Weather:सर्दी से क्यों कांप रहा है उत्तर भारत? इस दिन है बारिश और बर्फबारी का अनुमान
नई दिल्ली, 19 जनवरी: पूरा उत्तर भारत पिछले करीब एक हफ्ते से कड़ाके की सर्दी से कांप रहा है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में थोड़ी राहत का भरोसा दिलाया है, तो लगे हाथ मौसम के हालत और बिगड़ने की भी भविष्यवाणी कर दी है। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया है कि ऐसी क्या वजह है कि राजस्थान से लेकर बिहार तक इस समय लोग जबर्दस्त सर्दी झेल रहे हैं। इसकी वजह है, आसमान में मोटे बादलों का डेरा। इसके साथ ही मौसम विज्ञानियों ने पश्चिमी विक्षोभ की स्थिति बनने का भी पूर्वानुमान जता दिया है, जिसके चलते बारिश और बर्फबारी की संभावना भी बढ़ गई है, जो सर्दी को भी बढ़ा सकती है।

इस दिन सर्दी से थोड़ी मिल सकती है राहत
दिल्ली और उत्तर भारत के कई इलाकों में बुधवार को सर्दी का सितम जारी रहा। मौसम विभाग ने राजधानी में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री तक रहने का अनुमान जताया है। पिछले कई दिनों से इलाके में कड़ाके की ठंड का प्रकोप जारी है। पिछले हफ्ते से सामान्य से बहुत ज्यादा सर्दी का प्रकोप उत्तर प्रदेश के कई इलाकों, उत्तरी मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर, हरियाणा और बिहार में बना हुआ है। गुरुवार के लिए अनुमान है कि दिल्ली में तापमान में थोड़ा इजाफा होने से सर्दी से लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है।
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सर्द दिन का पैमाना क्या है ?
हालांकि, भारतीय मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में बारिश का भी अनुमान जता दिया है, जिसकी वजह से तापमान में फिर से गिरावट आने की संभावना बन गई है। वैसे आईएमडी का मानना है कि अगले तीन से चार दिनों में उत्तरपूर्वी और मध्य भारत में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। लेकिन, इसी के साथ अगले 24 घंटों में पंजाब, हरियाणा और उत्तर मध्य प्रदेश में कुछ जगहों पर सर्दी की स्थिति बरकरार रह सकती है। आईएमडी के अनुसार जिस दिन न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से कम रहता है और अधिकतम तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री कम होता है तो उसे सर्द दिन कहते हैं। बहुत ही सर्द दिन तब होता है, जब अधिकतम तापमान सामान्य से कम से कम 6.5 डिग्री नीचे रहता है।

उत्तर भारत सर्दी से क्यों कांप रहा है ?
तापमान में गिरावट की मुख्य वजह गंगा के मैदानी इलाकों में बादल छाए रहने की वजह से है, जिसके चलते कोहरे की स्थिति बनी हुई है और यूपी, बिहार, दिल्ली और पंजाब के इलाकों में लगातार सर्दी पड़ी है। हालांकि, पंजाब और राजस्थान से बादल छंट गए हैं, लेकिन यूपी, बिहार, दिल्ली से इसे साफ होने में कुछ दिन और लगेंगे। मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर आरके जेनामनी ने इंडिया टुडे डॉट इन को बताया है कि सैटेलाइट तस्वीरों में पूरे गंगा के मैदानों में बड़े पैमाने पर बादल छाए देखे गए हैं। दिल्ली समेत कई इलाकों में यह पिछले पांच से सात दिनों से देखा जा रहा है। इसकी लंबाई 1,700 किलोमीटर है, जो कि पाकिस्तान से बिहार तक फैला है। इसलिए, जब इतने बड़े पैमाने पर बादल मौजूद होते हैं तो ढंड बढ़ जाती है।

बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान
आईएमडी ने बुधवार को कहा कि एक चक्रवाती प्रवाह उत्तरी बांग्लादेश और पड़ोस के निचले क्षोभमंडल स्तर पर बना हुआ है। उधर, एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ 21 जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत में असर डाल सकता है और 22 जनवरी को दक्षिण-पश्चिम राजस्थान में इसके आगे बढ़ने का पूर्वानुमान है। पश्चिमी विक्षोभ की स्थिति तैयार होने से जम्मू, कश्मीर और लद्दाख में 22-23 जनवरी को और हिमाचल में 22 जनवरी को छिटपुट स्थानों पर बारिश और बर्फबारी का अनुमान है। लेकिन, 21 जनवरी को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तरी राजस्थान में बारिश होने की बहुत अधिक संभावना है, जो कि आगे दो दिनों तक जारी रह सकती है।

कोहरे का कहर कहां रहेगा ?
अगले दो दिनों तक रात और सुबह के समय पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तर मध्य प्रदेश और बिहार के कुछ इलाकों में घना कोहरा छाए रहने का अनुमान है। दिल्ली में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं के साथ बारिश भी होने की संभावना जताई गई है। जेनामनी के मुताबिक, 'हालात में सुधार कुछ समय के लिए ही होगा, क्योंकि एक और पश्चिमी विक्षोभ तैयार हो रहा है, जिसकी वजह से 22 और 23 जनवरी को बारिश और बादलों वाली स्थिति बनी रहेगी। पश्चिम बंगाल में 23-24 जनवरी को बारिश की स्थिति देखने को मिल सकती है।'

ज्यादा समय तक सर्दी के प्रकोप का असर ?
आईएमडी ने लगातार सर्दी की स्थिति बने रहने की वजह से फ्लू, नाक से खून बहने जैसी विभिन्न बीमारियों के बढ़ने की भी चेतावनी दी है, जो कि ज्यादा समय तक कड़ाके की ठंड की वजह से बढ़ जाती हैं। इसके साथ ही इसकी वजह से खेती, फसल, पशुधन, जल आपूर्ति, परिवहन और बिजली क्षेत्र पर भी असर पड़ने की आशंका है।












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