिया नहीं आई थी लेकिन भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि कुछ लोग अपनी तुच्छ मानसिकता के कारण हर चीज में राजनीति देखते हैं, गांगुली देश के आईकॉन हैं और सभी चाहते हैं कि वो जल्द से जल्द ठीक हों। जबकि टीएमएसी ने भी भट्टाचार्य पर भड़कते हुए कहा है कि सौरव गांगुली को पार्टी (तृणमूल कांग्रेस) में लाने के लिए कभी प्रयास नहीं किया गया है, वो एक उम्दा खिलाड़ी हैं, जिन पर हमें गर्व है।












Click it and Unblock the Notifications