Indian Army चीफ जनरल नरवाणे बोले- PoK पर एक्शन के लिए सेना तैयार, संसद के आदेश का है इंतजार
नई दिल्ली। हाल ही में देश के 28वें सेना प्रमुख की कमान संभालने वाले जनरल मनोज मुकुंद नरवाणे ने शनिवार को पीओके पर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि सेना पीओके पर जरूर कार्रवाई करेगी, अगर उसे आदेश मिला तो। जनरल नरवाणे ने 31 दिसंबर 2019 को देश के 28वें सेना प्रमुख के तौर पर अपना पद संभाला है। सेना प्रमुख बनने के बाद यह उनकी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस थी।
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संसद चाहे तो आज ही पीओके पर एक्शन
जनरल नरवाणे ने कहा, 'सेना, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) पर एक्शन लेगी अगर उसे आदेश मिलेगा।' सेना प्रमुख के मुताबिक संसद में अगर प्रस्ताव आता है जिसके तहत पूरा जम्मू और कश्मीर, जिसमें पीओके भी आता है, उसे भारत का हिस्सा बता जाएगा और देश की संसद चाहेगी तो पीओके, भारत का हिस्सा बने तो सेना उचित ढंग से एक्शन लेगी। जनरल नरवाणे ने घाटी के हालातों पर भी बात की। उन्होंने कहा, 'जम्मू-कश्मीर में हर कोई अच्छा काम रहा है, चाहे वह एलओसी हो या अंदरुनी इलाके हों।

कश्मीर में सेना को मिला जनता का साथ
जनरल नरवाणे ने बताया कि कश्मीर में सेना को जनता का पूरा समर्थन हासिल है। साथ ही सेना स्थानीय पुलिस और प्रशासन की भी शुक्रगुजार है कि उन्हें आर्मी से कोई शिकायत नहीं है। सीमाओं पर तैनात कमांडर के फैसले का सम्मान करना होगा। जो भी शिकायतें दर्ज हुईं, वे निराधार साबित हुईं।' सेना प्रमुख का दुश्मन को चेतावनी देने वाला यह पहला बयान हो, ऐसा नहीं है। एक जनवरी को जब उन्होंने पद संभाला था तो उस समय भी उन्होंने दुश्मन पाकिस्तान को आगाह किया था।

पहले भी पाकिस्तान को किया आगाह
जनरल ने कहा था कि सीमापार आतंकवाद पर देश की जबर्दस्त कार्रवाई ने भारत की नई सोच की झलक दुश्मन को दृढ़तापूर्वक दिखा दी है। सेना प्रमुख ने कहा था, 'अगर पाकिस्तान आतंकवाद की अपनी नीति को नहीं रोकता है तो हमारे पास ऐसी स्थिति में आतंक के खतरे वाले जरियों पर हमला करने का पूरा अधिकार है और सर्जिकल स्ट्राइक तथा बालाकोट एयर स्ट्राइक के दौरान हमारे जवाब में इस सोच की पर्याप्त झलक मिल चुकी है।' जनरल नरवाणे को चीन से जुड़े मामलों का विशेषज्ञ माना जाता है।

डोकलाम पर चीन को दी चुनौती
जनरल नरवाणे ने साल 2017 में डोकलाम विवाद पर बड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा था, 'भारतीय सेना अब 1962 वाली सेना नहीं है और चीन कहता है कि इतिहास को मत भूलो, तो हम उन्हें भी यही बात कहना चाहेंगे।' जनरल नरवाणे की मानें तो डोकलाम संकट के समय चीन पूरी तरह से तैयार ही नहीं था। नरवाणे ने चीन को चेताया था कि अगर उसने 100 बार सीमा लांघी है तो भारत ने दोगुनी संख्या से यही काम किया है। जनरल नरवाणे मानते हैं कि भारत अब डोकलाम जैसे किसी भी खतरने से निबटने के लिए पूरी तरह से सक्षम है।












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