दिल्ली में AAP की जीत पर कमलनाथ बोले- हमें तो पहले से पता था कि...
नई दिल्ली। रुझानों में दिल्ली में एक बार फिर प्रचंड बहुमत के साथ केजरीवाल सरकार वापसी करती हुई नजर आ रही है। आज दिल्ली विधानसभा चुनाव की मतगणना का दिन है और आम आदमी पार्टी 56 से ज्यादा सीटों पर आगे बनी हुई है। भारतीय जनता पार्टी 14 सीटों पर आगे है। कांग्रेस का खाता तक नहीं खुला है। इस पर आम आदमी पार्टी का समर्थन करते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि भाजपा का पतन तय है जैसे आज दिल्ली चुनाव परिणाम में भाजपा हारती हुई नजर आ रही यही है वैसे आने वाले दिनों में भी हर राज्य के चुनाव में भाजपा हारेगी।

कांग्रेस के प्रदर्शन पर क्या बोले कमलनाथ
अपनी पार्टी के प्रदर्शन पर बोलते हुए कमलनाथ ने कहा कि ये तो हम पहले से ही जनते थे, लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि भाजपा का क्या परिणाम हुआ? जो इतनी लम्बी-लम्बी बातें करते हैं। कमलनाथ के इस बयान से ये तो साफ हो गया है कि उन्हें पहले से पता था कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को एक सीट भी नहीं मिलने वाली है। इन सब के बीच दिल्ली कांग्रेस से प्रमुख सुभाष चोपड़ा ने पार्टी की हार की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि इस पर विचार किया जाएगा कि ऐसे नतीजे के कारण क्या रहे। न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार सुभाष चोपड़ा ने कांग्रेस के प्रदर्शन पर कहा- 'मैं पार्टी के प्रदर्शन की पूरी जिम्मेदारी लेता हूं। हम इसके पीछे के कारण को जानने की कोशिश करेंगे। हमारे वोट प्रतिशत की गिरावट का कारण बीजेपी और आप के ध्रुवीकरण वाली राजनीति के कारण हुआ।'
और क्या कहा कमलनाथ ने
कमलनाथ ने कहा पीएम नरेंद्र मोदी दिल्ली में ही सबसे करीब थे। आम आदमी पार्टी ने पूरा चुनाव काम के दम पर लड़ा और जनता ने उनका समर्थन किया। जनता ने शहीन बाग के मुद्दे को भी नकार दिया। सीएए को लेकर सीएम कमलनाथ बोले कि मेरा एक बेसिक प्रश्न है ना तो अभी देश में रिफ्यूजी आ रहे हैं और ना ही युद्ध के हालात हैं तो फिर इसकी क्या जरूरत है।

दिल्ली चुनाव को लेकर कुछ जरूरी बातें
आपको बता दें कि दिल्ली विधानसभा चुनाव 2015 में आम आदमी पार्ट ने 67 सीटों पर जीत दर्ज कर सरकार बनाई थी। दिल्ली 70 सीटों में आप को 67 सीटें, बीजेपी को तीन, कांग्रेस का खाता नहीं खुला था। बीते चुनाव में 67.47 प्रतिशत मतदान हुआ था। AAP को जहां 54.3 फीसदी वोट मिले, जबकि बीजेपी को 32.2 और कांग्रेस को सिर्फ 9.7 फीसदी वोट मिले थे। दिल्ली में विधानसभा की 70 सीटें हैं जिसमें से 58 सामान्य श्रेणी की है, जबकि 12 सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। दिल्ली विधानसभा का कार्यकाल 22 फरवरी 2020 को समाप्त हो रहा है। दिल्ली चुनाव में कुल मतदाताओं की संख्या 1,47,03,692 है, जिसमें 1,46,92136 सामान्य मतदाता तथा 11,556 सर्विस वोटर थे। दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए 14 जनवरी को अधिसूचना जारी की गई थी। नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 21 जनवरी थी, जबकि नामांकन पत्र की जांच 22 जनवरी और नामांकन पत्र वापस लेने की अंतिम तिथि 24 जनवरी थी।"












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